{"_id":"5b2e82ac4f1c1b603c8b51df","slug":"71529774764-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीसीएफ के अंतिम खरीद की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीसीएफ के अंतिम खरीद की होगी जांच
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:19 PM IST
विज्ञापन
टैंक्टर टाली पर लदा गेहूं।
विज्ञापन
बस्ती। गेहूं खरीद को लेकर सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। किसानों से ही गेहूं खरीद की जाए इसके निर्देश शासन ने दिए थे। जिले में पीसीएफ के कुल 107 केंद्रों से अंतिम दिन के खरीद का ब्योरा एफसीआई ने तलब किया है। जिला प्रबंधक पीसीएफ से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
गेहूं खरीद को लेकर इस बार तय नीति कुछ अलग रही। किसानों से खरीद हो सके इसके लिए सरकार ने रणनीति बनाई और पंजीकृत किसानों से ही खरीद का निर्देश दिया। इस खरीद की ऑनलाइन फीडिंग भी उसी दिन करने के आदेश थे। इसके बाद खरीद शुरू हुई तो जिले में पीसीएफ का ग्राफ 47082 एमटी पहुंच गया। हालांकि लक्ष्य 38600 एमटी था और इसके लिए 109 केंद्र तय हुए, मगर दो केंद्र अंतिम समय तक सक्रिय नहीं हो सके। नतीजतन 107 केंद्रों ने भरपूर खरीद की। यह अलग बात है कि इस खरीद के चलते गेहूं का भंडारण पीसीएफ की समितियों को खासा मुसीबत में डाला, मगर खरीद फिर भी जारी रही। यूं तो खरीद का औसत आठ से नौ सौ एमटी प्रतिदिन रहा, मगर अंतिम समय में पीसीएफ का ग्राफ तेजी से चढ़ा और एक ही दिन में करीब 28 सौ मीट्रिक टन की खरीद समितियों ने कर डाली। अचानक बढ़ी खरीद को लेकर एफसीआई के कान खड़े हो गए। हालांकि पीसीएफ ने अंतिम डाटा फीड नहीं किया, मगर अधिक खरीद हो जाने से भंडारण का शेड्यूल गड़बड़ा गया। खाद्य एवं रसद विभाग के भंडारण की रणनीति पर भी इसका असर पड़ा। भंडारण की समस्या अब भी बरकरार है। करीब तीस हजार क्विंटल गेहूं अब भी भंडारण के लिए शेष रह गया है। इन स्थितियों को देखते हुए एफसीआई ने पीसीएफ के सभी केंद्रों का आंकड़ा तलब किया है।
विज्ञापन
जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित कुमार चौधरी ने बताया कि एफसीआई ने अंतिम तीन दिनों के खरीद का आंकड़ा मांगा है। इसकी फीडिंग चल रही है। डाटा तैयार कर एफसीआई को भेज दिया जाएगा। फिलहाल सेंटरों पर किसानों से ही शत-प्रतिशत खरीद की गई है। कई किसान ऐसे भी हैं, जो अपना गेहूं दो व तीन बार बेेचे हैं।
विज्ञापन