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राष्ट्रीय लोक अदालत में 27508 मामलों का निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:51 AM IST
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बस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला जज एमए सिद्दीकी की
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अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें
कुल 27508 मामले सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए।
जनपद न्यायालय परिसर, आयुक्त न्यायालय, जिलाधिकारी न्यायालय एवं सभी तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को आयोजित हुए। राष्ट्रीय लोक अदालतों की गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण भारत की सांस्कृतिक एवं प्राचीन परंपरा है।
विवाद को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने से आपसी सौहार्द और भाईचारा कायम रहता है। जनपद न्यायाधीश एमए सिद्दीकी ने वर्तमान सन्दर्भ के परिप्रेक्ष्य में कहा कि समझौतों पर केंद्रित विवादों के निस्तारण में विवादों को प्रश्रय देना अपने आप में एक विसंगति ही है।
जिला जज ने, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी रमा शंकर सिंह, सचिव सिविल जज हर्षवर्धन सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ जनपद न्यायालय परिसर में लगाये गये बैंकों के ऋण्ण माफी शिविरों और विविध न्यायालयों का निरीक्षण भी किया।
आयुक्त पीके सिंह ने सुलह के आधार पर मामलों के निस्तारण में लोक संवाद की भूमिका को रेखांकित करते हुये कहा कि वादों के अधिकाधिक निस्तारण से प्रगति को बल मिलता है।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित न्यायालयों का निरीक्षण करते हुये उप जिलाधिकारी राम प्रसाद को फ रियादियों और मुकदमों की संख्या देखते हुये निर्देशित किया कि 107(16) से संबंधित सभी केसों को आज ही निस्तारित करा दिया जाय।
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के 2476, फौजदारी के लघुवाद के 8053, राजस्व और दाखिल खारिज के 1257, फौजदारी के समनीय वाद 97, परिवारिक विवाद के 39, उत्तराधिकार में 39, श्रम के 19, सिविल मामले 27, विद्युत के 14, टैक्स के 15, वन अधिनियम के 74, प्रकीर्ण अपील के 09, अन्य प्रकृति के 2393 मामले सहित 27508 मामले निस्तारित किए गए।
इस मौके पर न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह, विनय खरे, कृपाशंकर शर्मा, मृदुला कुमार, विवेक त्रिपाठी, राममिलन सिंह, रमाशंकर सिंह, अजय कुमार शाही, सबीह जेहरा, मोहन लाल, प्रमोद कुमार गुप्ता, आसिफ इकबाल रिजवी, सौरभ द्विवेदी, हरिश्चंद्र, फारूख इनाम सिद्दीकी, यशवंत कुमार सरोज, नेहा रुगटा, सुरेश कुमार दूबे, शुभम वर्मा, योगेंद्र नाथ त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
कार्यबहिष्कार जारी रहा
तहसील मुख्यालयों पर ग्राम अदालत के गठन को लेकर 26 नंवबर से चल रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार कार्यबहिष्कार जारी रहा। अधिवक्ता न्यायालयों में नहीं गए।
जनपद न्यायालय परिसर, आयुक्त न्यायालय, जिलाधिकारी न्यायालय एवं सभी तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को आयोजित हुए। राष्ट्रीय लोक अदालतों की गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण भारत की सांस्कृतिक एवं प्राचीन परंपरा है।
विवाद को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने से आपसी सौहार्द और भाईचारा कायम रहता है। जनपद न्यायाधीश एमए सिद्दीकी ने वर्तमान सन्दर्भ के परिप्रेक्ष्य में कहा कि समझौतों पर केंद्रित विवादों के निस्तारण में विवादों को प्रश्रय देना अपने आप में एक विसंगति ही है।
जिला जज ने, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी रमा शंकर सिंह, सचिव सिविल जज हर्षवर्धन सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ जनपद न्यायालय परिसर में लगाये गये बैंकों के ऋण्ण माफी शिविरों और विविध न्यायालयों का निरीक्षण भी किया।
आयुक्त पीके सिंह ने सुलह के आधार पर मामलों के निस्तारण में लोक संवाद की भूमिका को रेखांकित करते हुये कहा कि वादों के अधिकाधिक निस्तारण से प्रगति को बल मिलता है।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित न्यायालयों का निरीक्षण करते हुये उप जिलाधिकारी राम प्रसाद को फ रियादियों और मुकदमों की संख्या देखते हुये निर्देशित किया कि 107(16) से संबंधित सभी केसों को आज ही निस्तारित करा दिया जाय।
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के 2476, फौजदारी के लघुवाद के 8053, राजस्व और दाखिल खारिज के 1257, फौजदारी के समनीय वाद 97, परिवारिक विवाद के 39, उत्तराधिकार में 39, श्रम के 19, सिविल मामले 27, विद्युत के 14, टैक्स के 15, वन अधिनियम के 74, प्रकीर्ण अपील के 09, अन्य प्रकृति के 2393 मामले सहित 27508 मामले निस्तारित किए गए।
इस मौके पर न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह, विनय खरे, कृपाशंकर शर्मा, मृदुला कुमार, विवेक त्रिपाठी, राममिलन सिंह, रमाशंकर सिंह, अजय कुमार शाही, सबीह जेहरा, मोहन लाल, प्रमोद कुमार गुप्ता, आसिफ इकबाल रिजवी, सौरभ द्विवेदी, हरिश्चंद्र, फारूख इनाम सिद्दीकी, यशवंत कुमार सरोज, नेहा रुगटा, सुरेश कुमार दूबे, शुभम वर्मा, योगेंद्र नाथ त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
कार्यबहिष्कार जारी रहा
तहसील मुख्यालयों पर ग्राम अदालत के गठन को लेकर 26 नंवबर से चल रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार कार्यबहिष्कार जारी रहा। अधिवक्ता न्यायालयों में नहीं गए।