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Basti News: 372 विद्यालय जर्जर, तकनीकी टीम करेगी सत्यापन
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परशुरामपुर ब्लाक के हरि गांव में जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन
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बस्ती। जिले के 372 परिषदीय विद्यालयों के भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। अब इन भवनों का तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेगी। जांच के दौरान भवन की स्थिति और अनुमानित कीमत का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत योग्य और ध्वस्तीकरण योग्य भवनों की अलग-अलग सूची तैयार होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद ही विभाग जर्जर भवनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगा।
जिले में कुल 2071 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। मौजूदा शैक्षिक सत्र में इनमें से 372 विद्यालय भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। कहीं कक्ष तो कहीं रसोई और शौचालय भवन की स्थिति खराब है। इन भवनों के ध्वस्तीकरण अथवा मरम्मत की कार्रवाई के लिए विभाग तकनीकी टीम को सूची उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
तकनीकी टीम में आरईडी के अधिशासी अभियंता के साथ पीडब्ल्यूडी और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शामिल हैं। टीम मौके पर जाकर भवनों की स्थिति का मूल्यांकन करेगी। मरम्मत योग्य भवनों को एक सूची में रखा जाएगा, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया जाएगा।
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सत्यापन के बाद टीम अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जर्जर घोषित भवनों में फिलहाल बच्चों की पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्ष या विद्यालय के दूसरे सुरक्षित कमरों में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
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जिले में कुल 2071 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। मौजूदा शैक्षिक सत्र में इनमें से 372 विद्यालय भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। कहीं कक्ष तो कहीं रसोई और शौचालय भवन की स्थिति खराब है। इन भवनों के ध्वस्तीकरण अथवा मरम्मत की कार्रवाई के लिए विभाग तकनीकी टीम को सूची उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
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तकनीकी टीम में आरईडी के अधिशासी अभियंता के साथ पीडब्ल्यूडी और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शामिल हैं। टीम मौके पर जाकर भवनों की स्थिति का मूल्यांकन करेगी। मरम्मत योग्य भवनों को एक सूची में रखा जाएगा, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया जाएगा।
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सत्यापन के बाद टीम अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जर्जर घोषित भवनों में फिलहाल बच्चों की पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्ष या विद्यालय के दूसरे सुरक्षित कमरों में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।