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मिश्रौलिया: गंदगी के चलते छोड़ दिया रास्ता
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:13 PM IST
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मिश्रौलिया: गंदगी के चलते छोड़ दिया रास्ता
फोटो
वार्ड में नहीं पहुंची स्वच्छता की बयार
पांच हजार आबादी पर सिर्फ नौ सफाईकर्मी: सभासद
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शासन की मंशा है कि शहर से लेकर गांव तक की गलियां साफ-सुथरी हों। लोगों को गंदगी भरे माहौल से निजात मिले। स्वच्छता रहेगी तो बीमारी दूर भागेगी, लेकिन मिश्रौलिया वार्ड में यह अभी दूर है। गिनती में तो शहर का मिश्रौलिया वार्ड दो नंबर पर है। इस वार्ड की आबादी पांच हजार से अधिक है। सभासद से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष, विधायक व सांसद का चुनाव यहां की जनता करती है। वार्ड की टूटी सड़कें और इधर-उधर बिखरे कूड़े से उठती दुर्गंध हालात बयां कर रहे हैं। राजा मैदान स्थित बूधन टोले में गंदे पानी की निकासी न होने के चलते मैदान में कई घरों का गंदा पानी इक्ट्ठा हो रहा है, जिसके चलते लोगों का जीवन नारकीय बन गया है, लाखों खर्च कर मोहल्ले के भीतर बनी सड़क पर इतनी गंदगी है कि लोगों ने इस रास्ते को ही छोड़ दिया है। इस बाबत सभासद डब्लू सोनकर कहते हैं कि वार्ड की आबादी पांच हजार से ऊपर है। महज सफाई कर्मी ही यहां नियुक्त हैं। ऐसे में पूरे वार्ड को एक साथ कवर नहीं किया जा सकता है। टूटी सड़कों व जल निकासी पर डब्लू कहते हैं कि पानी निकासी नहीं होने से लोगों का जीवन नरकीय बना है। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में इन सबसे निपटने के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य कराया जाएगा। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव आया है। शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जल्द ही वार्ड का काया कल्प होगा।
लटके हैं तार, फैला है गंदा पानी
वार्ड के कुछ टोलों में जर्जर पोल से जमीं छूते तार से खतरे की आशंका बनी रहती है। न तो जल निकासी का समुचित प्रबंध हैं और न ही सफाई की बेहतर व्यवस्था। सुनरा देवी कहती हैं कि आप तो देख ही रहे हैं कि गलियों की क्या स्थिति है। कई महीने से पोल पर लगा हाईमास्ट खराब है। बाबू राम ने कहा कि टूटी नालियों का पानी रास्ते में फैला रहता है। जबकि राजन का कहना है कि वार्ड बड़ा है, सफाई तो होती है, लोगों को खुद जागरूक होना चाहिए।
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फोटो
वार्ड में नहीं पहुंची स्वच्छता की बयार
पांच हजार आबादी पर सिर्फ नौ सफाईकर्मी: सभासद
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शासन की मंशा है कि शहर से लेकर गांव तक की गलियां साफ-सुथरी हों। लोगों को गंदगी भरे माहौल से निजात मिले। स्वच्छता रहेगी तो बीमारी दूर भागेगी, लेकिन मिश्रौलिया वार्ड में यह अभी दूर है। गिनती में तो शहर का मिश्रौलिया वार्ड दो नंबर पर है। इस वार्ड की आबादी पांच हजार से अधिक है। सभासद से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष, विधायक व सांसद का चुनाव यहां की जनता करती है। वार्ड की टूटी सड़कें और इधर-उधर बिखरे कूड़े से उठती दुर्गंध हालात बयां कर रहे हैं। राजा मैदान स्थित बूधन टोले में गंदे पानी की निकासी न होने के चलते मैदान में कई घरों का गंदा पानी इक्ट्ठा हो रहा है, जिसके चलते लोगों का जीवन नारकीय बन गया है, लाखों खर्च कर मोहल्ले के भीतर बनी सड़क पर इतनी गंदगी है कि लोगों ने इस रास्ते को ही छोड़ दिया है। इस बाबत सभासद डब्लू सोनकर कहते हैं कि वार्ड की आबादी पांच हजार से ऊपर है। महज सफाई कर्मी ही यहां नियुक्त हैं। ऐसे में पूरे वार्ड को एक साथ कवर नहीं किया जा सकता है। टूटी सड़कों व जल निकासी पर डब्लू कहते हैं कि पानी निकासी नहीं होने से लोगों का जीवन नरकीय बना है। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में इन सबसे निपटने के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य कराया जाएगा। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव आया है। शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जल्द ही वार्ड का काया कल्प होगा।
लटके हैं तार, फैला है गंदा पानी
वार्ड के कुछ टोलों में जर्जर पोल से जमीं छूते तार से खतरे की आशंका बनी रहती है। न तो जल निकासी का समुचित प्रबंध हैं और न ही सफाई की बेहतर व्यवस्था। सुनरा देवी कहती हैं कि आप तो देख ही रहे हैं कि गलियों की क्या स्थिति है। कई महीने से पोल पर लगा हाईमास्ट खराब है। बाबू राम ने कहा कि टूटी नालियों का पानी रास्ते में फैला रहता है। जबकि राजन का कहना है कि वार्ड बड़ा है, सफाई तो होती है, लोगों को खुद जागरूक होना चाहिए।
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