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बच्चा वार्ड ः 42 बेड पर 70 मरीज

Sat, 27 Apr 2019 12:40 AM IST
basti Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 27 Apr 2019 12:40 AM IST
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बच्चा वार्ड ः 42 बेड पर 70 मरीज
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में मरीज का उपचार करती नर्स।
बस्ती। तीखी गर्मी से आम जनजीवन बेहाल है। बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं और वे उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आ जा रहे हैं। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में इस समय 42 बेड पर 70 बच्चे भर्ती हैं। इनकी देखरेख में कर्मियों को भी पसीना छूट रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन बीमारों का इलाज अस्पताल के दवा से कम बाहर की दवाओं के भरोसे ज्यादा है।
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शुक्रवार को जब अमर उजाला की टीम जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में पहुंची तो यहां वार्ड में अव्यवस्था मिली। बीमार बच्चों के बेड पर तीमारदार पसरे थे। लोगों का वार्ड में बेरोक टोक आना जाना जारी था। अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि यहां वार्ड में जाने से किसी को रोकने पर आम जन अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे में संवेदनशील होने के बावजूद लोगों को वार्ड के भीतर आना जाना होता है। वार्ड में भर्ती हर्रैया के चार वर्षीय जीवा, नगर के ढाई वर्षीय ऋतिक, दुधारा संतकबीर नगर निवासी 14 वर्षीय शोएब उल्टी दस्त से पीड़ित होकर भर्ती हुए हैं। इनके परिजन कहते हैं कि अस्पताल में तो सभी दवाएं हैं, मगर इन दवाओं पर भरोसा नहीं है। डाक्टर भी यहां बाहर की ही दवा लिखते हैं।
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महिला ने लगाया रकम मांगने का आरोप
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती भेलवल निवासी डेढ़ वर्षीय बच्ची दीपाली की परिजन जिगिनी निवासी आशा ने आरोप लगाया कि यहां महिला कर्मी मरीजों को तीमारदारों को लूटती हैं। सौ रुपये स्टाफ ने लिया, जबकि बिगो निकालने के लिए पचास रुपये की मांग दाई कर रही है। चार दिन में हजारों रुपये फूंक दिए, जबकि बच्ची को दस्त हो रहा था। हां इतना जरूर है कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ है।
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स्वयं ले जाना पड़ा स्ट्रेचर
शहर के निवासी आशीष के परिवार की युवती को दिखाने के बाद डाक्टर ने वार्ड में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद स्ट्रेचर लेकर आए तो पता चला कि इसे स्वयं लेकर जाना है। ऐसे में ओपीडी से प्राइवेट वार्ड तक आशीष व उनके भाई स्ट्रेचर खींचते हुए गए।


दूर की जाएगी कमियां
प्रभारी एसआईसी डॉ. राम प्रकाश ने कहा कि मरीज के तीमारदार चिल्ड्रेन वार्ड में उनके साथ क्या हुआ इसकी शिकायत नहीं करते। यदि किसी भी मरीज व तीमारदार के साथ ऐसा कुछ भी हो तो उन्हें इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को देनी चाहिए। यदि चिल्ड्रेन वार्ड में कोई रकम मांग रहा है तो उसकी जानकारी ली जाएगी। दोषी पर कार्रवाई होगी।
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