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Basti News: 1187 ग्राम पंचायतों में 69.40 लाख मानव दिवस सृजित..748 गांवों में काम का इंतजार
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बस्ती। जीरामजी योजना के तहत चालू सत्र 2026-27 में 69.48 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। वहीं, अप्रैल माह में 32 हजार 599 मानव दिवस पूर्ण हुए हैं।
इस अवधि में जिले की सभी 1187 ग्राम पंचायतों में पात्र लोगों को काम दिया जाएगा।
योजना की राशि मंजूर हो चुकी है, जिससे रोजगार के साथ गांवों में विकास कार्य भी कराए जाएंगे। हालांकि, अभी 748 गांव काम के इंतजार में हैं।
डीसी मनरेगा संजय कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल नई योजना लागू नहीं हुई है, इसलिए मनरेगा के तहत ही कार्य कराए जा रहे हैं। एक व्यक्ति के द्वारा एक दिन किया गया कार्य एक मानव दिवस माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति 10 दिन काम करता है तो उसे 10 मानव दिवस में गिना जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 100 दिन रोजगार देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में एक दिन की मजदूरी 237 रुपये निर्धारित है। जिले में दो लाख 87 हजार के करीब मजदूर पंजीकृत हैं। इसमें महिला और पुरुष श्रमिक दोनों हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव तैयार कर कार्यों का चयन करते हैं। योजना के तहत रास्तों का निर्माण, तालाबों की खुदाई और वर्षा जल संचयन जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। मानव दिवस सृजित होने से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
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इस अवधि में जिले की सभी 1187 ग्राम पंचायतों में पात्र लोगों को काम दिया जाएगा।
योजना की राशि मंजूर हो चुकी है, जिससे रोजगार के साथ गांवों में विकास कार्य भी कराए जाएंगे। हालांकि, अभी 748 गांव काम के इंतजार में हैं।
डीसी मनरेगा संजय कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल नई योजना लागू नहीं हुई है, इसलिए मनरेगा के तहत ही कार्य कराए जा रहे हैं। एक व्यक्ति के द्वारा एक दिन किया गया कार्य एक मानव दिवस माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति 10 दिन काम करता है तो उसे 10 मानव दिवस में गिना जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 100 दिन रोजगार देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में एक दिन की मजदूरी 237 रुपये निर्धारित है। जिले में दो लाख 87 हजार के करीब मजदूर पंजीकृत हैं। इसमें महिला और पुरुष श्रमिक दोनों हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव तैयार कर कार्यों का चयन करते हैं। योजना के तहत रास्तों का निर्माण, तालाबों की खुदाई और वर्षा जल संचयन जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। मानव दिवस सृजित होने से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
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