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नौ माह शेष अभी ओडीएफ होने हैं 2893 गांव
basti
Updated Mon, 18 Jun 2018 11:49 PM IST
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Toilet scandal
- फोटो : india today
बस्ती। स्वच्छ भारत अभियान में जिले के 3102 गांवों को खुले में शौच मुक्त का लक्ष्य तय किया गया है। यह लक्ष्य मार्च 2019 तक पूरा किया जाना है। इस अभियान में कागज में 209 गांव ओडीएफ करा दिए गए हैं, मगर अब भी 2893 गांवों तक अभियान नहीं पहुंच सका है, जबकि समय सीमा करीब नौ माह शेष है। अभियान के तहत जिले में लक्ष्य 2.90 के सापेक्ष 1.36 लाख शौचालय निर्माण भी कराए गए हैं, जबकि अब भी करीब 1.54 हजार शौचालय निर्माण शेष हैं।
खुले में शौच के वायरस से बीमारियों का अंदेशा रहता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने की मुहिम चला रखी है। इस पर केंद्र सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, मगर सरकार की मंशा पर ग्रामीणों की जागरूकता व जिम्मेदारों की अरुचि से पानी फिर रहा है। यह अलग बात है कि जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ी मिशन की टीम ने कागज में 209 गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया है, मगर अब भी इसमें से कई गांव ऐसे हैं, जहां शौचालय में भूसा व कंडा रखा जा रहा है तो कुछेक गांवों में शौचालय अब तक अपूर्ण हैं। ऐसे में ग्रामीण अब भी शौच के लिए खेत में जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारी इससे इत्तफाक करते हैं, कहते हैं कि तमाम कोशिश की जा रही है, मगर कई स्थानों पर प्रेरित करने वाली टीम से लोग उलझ जा रहे हैं। मिशन से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो दूरस्थ गांवों में तो ग्रामीण इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं, मगर शहर से सटे गांव में इसे लेकर वह जागरूकता नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी शिवशंकर सिंह कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन में ओडीएफ की गति धीमी जरूर है, मगर समय सीमा में इसे पूरा कर लिया जाएगा। कहते हैं कि शौचालय का जो लक्ष्य तय है उसमें भी तेजी लाई जा रही है। हर दिन 1494 शौचालय निर्माण कराने की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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खुले में शौच के वायरस से बीमारियों का अंदेशा रहता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने की मुहिम चला रखी है। इस पर केंद्र सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, मगर सरकार की मंशा पर ग्रामीणों की जागरूकता व जिम्मेदारों की अरुचि से पानी फिर रहा है। यह अलग बात है कि जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ी मिशन की टीम ने कागज में 209 गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया है, मगर अब भी इसमें से कई गांव ऐसे हैं, जहां शौचालय में भूसा व कंडा रखा जा रहा है तो कुछेक गांवों में शौचालय अब तक अपूर्ण हैं। ऐसे में ग्रामीण अब भी शौच के लिए खेत में जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारी इससे इत्तफाक करते हैं, कहते हैं कि तमाम कोशिश की जा रही है, मगर कई स्थानों पर प्रेरित करने वाली टीम से लोग उलझ जा रहे हैं। मिशन से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो दूरस्थ गांवों में तो ग्रामीण इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं, मगर शहर से सटे गांव में इसे लेकर वह जागरूकता नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी शिवशंकर सिंह कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन में ओडीएफ की गति धीमी जरूर है, मगर समय सीमा में इसे पूरा कर लिया जाएगा। कहते हैं कि शौचालय का जो लक्ष्य तय है उसमें भी तेजी लाई जा रही है। हर दिन 1494 शौचालय निर्माण कराने की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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