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Basti News: 80 निजी अस्पतालों ने नहीं कराया नवीनीकरण, अब किए जाएंगे सील
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सीएमओ ऑफिस बस्ती
बस्ती। जिले के करीब 80 निजी अस्पतालों, क्लीनिक, लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर ने अब तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, जिससे उनके संचालन पर अब संकट खड़ा हो गया है। सीएमओ के अनुसार 30 अप्रैल तक जो आवेदन नहीं किए और उनका नवीनीकरण नहीं हो पाया है, ऐसे अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। पहले लाइसेंस निलंबित होगा फिर सीलिंग कार्रवाई की जाएगी।
जिले में संचालित करीब 80 निजी अस्पतालों के लाइसेंस पर संकट आ गया है, चूंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए टाइमलाइन 30 अप्रैल तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में तमाम संचालक चूक गए हैं। इधर, पोर्टल भी बंद हो गया है। ऐसे में अब संचालकों के सामने नई चुनौती आ खड़ी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां पिछले साल 325 निजी अस्पताल, पैथालॉजी, एक्स-रे सेंटर, क्लीनिक पंजीकृत थे। इनमें से 25 मानक पर नहीं हुए तो उनका नवीनीकरण नहीं हो पाया था।
300 में से 80 ने नए अस्पताल के लिए आवेदन किया था। मानक पूरे करने पर 2025-2026 के लिए ही लाइसेंस दिया गया था। बाकी के लिए पांच साल तक का लाइसेंस जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि इन 300 अस्पतालों में से 80 ने अभी तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। अब पोर्टल बंद हो गया है।
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सीएमओ डॉ. राजीव निगम का कहना है कि 80 अस्पतालों के पास लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 30 अप्रैल तक का समय था, अब जांच शुरू होगी। जो अस्पताल बिना नवीनीकरण के पाए पाए जाएंगे, कार्रवाई होगी।
वहीं, सूत्रों के अनुसार, गली, सकरे भवन और बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों के संचालकों में खलबली है। बताते हैं कि सेटिंग के जरिये तमाम अस्पताल चल रहे हैं। उदाहरण के लिए महिला अस्पताल के पास, जामडीह, कैली, पचपेड़िया, सोनूपार, ब्लॉक रोड, जिगिना, मुंडेरवा काफी है।
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जिले में संचालित करीब 80 निजी अस्पतालों के लाइसेंस पर संकट आ गया है, चूंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए टाइमलाइन 30 अप्रैल तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में तमाम संचालक चूक गए हैं। इधर, पोर्टल भी बंद हो गया है। ऐसे में अब संचालकों के सामने नई चुनौती आ खड़ी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां पिछले साल 325 निजी अस्पताल, पैथालॉजी, एक्स-रे सेंटर, क्लीनिक पंजीकृत थे। इनमें से 25 मानक पर नहीं हुए तो उनका नवीनीकरण नहीं हो पाया था।
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300 में से 80 ने नए अस्पताल के लिए आवेदन किया था। मानक पूरे करने पर 2025-2026 के लिए ही लाइसेंस दिया गया था। बाकी के लिए पांच साल तक का लाइसेंस जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि इन 300 अस्पतालों में से 80 ने अभी तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। अब पोर्टल बंद हो गया है।
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सीएमओ डॉ. राजीव निगम का कहना है कि 80 अस्पतालों के पास लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 30 अप्रैल तक का समय था, अब जांच शुरू होगी। जो अस्पताल बिना नवीनीकरण के पाए पाए जाएंगे, कार्रवाई होगी।
वहीं, सूत्रों के अनुसार, गली, सकरे भवन और बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों के संचालकों में खलबली है। बताते हैं कि सेटिंग के जरिये तमाम अस्पताल चल रहे हैं। उदाहरण के लिए महिला अस्पताल के पास, जामडीह, कैली, पचपेड़िया, सोनूपार, ब्लॉक रोड, जिगिना, मुंडेरवा काफी है।