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Basti News: ड्रोन बनाने के नाम पर 62 लाख की ठगी, प्राथमिकी दर्ज
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नगर बाजार (बस्ती)। खुद को ड्रोन इनोवेटर बताकर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट का सपना दिखाने और 62 लाख रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी ने खुद को रसूखदार लोगों को करीबी बताकर झांसे में लिया था।
थाना नगर क्षेत्र के तिनपेड़िया निवासी चन्द्रभूषण मिश्र का आरोप है कि दिल्ली में उनकी मुलाकात महराजगंज जनपद के कोठीभार (सिसवा बाजार) निवासी राहुल सिंह से हुई थी। राहुल ने खुद को ड्रोन इनोवेटर बताते हुए बड़े-बड़े प्रोजेक्ट, रसूखदार लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो दिखाकर झांसे में लिया। आरोप है कि राहुल सिंह ने एक दिन फोन कर बताया कि वह केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले एक नए ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, लेकिन उसका महत्वपूर्ण पार्ट खराब हो गया है।
उसने तत्काल 62 लाख रुपये की जरूरत बताई। साथ ही रिसर्च कार्य के लिए मोबाइल फोन और लैपटॉप की मांग भी की। चन्द्रभूषण का कहना है कि आरोपी की बातों पर विश्वास कर उन्होंने दो मोबाइल फोन उपलब्ध कराए और 17 सितंबर 2025 को उसके बताए बैंक खाते में 62 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। समय बीतने के बाद भी न तो रकम वापस मिली और न ही कोई प्रोजेक्ट सामने आया।
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पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इतना ही नहीं, रसूखदार लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो भेजकर दबाव बनाने और धमकाया भी। थाना प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, मामले की जांच की जा रही है।
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नौकरी दिलाने के नाम ठगे गए कई लोग
केस- एक
12 दिसंबर 2025 को नगर थाना क्षेत्र में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से आठ लाख 91 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। मसानडीह गांव निवासी मोहम्मद इरशाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि क्षेत्र के ग्राम मदारपुर के रहने वाले शख्स ने विदेश में नौकरी दिलाने की बात कहकर उसके पिता को झांसे में लिया और विभिन्न तिथियों में 8,91,000 रुपये तबरेज खान नामक शख्स के खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये देने के एक साल बाद भी उसे विदेश नहीं भेजा गया तो उन्होंने रुपये और पासपोर्ट वापस मांगा। कुछ दिन तक तो आरोपी टालमटोल करता रहा, इसके बाद धमकाने लगा।
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केस- दो
बीती 21 मई को हर्रैया पुलिस ने ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। थाना क्षेत्र के जोगापुर के रहने वाले राधेश्याम ने तहरीर देकर बताया कि दुबौलिया थानाक्षेत्र के भरपुरा गांव निवासी सतीश पांडेय ने उनकी बहन की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये ले लिए। भर्ती की फर्जी सूची में नाम लिखवाकर उसका प्रिंट भी दे दिया। पता करने पर वह फर्जी सूची निकली। वापस मांगने पर तीस हजार रुपये लौटाए, शेष 70 हजार रुपये हड़प लिए। पुलिस ने आरोपी सतीश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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केस- तीन
नगर थाना क्षेत्र में दो दिन पहले नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला चर्चा में आया। न्यायालय के आदेश पुलिस ने प्राथमिकी भी दर्ज की है। मरवटिया बाबू गांव निवासी अजय ने तहरीर देकर बताया कि कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित नानू मुडे़रा निवासी शत्रुधन लाल श्रीवास्तव ने खुद को सरकारी विभाग में कार्यरत बताते हुए जल निगम एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने पहले नकद और बाद में बैंक खाते व फोन-पे के माध्यम से भी रकम मंगाई। कुल 4.60 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर ले लिए। फर्जी नियुक्ति पत्र और भर्ती के संदेश भी भेजे थे।
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थाना नगर क्षेत्र के तिनपेड़िया निवासी चन्द्रभूषण मिश्र का आरोप है कि दिल्ली में उनकी मुलाकात महराजगंज जनपद के कोठीभार (सिसवा बाजार) निवासी राहुल सिंह से हुई थी। राहुल ने खुद को ड्रोन इनोवेटर बताते हुए बड़े-बड़े प्रोजेक्ट, रसूखदार लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो दिखाकर झांसे में लिया। आरोप है कि राहुल सिंह ने एक दिन फोन कर बताया कि वह केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले एक नए ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, लेकिन उसका महत्वपूर्ण पार्ट खराब हो गया है।
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उसने तत्काल 62 लाख रुपये की जरूरत बताई। साथ ही रिसर्च कार्य के लिए मोबाइल फोन और लैपटॉप की मांग भी की। चन्द्रभूषण का कहना है कि आरोपी की बातों पर विश्वास कर उन्होंने दो मोबाइल फोन उपलब्ध कराए और 17 सितंबर 2025 को उसके बताए बैंक खाते में 62 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। समय बीतने के बाद भी न तो रकम वापस मिली और न ही कोई प्रोजेक्ट सामने आया।
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पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इतना ही नहीं, रसूखदार लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो भेजकर दबाव बनाने और धमकाया भी। थाना प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, मामले की जांच की जा रही है।
नौकरी दिलाने के नाम ठगे गए कई लोग
केस- एक
12 दिसंबर 2025 को नगर थाना क्षेत्र में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से आठ लाख 91 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। मसानडीह गांव निवासी मोहम्मद इरशाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि क्षेत्र के ग्राम मदारपुर के रहने वाले शख्स ने विदेश में नौकरी दिलाने की बात कहकर उसके पिता को झांसे में लिया और विभिन्न तिथियों में 8,91,000 रुपये तबरेज खान नामक शख्स के खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये देने के एक साल बाद भी उसे विदेश नहीं भेजा गया तो उन्होंने रुपये और पासपोर्ट वापस मांगा। कुछ दिन तक तो आरोपी टालमटोल करता रहा, इसके बाद धमकाने लगा।
केस- दो
बीती 21 मई को हर्रैया पुलिस ने ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। थाना क्षेत्र के जोगापुर के रहने वाले राधेश्याम ने तहरीर देकर बताया कि दुबौलिया थानाक्षेत्र के भरपुरा गांव निवासी सतीश पांडेय ने उनकी बहन की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये ले लिए। भर्ती की फर्जी सूची में नाम लिखवाकर उसका प्रिंट भी दे दिया। पता करने पर वह फर्जी सूची निकली। वापस मांगने पर तीस हजार रुपये लौटाए, शेष 70 हजार रुपये हड़प लिए। पुलिस ने आरोपी सतीश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
केस- तीन
नगर थाना क्षेत्र में दो दिन पहले नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला चर्चा में आया। न्यायालय के आदेश पुलिस ने प्राथमिकी भी दर्ज की है। मरवटिया बाबू गांव निवासी अजय ने तहरीर देकर बताया कि कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित नानू मुडे़रा निवासी शत्रुधन लाल श्रीवास्तव ने खुद को सरकारी विभाग में कार्यरत बताते हुए जल निगम एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने पहले नकद और बाद में बैंक खाते व फोन-पे के माध्यम से भी रकम मंगाई। कुल 4.60 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर ले लिए। फर्जी नियुक्ति पत्र और भर्ती के संदेश भी भेजे थे।