{"_id":"5b8c28c542c792464d1bc465","slug":"171535912133-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक के गोद लिए स्कूल में न शिक्षक न किताबें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक के गोद लिए स्कूल में न शिक्षक न किताबें
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
विधायक के गोद लिए स्कूल में न शिक्षक न किताबें
रुधौली के पांच मॉडल प्राथमिक विद्यालयों में शामिल है भरौली
शिक्षक के नाम पर प्रधानाध्यापक ही संभालते हैं 93 छात्र-छात्राओं को
30 अगस्त को पहुंची हिंदी मीडियम की किताबें, अंग्रेजी का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। क्षेत्र के पांच मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शामिल प्राथमिक विद्यालय भरौली बेहाल है। विधायक के गोद लिए इस मॉडल विद्यालय में न तो शिक्षक हैं और न ही किताबें।
स्थानीय विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने इस स्कूल को गोद लिया है। शिक्षक सहित अन्य व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए, लेकिन स्थिति इसके ठीक विपरीत है। माननीय के इस विद्यालय में केवल एक प्रधानाध्यापक हैं। शिक्षण सत्र के पांच माह बाद भी न तो एक भी सहायक अध्यापक की तैनाती हुई और न ही अंग्रेजी माध्यम की किताबें ही आ सकी हैं। कक्षाओं में बच्चों की बैठने की उचित व्यवस्था तक ठीक नहीं है। जूट के बोरे को आपस में सिलकर बच्चों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है।
विद्यालय में कुल पंजीकृत 93 बच्चे हैं। बच्चों के बैठने के लिए की गई व्यवस्था को देखकर हर कोई भौचक रह जाता है। अप्रैल 2018 में इस विद्यालय को मॉडल इंग्लिश मीडियम विद्यालय का तमगा तो दे दिया गया लेकिन उसके बाद से आज तक कोई सुविधा नहीं दी गई। 30 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से किताबें उपलब्ध कराई गई और वह भी हिंदी मीडियम की। शिक्षा का स्तर यह है कि कक्षा चार व पांच के बच्चों को अंब्रेला की स्पेलिंग नहीं मालूम है।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक अवलेन्द्र कुमार भट्ट ने बताया कि शिक्षकों की कमी के संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी 29 अगस्त को पुन: पत्र लिखकर इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आरके सिंह को सूचित किया गया है।
मॉडल विद्यालय होने से पूर्व यह विद्यालय क्षेत्रीय विधायक द्वारा गोद लिया गया था। इस विद्यालय को क्षेत्र के पांच मॉडल इंग्लिश मीडियम विद्यालयों में शामिल किया गया है। विद्यालय में नया शौचालय, जलभराव से निजात दिलाने के लिए मिट्टी पटान, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर सप्लाई, विद्यालय के आकर्षक रंगाई के साथ गेट से कक्ष तक जाने के लिए खड़ंजा लगवाने की बात क्षेत्रीय विधायक ने कही थी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि छात्रों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ब्लैक बोर्ड भी उन्होंने खुद के रुपये से सभी कमरों में रखवाया है।
अभी नया हूं, ज्यादा जानकारी नहीं: बीईओ
समस्याओं के बाबत खंड शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि मुझे यहां आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। यदि मॉडल विद्यालय पर इस तरह की कमियां हैं तो यह गंभीर विषय है। निश्चित तौर पर शीघ्र अति शीघ्र दूर किया जाएगा। जहां तक रही किताबों की बात कार्यालय पर अंग्रेजी माध्यम के किताबें भी आ चुकी हैं, जल्द ही सभी इंग्लिश मीडियम विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर किताबें बंटवा दी जाएंगी।
विद्यालय को मिलेगी हर सुविधा: विधायक
विधायक संजय प्रताप जायसवाल बताया कि गोद लिए गए विद्यालय पर भले ही नहीं पहुंच सका हूं। कार्यकर्ता उस विद्यालय के संपर्क में लगातार बने रहते हैं। वर्तमान में जो भी समस्याएं हैं उसके निस्तारण कार्यकर्ताओं को निर्देशित करता हूं, बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी विद्यालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही दो-तीन दिनों के भीतर मैं खुद जाकर विद्यालय का निरीक्षण करूंगा।
