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तीन लाख 35 हजार भुगतान करने का आदेश
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तीन लाख 35 हजार भुगतान करने का आदेश
दो मामलों में उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता व सदस्य महादेव प्रसाद दुबे ने एक फाइनेंस कंपनी को दो अलग अलग मामले में तीन लाख 34 हजार 924 रुपये के भुगतान का आदेश दिया है। इसके अलावा शारीरिक कष्ट एवं मानसिक पीड़ा तथा वाद व्यय के रूप में सात-सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी देनी होगी। साथ ही परिपक्वता की तारीख से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी कंपनी को अदा करना होगा।
गौर थाना क्षेत्र के गौर निवासी अजित कुमार ने परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने सहारा एम बेनिफिट स्कीम के तहत सहारा इंडिया के गौर शाखा में तीन हजार मासिक किस्त का 27 दिसंबर 2012 को पांच साल के लिए खाता खोला। जिसकी परिपक्वता 27 दिसंबर 2017 थी। परिवादी को दो लाख 36 हजार 994 रुपये मिलना था। महज 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया। शेष रकम के लिए टाल-मटोल किया जाता रहा। जिससे मानसिक और आर्थिक कष्ट उठाना पड़ा। मजबूरन कानूनी नोटिस देकर परिवाद दाखिल किया। पक्षों को सुनने के बाद फोरम की पीठ ने दो लाख 16 हजार 994 रुपये भुगतान का आदेश दिया। एक अन्य मामले में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पांडेय डीह निवासी घनश्याम चौधरी ने परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने सहारा ए. सेलेक्ट स्कीम के तहत पांच मार्च 2016 को 18 माह अवधि के लिए खाता खोला। परिपक्वता तिथि तक एक लाख 27 हजार 930 रुपये भुगतान होना था। सभी औपचारिकताएं निभाने के बाद भी भुगतान नहीं किया। जिसके बाद फोरम में परिवाद दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम ने एक लाख 27 हजार 930 रुपये भुगतान का आदेश दिया।
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दो मामलों में उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता व सदस्य महादेव प्रसाद दुबे ने एक फाइनेंस कंपनी को दो अलग अलग मामले में तीन लाख 34 हजार 924 रुपये के भुगतान का आदेश दिया है। इसके अलावा शारीरिक कष्ट एवं मानसिक पीड़ा तथा वाद व्यय के रूप में सात-सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी देनी होगी। साथ ही परिपक्वता की तारीख से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी कंपनी को अदा करना होगा।
गौर थाना क्षेत्र के गौर निवासी अजित कुमार ने परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने सहारा एम बेनिफिट स्कीम के तहत सहारा इंडिया के गौर शाखा में तीन हजार मासिक किस्त का 27 दिसंबर 2012 को पांच साल के लिए खाता खोला। जिसकी परिपक्वता 27 दिसंबर 2017 थी। परिवादी को दो लाख 36 हजार 994 रुपये मिलना था। महज 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया। शेष रकम के लिए टाल-मटोल किया जाता रहा। जिससे मानसिक और आर्थिक कष्ट उठाना पड़ा। मजबूरन कानूनी नोटिस देकर परिवाद दाखिल किया। पक्षों को सुनने के बाद फोरम की पीठ ने दो लाख 16 हजार 994 रुपये भुगतान का आदेश दिया। एक अन्य मामले में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पांडेय डीह निवासी घनश्याम चौधरी ने परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने सहारा ए. सेलेक्ट स्कीम के तहत पांच मार्च 2016 को 18 माह अवधि के लिए खाता खोला। परिपक्वता तिथि तक एक लाख 27 हजार 930 रुपये भुगतान होना था। सभी औपचारिकताएं निभाने के बाद भी भुगतान नहीं किया। जिसके बाद फोरम में परिवाद दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम ने एक लाख 27 हजार 930 रुपये भुगतान का आदेश दिया।
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