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Basti News: 84 कोसी परिक्रमा शुरू...मखौड़ा धाम से निकला संतों का जत्था
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परिक्रमा मार्ग के पहले पड़ाव स्थल रामरेखा नदी के तट पर विश्राम करते साधु-संत संवाद
छावनी। मोक्ष दायिनी 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। सुबह मखौड़ा धाम स्थित मनवर नदी के पवित्र तट पर स्नान, ध्यान और पूजन-अर्चन के बाद साधु संतों का जत्था परिक्रमा के लिए प्रस्थान कर गया।
इस दौरान सेवादारों ने श्रद्धालुओं का सेवा सत्कार कर उनका आर्शीवचन प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का जत्था परिक्रमा मार्ग पर पैदल चलने लगा है। रास्ते में लोग सेवा भाव से उनका स्वागत कर रहे हैं। मख भूमि मखौड़ा से धर्मार्थ सेवा संस्थान अयोध्या के महंत बाबा गया दास तथा विश्वहिंदू परिषद के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में साधु-संतों ने परिक्रमा प्रारंभ की है। श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को सुबह दस बजे से ही प्रथम पड़ाव स्थल रामरेखा पर पहुंचना शुरू हो गया है।
यहां शाम तक श्रद्धालु एवं साधु-संतों के आने का सिलसिला बना रहा। परिक्रमार्थी यहां रात्रि विश्राम करने के बाद शनिवार को सुबह दूसरे पड़ाव स्थल हनुमान बाग चकोही के लिए प्रथान करेंगे।
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यह परिक्रमा बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा जिलों से होकर गुजरेगी। रामरेखा के तट पर स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि इस बार परिक्रमा में लगभग 1200 साधु-संत शामिल हुए हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बताया कि मंदिर पर श्रद्धालुओं विश्राम, खाने, पीने व प्रकाश आदि की व्यवस्था पूरी की गई है।
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इस दौरान सेवादारों ने श्रद्धालुओं का सेवा सत्कार कर उनका आर्शीवचन प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का जत्था परिक्रमा मार्ग पर पैदल चलने लगा है। रास्ते में लोग सेवा भाव से उनका स्वागत कर रहे हैं। मख भूमि मखौड़ा से धर्मार्थ सेवा संस्थान अयोध्या के महंत बाबा गया दास तथा विश्वहिंदू परिषद के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में साधु-संतों ने परिक्रमा प्रारंभ की है। श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को सुबह दस बजे से ही प्रथम पड़ाव स्थल रामरेखा पर पहुंचना शुरू हो गया है।
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यहां शाम तक श्रद्धालु एवं साधु-संतों के आने का सिलसिला बना रहा। परिक्रमार्थी यहां रात्रि विश्राम करने के बाद शनिवार को सुबह दूसरे पड़ाव स्थल हनुमान बाग चकोही के लिए प्रथान करेंगे।
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यह परिक्रमा बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा जिलों से होकर गुजरेगी। रामरेखा के तट पर स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि इस बार परिक्रमा में लगभग 1200 साधु-संत शामिल हुए हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बताया कि मंदिर पर श्रद्धालुओं विश्राम, खाने, पीने व प्रकाश आदि की व्यवस्था पूरी की गई है।