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थमी नहीं छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री 16-42-52
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:04 AM IST
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थमी नहीं छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री
बस्ती।
मानव स्वास्थ्य को लेकर शासन और सरकार गंभीर है। इसी गंभीरता का परिणाम है कि छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मगर यह प्रतिबंध भी कागज में ही नजर आ रहा है।
धरातल पर इस निर्देश का कहीं क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। ऐसे में छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। शहर से लेकर गांवों तक छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री जारी है। इस पर रोक का फरमान करीब माह भर पूर्व शासन ने जारी किया। इसका कारण छपाई में प्रयुक्त होने वाली स्याही का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता तो घटती ही है और तमाम बीमारियां भी हो रही हैं। सर्वे में आए नतीजों के बाद शासन ने इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। मगर जिम्मेदारों की चुप्पी के चलते इस पर रोक नहीं लग सकी है। ऐसे में सभी बाजारों में खुलेआम अखबार, छपे पोस्टरों, हैंडबिल आदि पर खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिबंध को लेकर तमाम आदेश निर्देश भी दिए थे, मगर सब कागजी साबित हुए। सूत्रों की मानें तो छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित किए जाने के बाद न तो इसे लेकर कहीं कोई जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही रोक के लिए एहतियाती कदम। ऐसे में जैसे चल रहा था। वैसे ही काम चलाया जा रहा है।
अभिहित अधिकारी रमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित है। मगर अभी इस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इसे रोकने के लिए रणनीति तय की जा रही है। शीघ्र ही टीम बनाकर जांच-पड़ताल शुरू कराई जाएगी। मानव स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा टीम का छापा लिए गए नमूने
कप्तानगंज, दुबौलिया व छावनी में हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने शनिवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की है। टीम ने कप्तानगंज, दुबौलिया, छावनी सहित कई बाजारों की दुकानों में धमकी। इस दौरान टीम ने चार नमूने भरे, जिसे जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार शुक्ल और गीता त्रिपाठी की टीम सुबह सबसे पहले कप्तानगंज जा धमकी। यहां टीम ने अहमद अली की दुकान से साबूदाना का नमूना लिया। छापामारी की भनक लगते ही बाजार में हड़कंप मच गया मगर टीम वहां रुकने के बजाय दुबौलिया चली गई। यहां चंद्रभान के पास से गाय का घी का तो यहीं राजेंद्र प्रसाद की दुकान से टीम ने सेंधा नमक का नमूना लिया। इसके बाद टीम छावनी के खम्हरिया बाजार में पहुंच गई। यहां सुनील कुमार की दुकान से मूंगफली का नमूना एकत्रित किया। इससे पूर्व लालगंज के पाकरडांड से खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय प्रकाश ने नमकीन का नमूना भरा था। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है। अभिहित अधिकारी रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कार्रवाई करेगी।
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बस्ती।
मानव स्वास्थ्य को लेकर शासन और सरकार गंभीर है। इसी गंभीरता का परिणाम है कि छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मगर यह प्रतिबंध भी कागज में ही नजर आ रहा है।
धरातल पर इस निर्देश का कहीं क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। ऐसे में छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। शहर से लेकर गांवों तक छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री जारी है। इस पर रोक का फरमान करीब माह भर पूर्व शासन ने जारी किया। इसका कारण छपाई में प्रयुक्त होने वाली स्याही का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता तो घटती ही है और तमाम बीमारियां भी हो रही हैं। सर्वे में आए नतीजों के बाद शासन ने इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। मगर जिम्मेदारों की चुप्पी के चलते इस पर रोक नहीं लग सकी है। ऐसे में सभी बाजारों में खुलेआम अखबार, छपे पोस्टरों, हैंडबिल आदि पर खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिबंध को लेकर तमाम आदेश निर्देश भी दिए थे, मगर सब कागजी साबित हुए। सूत्रों की मानें तो छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित किए जाने के बाद न तो इसे लेकर कहीं कोई जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही रोक के लिए एहतियाती कदम। ऐसे में जैसे चल रहा था। वैसे ही काम चलाया जा रहा है।
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अभिहित अधिकारी रमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि छपे कागज पर खाद्य पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित है। मगर अभी इस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इसे रोकने के लिए रणनीति तय की जा रही है। शीघ्र ही टीम बनाकर जांच-पड़ताल शुरू कराई जाएगी। मानव स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा टीम का छापा लिए गए नमूने
कप्तानगंज, दुबौलिया व छावनी में हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने शनिवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की है। टीम ने कप्तानगंज, दुबौलिया, छावनी सहित कई बाजारों की दुकानों में धमकी। इस दौरान टीम ने चार नमूने भरे, जिसे जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार शुक्ल और गीता त्रिपाठी की टीम सुबह सबसे पहले कप्तानगंज जा धमकी। यहां टीम ने अहमद अली की दुकान से साबूदाना का नमूना लिया। छापामारी की भनक लगते ही बाजार में हड़कंप मच गया मगर टीम वहां रुकने के बजाय दुबौलिया चली गई। यहां चंद्रभान के पास से गाय का घी का तो यहीं राजेंद्र प्रसाद की दुकान से टीम ने सेंधा नमक का नमूना लिया। इसके बाद टीम छावनी के खम्हरिया बाजार में पहुंच गई। यहां सुनील कुमार की दुकान से मूंगफली का नमूना एकत्रित किया। इससे पूर्व लालगंज के पाकरडांड से खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय प्रकाश ने नमकीन का नमूना भरा था। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है। अभिहित अधिकारी रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कार्रवाई करेगी।