{"_id":"59cbe68d4f1c1b9c538b4b12","slug":"31506535053-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमा कंपनी को अदा करना होगा एक लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमा कंपनी को अदा करना होगा एक लाख
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राम दरश, सदस्य महादेव प्रसाद दूबे व शोभा मित्रा ने एलआईसी को दुर्घटना हित लाभ के एक लाख की रकम देने का आदेश दिया है। यह रकम मृतक के पिता को मिलेगी, जिसे कंपनी साठ दिनों के भीतर अदा करेगी। फोरम ने परिवादी को भी आदेशित किया है कि न्यायालय में दाखिल प्रपत्र की प्रति कंपनी को भी पहुंचाएं।
नगर थाना क्षेत्र के पुरैना निवासी पारस नाथ ने अपने पुत्र राजेश कुमार के नाम से एलआईसी बस्ती में बीमा कराया था। समय से किस्तों को भी अदा किया गया। राजेश की 29 अगस्त 2012 को गुजरात जाते समय गोधरा के पास ट्रेन से गिर कर मौत हो गई। पारस नाथ ने अपने पुत्र की मृत्यु संबंधी सारे अभिलेख प्राप्त करने के बाद एलआईसी को उपलब्ध करा दी। उन्होंने बीमा की धनराशि देने की मांग की, जिसमें बीमा कंपनी द्वारा मृत्यु दावा आंशिक रूप से 1.05 लाख रुपये का भुगतान किया किन्तु दुर्घटना हित का लाभ देने से इंकार कर दिया। परिवादी को कंपनी ने बताया कि उसने समस्त पुलिस प्रपत्र हिंदी में या अंग्रेजी में अनुवाद करा कर उपलब्ध कराए। इसे न करने की दशा में दुर्घटना हित लाभ लंबित रहेगा। परिवादी ने शाखा प्रबंधक व मंडल प्रबंधक को नोटिस देकर परिवाद दाखिल कर दिया। पक्षों को सुनने के बाद फोरम के मंच ने फैसला सुना दिया।
विज्ञापन
नगर थाना क्षेत्र के पुरैना निवासी पारस नाथ ने अपने पुत्र राजेश कुमार के नाम से एलआईसी बस्ती में बीमा कराया था। समय से किस्तों को भी अदा किया गया। राजेश की 29 अगस्त 2012 को गुजरात जाते समय गोधरा के पास ट्रेन से गिर कर मौत हो गई। पारस नाथ ने अपने पुत्र की मृत्यु संबंधी सारे अभिलेख प्राप्त करने के बाद एलआईसी को उपलब्ध करा दी। उन्होंने बीमा की धनराशि देने की मांग की, जिसमें बीमा कंपनी द्वारा मृत्यु दावा आंशिक रूप से 1.05 लाख रुपये का भुगतान किया किन्तु दुर्घटना हित का लाभ देने से इंकार कर दिया। परिवादी को कंपनी ने बताया कि उसने समस्त पुलिस प्रपत्र हिंदी में या अंग्रेजी में अनुवाद करा कर उपलब्ध कराए। इसे न करने की दशा में दुर्घटना हित लाभ लंबित रहेगा। परिवादी ने शाखा प्रबंधक व मंडल प्रबंधक को नोटिस देकर परिवाद दाखिल कर दिया। पक्षों को सुनने के बाद फोरम के मंच ने फैसला सुना दिया।
विज्ञापन