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फोटो.... मुंडेरवा मिल देगी 5500 युवाओं को रोजी
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:38 PM IST
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मुंडेरवा की नई मिल देगी 5500 को रोजी
फोटो....
फरवरी तक तैयार होगी मिल, मार्च में उद्घाटन
अचानक निर्माण कार्य की जांच करने पहुंचे डीएम
समय से प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती/मुंडेरवा। मुंडेरवा की निर्माणाधीन शुगर मिल के जरिए 5500 से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजी-रोटी मिलेगी। विभिन्न जॉब के लिए 46 अधिकारियों को नियुक्त किया जा चुका है। वे सभी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं।
44 एकड़ क्षेत्रफल में बनकर तैयार हो रही नई चीनी मिल की गन्ना पेराई क्षमता करीब 5000 टीसीडी के आसपास होगी, जो पुरानी मिल की पांच गुना है। जिले के अलावा संतकबीरनगर के करीब 1799 ग्राम पंचायतों/मजरों के 30 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। तीन गन्ना सहकारी समितियों के माध्यम से वे अपने गन्ने की उपज मिल को आपूर्ति कर सकेंगे।
बृहस्पतिवार को मिल, गन्ना विभाग के अधिकारियों के अलाव्र्र्र्र्रा तकनीकी टीम के साथ निर्माणाधीन शुगर मिल की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे डीएम डॉ. राज शेखर ने बताया कि नई चीनी मिल में 500 बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष और पांच हजार को परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैंदा होगा। जिसमें 27 मेगावाट विद्युत ऊर्जा भी पैदा की जाएगी। जिसमें से करीब सात मेगावाट बिजली से मिल की मशीनें व अन्य संयंत्र चलाए जाएंगे, बाकी 20 मेगावाट बिजली विद्युत वितरण निगम को बेच दिया जाएगा। मिल में नवीनतम प्रौद्योगिकी वाली मशीनरी और एक आधुनिक प्रवाह उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाया जाएगा। वर्ष 1932 में निजी चीनी मिल के रूप में इसकी स्थापना की गई। जिसे वर्ष 1984 में सरकार ने अधिग्रहित कर लिया था। मशीनें काफी पुरानी और केवल 711 टीसीडी पेराई क्षमता के कारण मिल 1999 तक घाटे में चली। जिसके बाद मिल को बंद करना पड़ा।मुख्यमंत्री पद संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने मिल के पुनर्निर्माण की घोषणा की। ‘मुख्यमंत्री घोषणा’ परियोजना के तहत इसे वित्तीय स्वीकृति मिली। अब उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम द्वारा मिल का संचालन किया जाना है। डीएम ने जीएम को निर्देशित किया है कि वह हर महीने निर्माण कार्य की प्रगति से उन्हें अपडेट करते रहेंगे। साथ ही किसी आकस्मिक समस्या को लेकर यदि मदद की आवश्यकता हो तो बिना देर किए संज्ञान में लाएं ताकि तय समय के अनुसार परियोजना पूरी की जा सके। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी, जीएम मुंडेरवा चीनी मिल के अलावा निर्माण कराने वाली निजी एजेंसी के परियोजना प्रबंधक, जीएम वित्त और अन्य तकनीकी टीम साथ थी।
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फरवरी तक तैयार होगी मिल, मार्च में उद्घाटन
अचानक निर्माण कार्य की जांच करने पहुंचे डीएम
समय से प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती/मुंडेरवा। मुंडेरवा की निर्माणाधीन शुगर मिल के जरिए 5500 से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजी-रोटी मिलेगी। विभिन्न जॉब के लिए 46 अधिकारियों को नियुक्त किया जा चुका है। वे सभी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं।
44 एकड़ क्षेत्रफल में बनकर तैयार हो रही नई चीनी मिल की गन्ना पेराई क्षमता करीब 5000 टीसीडी के आसपास होगी, जो पुरानी मिल की पांच गुना है। जिले के अलावा संतकबीरनगर के करीब 1799 ग्राम पंचायतों/मजरों के 30 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। तीन गन्ना सहकारी समितियों के माध्यम से वे अपने गन्ने की उपज मिल को आपूर्ति कर सकेंगे।
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बृहस्पतिवार को मिल, गन्ना विभाग के अधिकारियों के अलाव्र्र्र्र्रा तकनीकी टीम के साथ निर्माणाधीन शुगर मिल की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे डीएम डॉ. राज शेखर ने बताया कि नई चीनी मिल में 500 बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष और पांच हजार को परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैंदा होगा। जिसमें 27 मेगावाट विद्युत ऊर्जा भी पैदा की जाएगी। जिसमें से करीब सात मेगावाट बिजली से मिल की मशीनें व अन्य संयंत्र चलाए जाएंगे, बाकी 20 मेगावाट बिजली विद्युत वितरण निगम को बेच दिया जाएगा। मिल में नवीनतम प्रौद्योगिकी वाली मशीनरी और एक आधुनिक प्रवाह उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाया जाएगा। वर्ष 1932 में निजी चीनी मिल के रूप में इसकी स्थापना की गई। जिसे वर्ष 1984 में सरकार ने अधिग्रहित कर लिया था। मशीनें काफी पुरानी और केवल 711 टीसीडी पेराई क्षमता के कारण मिल 1999 तक घाटे में चली। जिसके बाद मिल को बंद करना पड़ा।मुख्यमंत्री पद संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने मिल के पुनर्निर्माण की घोषणा की। ‘मुख्यमंत्री घोषणा’ परियोजना के तहत इसे वित्तीय स्वीकृति मिली। अब उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम द्वारा मिल का संचालन किया जाना है। डीएम ने जीएम को निर्देशित किया है कि वह हर महीने निर्माण कार्य की प्रगति से उन्हें अपडेट करते रहेंगे। साथ ही किसी आकस्मिक समस्या को लेकर यदि मदद की आवश्यकता हो तो बिना देर किए संज्ञान में लाएं ताकि तय समय के अनुसार परियोजना पूरी की जा सके। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी, जीएम मुंडेरवा चीनी मिल के अलावा निर्माण कराने वाली निजी एजेंसी के परियोजना प्रबंधक, जीएम वित्त और अन्य तकनीकी टीम साथ थी।
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