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गौर में 266 आवास अपूर्ण मिले, 14 सचिवों का रुका वेतन
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गौर में 266 आवास अपूर्ण मिले, 14 सचिवों का रुका वेतन
गौर (बस्ती)। सरकार ने गरीब कल्याण अभियान के तहत गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए गौर ब्लॉक में कुल 1445 आवास का लक्ष्य दिया था। शासन से तय लक्ष्य का बीडीओ ने जब सत्यापन किया तो पता चला कि अभी भी 266 आवास अपूर्ण हैं। इस पर बीडीओ ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 14 सचिवों का वेतन रोकने के साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, आवास निर्माण में रुचि न लेने वाले लाभार्थियों को भी सेक्रेटरी की ओर से नोटिस जारी किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2020-21 में कुल 1261 आवास का लक्ष्य निर्धारित हुआ जिसमें अभी भी 159 लाभार्थियों ने आवास निर्माण नहीं कराया। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 184 आवास का लक्ष्य मिला जिसमें 107 लाभार्थियों ने आवास निर्माण में रुचि नहीं ली। इस तरह कुल 266 आवास अपूर्ण पाए गए हैं। बीडीओ केदारनाथ कुशवाहा ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि न लेने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए मार्च का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। साथ ही जिन लाभार्थियों ने आवास निर्माण प्रारंभ नहीं किया है उन्हें भी नोटिस भेजा गया है। बीडीओ ने बताया कि यदि नोटिस के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो सचिवों के माध्यम से लाभार्थी से धन वापस कराकर सरकार के खाते में भेज दिया जाएगा और उन्हें दोबारा आवास भी नहीं मिलेगा।
योजना के तहत लाभार्थी को प्रति आवास पर 1.20 लाख रुपये बैंक खाते में भेजे जाते हैं। साथ ही 204 की दर से 90 दिन का मानव दिवस मजदूरी के रूप में दिया जाता है। लाभार्थी के पास यदि शौचालय नहीं है तो सूची में नाम होने पर उन्हे शौचालय भी मुहैया कराया जाता है।
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महंगाई को लेकर आवास निर्माण में आ रही दिक्कत
आवास निर्माण न करने वाले लाभार्थियों ने बताया कि बेतहाशा महंगाई के चलते आवास निर्माण सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। आए दिन ईंट, सरिया, मोरंग, सीमेंट और बालू के दाम आसमान छूते जा रहे हैं जिसकी वजह से निर्माण कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। सरकार की ओर से आवास निर्माण में मिलने वाली किस्त और मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। सरकार पहले महंगाई को काबू में करे तभी निर्माण कार्य संभव हो होगा।
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गौर (बस्ती)। सरकार ने गरीब कल्याण अभियान के तहत गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए गौर ब्लॉक में कुल 1445 आवास का लक्ष्य दिया था। शासन से तय लक्ष्य का बीडीओ ने जब सत्यापन किया तो पता चला कि अभी भी 266 आवास अपूर्ण हैं। इस पर बीडीओ ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 14 सचिवों का वेतन रोकने के साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, आवास निर्माण में रुचि न लेने वाले लाभार्थियों को भी सेक्रेटरी की ओर से नोटिस जारी किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2020-21 में कुल 1261 आवास का लक्ष्य निर्धारित हुआ जिसमें अभी भी 159 लाभार्थियों ने आवास निर्माण नहीं कराया। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 184 आवास का लक्ष्य मिला जिसमें 107 लाभार्थियों ने आवास निर्माण में रुचि नहीं ली। इस तरह कुल 266 आवास अपूर्ण पाए गए हैं। बीडीओ केदारनाथ कुशवाहा ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि न लेने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए मार्च का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। साथ ही जिन लाभार्थियों ने आवास निर्माण प्रारंभ नहीं किया है उन्हें भी नोटिस भेजा गया है। बीडीओ ने बताया कि यदि नोटिस के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो सचिवों के माध्यम से लाभार्थी से धन वापस कराकर सरकार के खाते में भेज दिया जाएगा और उन्हें दोबारा आवास भी नहीं मिलेगा।
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योजना के तहत लाभार्थी को प्रति आवास पर 1.20 लाख रुपये बैंक खाते में भेजे जाते हैं। साथ ही 204 की दर से 90 दिन का मानव दिवस मजदूरी के रूप में दिया जाता है। लाभार्थी के पास यदि शौचालय नहीं है तो सूची में नाम होने पर उन्हे शौचालय भी मुहैया कराया जाता है।
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महंगाई को लेकर आवास निर्माण में आ रही दिक्कत
आवास निर्माण न करने वाले लाभार्थियों ने बताया कि बेतहाशा महंगाई के चलते आवास निर्माण सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। आए दिन ईंट, सरिया, मोरंग, सीमेंट और बालू के दाम आसमान छूते जा रहे हैं जिसकी वजह से निर्माण कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। सरकार की ओर से आवास निर्माण में मिलने वाली किस्त और मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। सरकार पहले महंगाई को काबू में करे तभी निर्माण कार्य संभव हो होगा।