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यात्रा के लिए महिलाओं उमड़ी भीड़, बसों में लाइन
Updated Mon, 07 Aug 2017 05:23 PM IST
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बस्ती। योगी सरकार का रक्षा बंधन पर महिलाओं की परिवहन निगम से मुफ्त यात्रा का फरमान सोमवार को नजर आया। रोडवेज परिसर में विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी। हालांकि निगम ने 86 बसों के अलावा 14 अतिरिक्त अनुबंधित बसों को भी मैदान में उतार दिया था, मगर भीड़ इस कदर उमड़ी की महिला यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
संभागीय परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 86 बसों को आठ रूटों पर संचालन करता है। इन बसों में यात्रा के लिए छह अगस्त की रात 12 बजे से महिलाओं के लिए मुफ्त टिकट का प्रबंध किया गया था। इसके तहत परिवहन निगम की सर्वर से जुड़े आटोमेटिक टिकटिंग मशीन से ही शून्य बैलेंस पर टिकट परिचालक उपलब्ध करा रहे थे।
विभागीय जिम्मेदार बताते हैं कि हर दिन औसतन छह हजार यात्रियों की आवाजाही यहां से होती है। रक्षा बंधन पर्व के चलते यह संख्या पांच सौ तक बढ़ जाती थी, मगर इस बार इसमें अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सरकार के फरमान को देखते हुए निगम ने 35 वाहन लखनऊ के लिए, 25 वाहन सिद्धार्थनगर के लिए, जबकि 22 वाहन गोरखपुर रूट पर संचालित किया। इसके अलावा अन्य स्थानों के लिए भी बसों का संचालन कराया गया।
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इनसेट
एटीएम ने भी दिया धोखा
महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए नेटवर्क ने परिचालकों को खूब छकाया। हालांकि एआरएम ने इन स्थितियों का आंकलन करते हुए मिनिमम टिकट पर मैनुअल शून्य बैलेंस के टिकट वितरण की व्यवस्था कर दी थी। इसका लाभ भी मिला।
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महिलाओं की सुनें
रोडवेज में बस का इंतजार कर रही रेखा ने बताया कि उन्हें गोरखपुर जाना है। घंटों से बस का इंतजार कर रही हैैं। दो बसें आई भी मगर वे बिना किसी सवारी को बैठाए ही चली गईं। मुहूर्त से पहले पहुंचना जरूरी है।
तुुरकहिया मोहल्ला निवासी सरिता ने कहा कि भई पैसा ले लो, मगर समय से पहुंचा दो। मुफ्त के चक्कर में घंटों से झेल रहे हैं। न जाने कब बस मिलेगी।
गांधी नगर निवासी महिला यात्री रेनू ने कहा कि सरकार की व्यवस्था ने आज पति व पत्नी दोनों को अपने-अपने ढंग से त्योहार मनाने का मौका दे दिया। पहले तो पति के साथ ही भाई को राखी बांधने जाते थे, मगर इस बार अकेले जा रहे हैं। उनकी बहन भी घर आकर राखी बांध सकेंगी।
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संभागीय परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 86 बसों को आठ रूटों पर संचालन करता है। इन बसों में यात्रा के लिए छह अगस्त की रात 12 बजे से महिलाओं के लिए मुफ्त टिकट का प्रबंध किया गया था। इसके तहत परिवहन निगम की सर्वर से जुड़े आटोमेटिक टिकटिंग मशीन से ही शून्य बैलेंस पर टिकट परिचालक उपलब्ध करा रहे थे।
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विभागीय जिम्मेदार बताते हैं कि हर दिन औसतन छह हजार यात्रियों की आवाजाही यहां से होती है। रक्षा बंधन पर्व के चलते यह संख्या पांच सौ तक बढ़ जाती थी, मगर इस बार इसमें अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सरकार के फरमान को देखते हुए निगम ने 35 वाहन लखनऊ के लिए, 25 वाहन सिद्धार्थनगर के लिए, जबकि 22 वाहन गोरखपुर रूट पर संचालित किया। इसके अलावा अन्य स्थानों के लिए भी बसों का संचालन कराया गया।
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एटीएम ने भी दिया धोखा
महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए नेटवर्क ने परिचालकों को खूब छकाया। हालांकि एआरएम ने इन स्थितियों का आंकलन करते हुए मिनिमम टिकट पर मैनुअल शून्य बैलेंस के टिकट वितरण की व्यवस्था कर दी थी। इसका लाभ भी मिला।
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महिलाओं की सुनें
रोडवेज में बस का इंतजार कर रही रेखा ने बताया कि उन्हें गोरखपुर जाना है। घंटों से बस का इंतजार कर रही हैैं। दो बसें आई भी मगर वे बिना किसी सवारी को बैठाए ही चली गईं। मुहूर्त से पहले पहुंचना जरूरी है।
तुुरकहिया मोहल्ला निवासी सरिता ने कहा कि भई पैसा ले लो, मगर समय से पहुंचा दो। मुफ्त के चक्कर में घंटों से झेल रहे हैं। न जाने कब बस मिलेगी।
गांधी नगर निवासी महिला यात्री रेनू ने कहा कि सरकार की व्यवस्था ने आज पति व पत्नी दोनों को अपने-अपने ढंग से त्योहार मनाने का मौका दे दिया। पहले तो पति के साथ ही भाई को राखी बांधने जाते थे, मगर इस बार अकेले जा रहे हैं। उनकी बहन भी घर आकर राखी बांध सकेंगी।