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डेंजर जोन बना मालवीय रोड
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:46 PM IST
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डेंजर जोन बना मालवीय रोड
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अतिक्रमण से बढ़ा दुर्घटना का खतरा
पटरी की ओर बढ़ रही दुकानें, सड़क संकरी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर का प्रमुख मार्ग मालवीय रोड अतिक्रमण के चलते डेंजर जोन बन गया है। यहां स्थापित दुकानें पटरी की ओर बढ़ गई हैं, जिससे सड़क सिकुड़ गई और इस पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। जिम्मेदारों की चुप्पी से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। यहां 14 घंटे राहगीरों पर मौत मंडरा रही है। क्योंकि इस मार्ग पर भारी वाहनों के अलावा बसें भी चलती हैं। यह आवागमन 24 घंटे जारी रहता है।
मालवीय रोड के नेहरू तिराहे पर एक ओर अवैध ढंग से टैक्सियां संचालित की जाती हैं तो दूसरी ओर निजी प्रतिष्ठान हैं। प्रतिष्ठानों के पास न तो कोई पार्किंग हैं और न अब तक पार्किंग का प्रयास ही किया गया है। इसका प्रभाव रोडवेज की बसों के संचालन पर पड़ता है। प्रतिष्ठान के बाइक व कार तो सड़क पर ही पार्क होते हैं। ऐसे में जब भारी वाहन यहां से गुजरते हैं तो बाइक, साइकिल व पैदल वाले भी सहम जाते हैं। दुर्घटना का यह खतरा आगे भी कम नहीं है। मार्ग के दोनों पटरियों तक दुकानदार अपने सामान सजा देते हैं। ऐसे में पटरी तो यहां गायब हो जाती है। रात में यह खतरा इस नाते बढ़ जाता है कि भवन निर्माण सामग्री की दुकानों का बालू, मोरंग व गिट्टी तो ढेर में पटरियों पर कब्जा किए ही रहता है। सरिया भी पटरी पर ही रहती है।
रंजीत चौराहे तक यह स्थिति है। इसके बाद ब्राह्मण महासभा तक के मार्ग पर सुबह होते ही मोटर पार्ट्स के दुकानदार व मिस्त्री कब्जा जमा लेते हैं। यहां सड़क तक तमाम वाहन खड़े रहते हैं। इसी के बगल स्थित वाहनों का सर्विस सेंटर है। सर्विस सेंटर के नाते जहां पालिका की जमीन पर कब्जा हो गया है वहीं धुलाई के बाद गाड़ियों को पटरी पर ही खड़ा किया जाता है। यहां तो कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, मगर जिम्मेदार इनकी रसूख के सामने बौना बने हुए हैं। करीब तीन किमी मालवीय मार्ग का अगला चौराहा है कामता प्रसाद। इस चौराहे पर एक ओर तो बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर रखा है तो दूसरी पटरी पर चाय पान की दुकानें सजती हैं। इसके अलावा पटरी पर ही बाइक आदि खड़ी होती है, जहां दिनभर भीड़ रहती है।
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इस मार्ग पर रौता चौराहे तक कहीं भवन निर्माण सामग्री तो कहीं सब्जी आदि के ठेले सजते हैं। यह क्रम बैरिहवां व सुभाष चौक तक है। रात में यह सड़क और खतरनाक हो जाती है क्योंकि सड़क किनारे रखी गिट्टी, मोरंग, बालू व सरिया बाइक व साइकिल सवार के अलावा पैदल यात्रियों के लिए खतरा बढ़ा रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर पालिका व पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी। मालवीय मार्ग पर खतरे को देखते हुए अतिक्रमणकारियों को नोटिस की तैयारी की जा रही है। किसी भी दशा में यहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
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अतिक्रमण से बढ़ा दुर्घटना का खतरा
पटरी की ओर बढ़ रही दुकानें, सड़क संकरी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर का प्रमुख मार्ग मालवीय रोड अतिक्रमण के चलते डेंजर जोन बन गया है। यहां स्थापित दुकानें पटरी की ओर बढ़ गई हैं, जिससे सड़क सिकुड़ गई और इस पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। जिम्मेदारों की चुप्पी से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। यहां 14 घंटे राहगीरों पर मौत मंडरा रही है। क्योंकि इस मार्ग पर भारी वाहनों के अलावा बसें भी चलती हैं। यह आवागमन 24 घंटे जारी रहता है।
मालवीय रोड के नेहरू तिराहे पर एक ओर अवैध ढंग से टैक्सियां संचालित की जाती हैं तो दूसरी ओर निजी प्रतिष्ठान हैं। प्रतिष्ठानों के पास न तो कोई पार्किंग हैं और न अब तक पार्किंग का प्रयास ही किया गया है। इसका प्रभाव रोडवेज की बसों के संचालन पर पड़ता है। प्रतिष्ठान के बाइक व कार तो सड़क पर ही पार्क होते हैं। ऐसे में जब भारी वाहन यहां से गुजरते हैं तो बाइक, साइकिल व पैदल वाले भी सहम जाते हैं। दुर्घटना का यह खतरा आगे भी कम नहीं है। मार्ग के दोनों पटरियों तक दुकानदार अपने सामान सजा देते हैं। ऐसे में पटरी तो यहां गायब हो जाती है। रात में यह खतरा इस नाते बढ़ जाता है कि भवन निर्माण सामग्री की दुकानों का बालू, मोरंग व गिट्टी तो ढेर में पटरियों पर कब्जा किए ही रहता है। सरिया भी पटरी पर ही रहती है।
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रंजीत चौराहे तक यह स्थिति है। इसके बाद ब्राह्मण महासभा तक के मार्ग पर सुबह होते ही मोटर पार्ट्स के दुकानदार व मिस्त्री कब्जा जमा लेते हैं। यहां सड़क तक तमाम वाहन खड़े रहते हैं। इसी के बगल स्थित वाहनों का सर्विस सेंटर है। सर्विस सेंटर के नाते जहां पालिका की जमीन पर कब्जा हो गया है वहीं धुलाई के बाद गाड़ियों को पटरी पर ही खड़ा किया जाता है। यहां तो कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, मगर जिम्मेदार इनकी रसूख के सामने बौना बने हुए हैं। करीब तीन किमी मालवीय मार्ग का अगला चौराहा है कामता प्रसाद। इस चौराहे पर एक ओर तो बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर रखा है तो दूसरी पटरी पर चाय पान की दुकानें सजती हैं। इसके अलावा पटरी पर ही बाइक आदि खड़ी होती है, जहां दिनभर भीड़ रहती है।
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इस मार्ग पर रौता चौराहे तक कहीं भवन निर्माण सामग्री तो कहीं सब्जी आदि के ठेले सजते हैं। यह क्रम बैरिहवां व सुभाष चौक तक है। रात में यह सड़क और खतरनाक हो जाती है क्योंकि सड़क किनारे रखी गिट्टी, मोरंग, बालू व सरिया बाइक व साइकिल सवार के अलावा पैदल यात्रियों के लिए खतरा बढ़ा रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर पालिका व पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी। मालवीय मार्ग पर खतरे को देखते हुए अतिक्रमणकारियों को नोटिस की तैयारी की जा रही है। किसी भी दशा में यहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा।