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कोटेदार के खिलाफ उग्र हुए लोग, हंगामा
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:32 PM IST
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कोटेदार के खिलाफ उग्र हुए लोग, हंगामा
हर्रैया।
तहसील सभागार में समाधान दिवस के दौरान जीतीपुर के कोटेदार को लेकर गांववालों ने जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता कर रहे सीआरओ राम दुलारे से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
समाधान दिवस पर मंगलवार को परशुरामपुर ब्लॉक के जीतीपुर गांव के सैकड़ों कार्ड धारक, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं पहुंच गईं। गांव के कोटेदार की अनियमितता की शिकायत करते हुए आक्रामक हो गईं, नारेबाजी और हंगामा मचाने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि अनियमितता के आरोप में निलंबित चल रही दुकान को बगल के बेदीपुर गांव के कोटेदार से संबद्ध किया गया है। कोटेदार ने सितंबर का राशन, केरोसिन आयल, वितरित नहीं किया। अन्त्योदय योजना के पात्रों को भी पिछले माह अधिक कीमत लेकर राशन का वितरण कोटेदार कर रहा है। तहसीलदार नवीन कुमार से शिकायत कर रही महिलाएं उत्तेजित हो गईं। मामले की जांच कर कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। कुदरही गांव के चंद्रपाल सिंह ने पिछले समाधान दिवसों में दिए प्रार्थना पत्र पर जमीन का पैमाइश नहीं होने की शिकायत की। आरोप लगाया कि राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मी उसे इधर-उधर दौड़ा रहे हैं। इस दौरान एसडीएम दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार बीके सिंह, सीओ सतीश चंद्र शुक्ला, एसओ कपिल मुनि सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
मांगों पर मुखर हुए चारों तहसीलों के लेखपाल
बस्ती। छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर जिले भरके लेखपालों ने चारों तहसीलों में एक साथ धरना प्रदर्शन किया। सभाकर चारों तहसीलों के अध्यक्षों और मंत्रियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आश्वासन देने के बाद सरकार लेखपालों के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसे लेकर सभी लेखपालों में रोष व्याप्त है। जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। सदर तहसील की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी, हर्रैया की रमेशचंद्र, भानपुर की रणवीर सिंह और रुधौली की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष विधाधर द्विवेदी ने किया।
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सदर तहसील परिसर में आयोजित सभा का संचालन कर रहे तहसील मंत्री धमेंद्र कुमार और उपाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रांतीय संगठन के निर्देश पर जिले भर के लेखपाल एक दिवसीय धरना दे रहे हैं। कहा कि पिछली सरकार ने वादाखिलाफी करते हुए लेखपाल संवर्ग के हित में कोई कार्य नहीं किया, जिसका खामियाजा सपा सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ा। लेखपाल संघ के पूर्व सह सचिव नरेंद्र बहादुर उपाध्याय और जिलाध्यक्ष रामसुमेर ने कहा कि लेखपालों की सभी छह मांगें जायज हैं, जिसे सरकार भी स्वीकार कर चुकी है। मगर सरकार ने इसे लेकर कोई शासनादेश जारी नहीं किया, कहा कि अगर यह सरकार भी मांगों को लेकर गंभीर नहीं रहेगी और शासनादेश जारी नहीं किया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। कहा कि सरकार यह कहते हुए नहीं थकती कि लेखपाल सरकार की रीढ़ हैं, मगर जब मांगों के माने जाने की बारी आती है तो किनारा कर लेती है। कहा कि इसी लिए इस सरकार को जगाने के लिए चरणवार धरना दिया जा रहा है। सभी को पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुगुल किशोर वर्मा और जिला मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सभा को संबोधित करते हुए सरकार को बड़ा आंदोलन झेलने को तैयार रहने को चेताया। बाद में एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती को सीएम के नाम ज्ञापन भी दिया। इस मौके पर अनिल कुमार मिश्र, शिवमूरत प्रसाद, लाल बाबू गौड़, ईश्वरचंद्र श्रीवास्तव, रमेश मणि, जियालाल, विनोद गुप्त, विनोद चौधरी, मनोज उपाध्याय, गंगा प्रसाद, राजेश पांडेय, संजय, कमलभान, महेंद्र सिंह, हरिप्रसाद, अतुल श्रीवास्तव, मुदिता श्रीवास्तव, आराधना, सहदेव, दयाराम, सुरेंद्र उपाध्याय, सुशील चौबे, शशंाक, जितेंद्र सिंह, मिथिलेश, पारुल शर्मा, राहुल सिंह, वरुणेंद्र शुक्ल, आशीष गुप्त, अनिल श्रीवास्तव, संतोष सिंह, अजीत उपाध्याय, संतराम, विनय पांडेय, शैलेंद्र सिंह, सुनील कुमार त्रिपाठी सहित अन्य मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी वर्करों का धरना जारी
बस्ती। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन उ.प्र. द्वारा मानदेय वृद्धि एवं स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 15वें दिन भी डीएम कार्यालय पर महामंत्री आशा की अगुवाई में अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल जारी रहा।
धरने को सुधा पाण्डेय, कादम्बरी पाण्डेय, सुनीता दूबे, रेखा तिवारी, बिन्दू सिंह, विभा सिंह, प्रभावती चौधरी, ऊषा चौधरी, प्रमिला वर्मा, मीना, सुनीता, रेखा, ऊषा गुप्ता, भाग्यमनी दूबे, जड़ावती सिंह, रमादेवी, एचएन अजनबी, अमित किशोर सहित अन्य ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पूनम, सुमन यादव, जनकनन्दनी, निर्मला देवीी, शुभ्रा चौधरी, विन्दूमती, नीलम देवी, माया देवी, ज्येतिमा, लीलावती, सुमिन्त्रा, कौशिल्या, प्रकाशवती, बिन्दू सिंह, विभा सिंह, कमला तिवारी, केसरावती, गिरिजा देवी, लक्ष्मी रावत, पूनम देवी, गोमती, शारदा, सराज मिश्रा, कलावती मौर्या, मालती देवी, दुर्गावती, अर्चना, सुनीता, परमावती, माधुरी पाठक, नीलम यादव, मीरा, रमावती, रंजना वर्मा, रिंकी पाल, कृष्णा चौधरी सहित अन्य मौजूद रही।
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हर्रैया।
तहसील सभागार में समाधान दिवस के दौरान जीतीपुर के कोटेदार को लेकर गांववालों ने जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता कर रहे सीआरओ राम दुलारे से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
समाधान दिवस पर मंगलवार को परशुरामपुर ब्लॉक के जीतीपुर गांव के सैकड़ों कार्ड धारक, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं पहुंच गईं। गांव के कोटेदार की अनियमितता की शिकायत करते हुए आक्रामक हो गईं, नारेबाजी और हंगामा मचाने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि अनियमितता के आरोप में निलंबित चल रही दुकान को बगल के बेदीपुर गांव के कोटेदार से संबद्ध किया गया है। कोटेदार ने सितंबर का राशन, केरोसिन आयल, वितरित नहीं किया। अन्त्योदय योजना के पात्रों को भी पिछले माह अधिक कीमत लेकर राशन का वितरण कोटेदार कर रहा है। तहसीलदार नवीन कुमार से शिकायत कर रही महिलाएं उत्तेजित हो गईं। मामले की जांच कर कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। कुदरही गांव के चंद्रपाल सिंह ने पिछले समाधान दिवसों में दिए प्रार्थना पत्र पर जमीन का पैमाइश नहीं होने की शिकायत की। आरोप लगाया कि राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मी उसे इधर-उधर दौड़ा रहे हैं। इस दौरान एसडीएम दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार बीके सिंह, सीओ सतीश चंद्र शुक्ला, एसओ कपिल मुनि सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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मांगों पर मुखर हुए चारों तहसीलों के लेखपाल
बस्ती। छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर जिले भरके लेखपालों ने चारों तहसीलों में एक साथ धरना प्रदर्शन किया। सभाकर चारों तहसीलों के अध्यक्षों और मंत्रियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आश्वासन देने के बाद सरकार लेखपालों के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसे लेकर सभी लेखपालों में रोष व्याप्त है। जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। सदर तहसील की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी, हर्रैया की रमेशचंद्र, भानपुर की रणवीर सिंह और रुधौली की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष विधाधर द्विवेदी ने किया।
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सदर तहसील परिसर में आयोजित सभा का संचालन कर रहे तहसील मंत्री धमेंद्र कुमार और उपाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रांतीय संगठन के निर्देश पर जिले भर के लेखपाल एक दिवसीय धरना दे रहे हैं। कहा कि पिछली सरकार ने वादाखिलाफी करते हुए लेखपाल संवर्ग के हित में कोई कार्य नहीं किया, जिसका खामियाजा सपा सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ा। लेखपाल संघ के पूर्व सह सचिव नरेंद्र बहादुर उपाध्याय और जिलाध्यक्ष रामसुमेर ने कहा कि लेखपालों की सभी छह मांगें जायज हैं, जिसे सरकार भी स्वीकार कर चुकी है। मगर सरकार ने इसे लेकर कोई शासनादेश जारी नहीं किया, कहा कि अगर यह सरकार भी मांगों को लेकर गंभीर नहीं रहेगी और शासनादेश जारी नहीं किया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। कहा कि सरकार यह कहते हुए नहीं थकती कि लेखपाल सरकार की रीढ़ हैं, मगर जब मांगों के माने जाने की बारी आती है तो किनारा कर लेती है। कहा कि इसी लिए इस सरकार को जगाने के लिए चरणवार धरना दिया जा रहा है। सभी को पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुगुल किशोर वर्मा और जिला मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सभा को संबोधित करते हुए सरकार को बड़ा आंदोलन झेलने को तैयार रहने को चेताया। बाद में एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती को सीएम के नाम ज्ञापन भी दिया। इस मौके पर अनिल कुमार मिश्र, शिवमूरत प्रसाद, लाल बाबू गौड़, ईश्वरचंद्र श्रीवास्तव, रमेश मणि, जियालाल, विनोद गुप्त, विनोद चौधरी, मनोज उपाध्याय, गंगा प्रसाद, राजेश पांडेय, संजय, कमलभान, महेंद्र सिंह, हरिप्रसाद, अतुल श्रीवास्तव, मुदिता श्रीवास्तव, आराधना, सहदेव, दयाराम, सुरेंद्र उपाध्याय, सुशील चौबे, शशंाक, जितेंद्र सिंह, मिथिलेश, पारुल शर्मा, राहुल सिंह, वरुणेंद्र शुक्ल, आशीष गुप्त, अनिल श्रीवास्तव, संतोष सिंह, अजीत उपाध्याय, संतराम, विनय पांडेय, शैलेंद्र सिंह, सुनील कुमार त्रिपाठी सहित अन्य मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी वर्करों का धरना जारी
बस्ती। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन उ.प्र. द्वारा मानदेय वृद्धि एवं स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 15वें दिन भी डीएम कार्यालय पर महामंत्री आशा की अगुवाई में अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल जारी रहा।
धरने को सुधा पाण्डेय, कादम्बरी पाण्डेय, सुनीता दूबे, रेखा तिवारी, बिन्दू सिंह, विभा सिंह, प्रभावती चौधरी, ऊषा चौधरी, प्रमिला वर्मा, मीना, सुनीता, रेखा, ऊषा गुप्ता, भाग्यमनी दूबे, जड़ावती सिंह, रमादेवी, एचएन अजनबी, अमित किशोर सहित अन्य ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पूनम, सुमन यादव, जनकनन्दनी, निर्मला देवीी, शुभ्रा चौधरी, विन्दूमती, नीलम देवी, माया देवी, ज्येतिमा, लीलावती, सुमिन्त्रा, कौशिल्या, प्रकाशवती, बिन्दू सिंह, विभा सिंह, कमला तिवारी, केसरावती, गिरिजा देवी, लक्ष्मी रावत, पूनम देवी, गोमती, शारदा, सराज मिश्रा, कलावती मौर्या, मालती देवी, दुर्गावती, अर्चना, सुनीता, परमावती, माधुरी पाठक, नीलम यादव, मीरा, रमावती, रंजना वर्मा, रिंकी पाल, कृष्णा चौधरी सहित अन्य मौजूद रही।