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चयन के बाद तैनाती के इंतजार में 55 एएनएम
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चयन के बाद तैनाती के इंतजार में 55 एएनएम
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नव चयनित 55 एएनएम को तीन माह बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि, कोरोना काल में विभाग को स्टाफ की सख्त जरूरत है। विभागीय जिम्मेदारों की उपेक्षा से इन कर्मियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इसे लेकर खुद अभ्यर्थी व उसके परिजन बेहद परेशान हैं।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम के तहत करीब चार माह पहले एएनएम की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके क्रम में 55 एएनएम का चयन हुआ। कोरोना काल में टीकाकरण के लिए की गई इस नियुक्ति का कोई लाभ स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाया है। वजह यह कि सभी चयन व सत्यापन के बाद भी अपनी तैनाती का इंतजार कर रही हैं। नवचयनित एएनएम का कहना है कि विभाग की इस कार्य प्रणाली से वह परेशान हैं। लेकिन, जिम्मेदार सुनने को तैयार ही नहीं हैं। जबकि नवचयनित के अभिभावक कहते हैं कि सीएमओ इनकी नियुक्ति को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनसे मिलना भी आसान नहीं है क्योंकि वे कार्यालय में बहुत कम आते हैं। ऐसे में कैंप कार्यालय यानी उनके आवास पर वे आम लोगों से नहीं मिलते।
पूरा हो चुका है सत्यापन : एसीएमओ
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. फखरेयार हुसैन ने कहा कि नव चयनित एएनएम की नियुक्ति के बाद उनका सत्यापन भी करा लिया गया है। सभी अभिलेख सत्यापित हैं और इनकी तैनाती होने से टीकाकरण व अन्य कार्य में सहयोग लिया जा सकेगा। इस पूरे प्रकरण से सीएमओ को अवगत करा दिया गया है।
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बोले, सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि मामला संज्ञान में है। चुनाव व अन्य कारणों के चलते इस पर निर्णय नहीं हो सका था। अब शीघ्र ही इस मामले को गंभीरता से निदान किया जाएगा।
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नव चयनित 55 एएनएम को तीन माह बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि, कोरोना काल में विभाग को स्टाफ की सख्त जरूरत है। विभागीय जिम्मेदारों की उपेक्षा से इन कर्मियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इसे लेकर खुद अभ्यर्थी व उसके परिजन बेहद परेशान हैं।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम के तहत करीब चार माह पहले एएनएम की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके क्रम में 55 एएनएम का चयन हुआ। कोरोना काल में टीकाकरण के लिए की गई इस नियुक्ति का कोई लाभ स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाया है। वजह यह कि सभी चयन व सत्यापन के बाद भी अपनी तैनाती का इंतजार कर रही हैं। नवचयनित एएनएम का कहना है कि विभाग की इस कार्य प्रणाली से वह परेशान हैं। लेकिन, जिम्मेदार सुनने को तैयार ही नहीं हैं। जबकि नवचयनित के अभिभावक कहते हैं कि सीएमओ इनकी नियुक्ति को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनसे मिलना भी आसान नहीं है क्योंकि वे कार्यालय में बहुत कम आते हैं। ऐसे में कैंप कार्यालय यानी उनके आवास पर वे आम लोगों से नहीं मिलते।
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पूरा हो चुका है सत्यापन : एसीएमओ
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. फखरेयार हुसैन ने कहा कि नव चयनित एएनएम की नियुक्ति के बाद उनका सत्यापन भी करा लिया गया है। सभी अभिलेख सत्यापित हैं और इनकी तैनाती होने से टीकाकरण व अन्य कार्य में सहयोग लिया जा सकेगा। इस पूरे प्रकरण से सीएमओ को अवगत करा दिया गया है।
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बोले, सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि मामला संज्ञान में है। चुनाव व अन्य कारणों के चलते इस पर निर्णय नहीं हो सका था। अब शीघ्र ही इस मामले को गंभीरता से निदान किया जाएगा।