विज्ञापन
विधायक के गोद लिए स्कूल में न शिक्षक न किताबें
रुधौली के पांच मॉडल प्राथमिक विद्यालयों में शामिल है भरौली
शिक्षक के नाम पर प्रधानाध्यापक ही संभालते हैं 93 छात्र-छात्राओं को
30 अगस्त को पहुंची हिंदी मीडियम की किताबें, अंग्रेजी का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। क्षेत्र के पांच मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शामिल प्राथमिक विद्यालय भरौली बेहाल है। विधायक के गोद लिए इस मॉडल विद्यालय में न तो शिक्षक हैं और न ही किताबें।
स्थानीय विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने इस स्कूल को गोद लिया है। शिक्षक सहित अन्य व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए, लेकिन स्थिति इसके ठीक विपरीत है। माननीय के इस विद्यालय में केवल एक प्रधानाध्यापक हैं। शिक्षण सत्र के पांच माह बाद भी न तो एक भी सहायक अध्यापक की तैनाती हुई और न ही अंग्रेजी माध्यम की किताबें ही आ सकी हैं। कक्षाओं में बच्चों की बैठने की उचित व्यवस्था तक ठीक नहीं है। जूट के बोरे को आपस में सिलकर बच्चों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है।
विज्ञापन
विद्यालय में कुल पंजीकृत 93 बच्चे हैं। बच्चों के बैठने के लिए की गई व्यवस्था को देखकर हर कोई भौचक रह जाता है। अप्रैल 2018 में इस विद्यालय को मॉडल इंग्लिश मीडियम विद्यालय का तमगा तो दे दिया गया लेकिन उसके बाद से आज तक कोई सुविधा नहीं दी गई। 30 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से किताबें उपलब्ध कराई गई और वह भी हिंदी मीडियम की। शिक्षा का स्तर यह है कि कक्षा चार व पांच के बच्चों को अंब्रेला की स्पेलिंग नहीं मालूम है।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक अवलेन्द्र कुमार भट्ट ने बताया कि शिक्षकों की कमी के संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी 29 अगस्त को पुन: पत्र लिखकर इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आरके सिंह को सूचित किया गया है।
मॉडल विद्यालय होने से पूर्व यह विद्यालय क्षेत्रीय विधायक द्वारा गोद लिया गया था। इस विद्यालय को क्षेत्र के पांच मॉडल इंग्लिश मीडियम विद्यालयों में शामिल किया गया है। विद्यालय में नया शौचालय, जलभराव से निजात दिलाने के लिए मिट्टी पटान, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर सप्लाई, विद्यालय के आकर्षक रंगाई के साथ गेट से कक्ष तक जाने के लिए खड़ंजा लगवाने की बात क्षेत्रीय विधायक ने कही थी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि छात्रों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ब्लैक बोर्ड भी उन्होंने खुद के रुपये से सभी कमरों में रखवाया है।
अभी नया हूं, ज्यादा जानकारी नहीं: बीईओ
समस्याओं के बाबत खंड शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि मुझे यहां आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। यदि मॉडल विद्यालय पर इस तरह की कमियां हैं तो यह गंभीर विषय है। निश्चित तौर पर शीघ्र अति शीघ्र दूर किया जाएगा। जहां तक रही किताबों की बात कार्यालय पर अंग्रेजी माध्यम के किताबें भी आ चुकी हैं, जल्द ही सभी इंग्लिश मीडियम विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर किताबें बंटवा दी जाएंगी।
विद्यालय को मिलेगी हर सुविधा: विधायक
विधायक संजय प्रताप जायसवाल बताया कि गोद लिए गए विद्यालय पर भले ही नहीं पहुंच सका हूं। कार्यकर्ता उस विद्यालय के संपर्क में लगातार बने रहते हैं। वर्तमान में जो भी समस्याएं हैं उसके निस्तारण कार्यकर्ताओं को निर्देशित करता हूं, बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी विद्यालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही दो-तीन दिनों के भीतर मैं खुद जाकर विद्यालय का निरीक्षण करूंगा।