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17 लेखपालों पर गिरी गाज

Fri, 28 Apr 2017 11:30 PM IST
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 28 Apr 2017 11:30 PM IST
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 लगभग दो साल पहले ओला वृष्टि और बेमौसम बरसात से फसलों को काफी क्षति पहुंची थी। नुकसान की भरपाई के लिए शासन से जिले को धन मिला था। लेकिन मुआवजा नहीं दिया जा सका। इससे धन वापस हो गया। इस मामले में 17 लेखपालों पर कार्रवाई हुई है।
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  व्यवस्था के तहत पांच लाख 780 किसानों को 60.33 करोड़ की धनराशि उनके खाते में 30 मार्च से पहले भेजनी थी। धन वितरण करने की जो रिपोर्ट शासन को भेजी गई, उसके मुताबिक 36.32 करोड़ की रकम 311202 किसानों के खाते में भेजने की बात कही गई। इस तरह 188978 किसान मुआवजे की रकम पाने से वंचित हो गए। 24 करोड़ से अधिक रकम वितरित होना शेष है। रकम उपलब्ध रहते हुए भी प्रशासन को धन सरेंडर करना पड़ा। रकम वापस करने के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए छानबीन शुरू हुई, तो इसके दायरे में हर्रैया, बस्ती और भानपुर तहसील क्षेत्र के 17 लेखपाल आए। एडीएम संतोष राय ने बताया कि सभी लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।       
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वंचित किसानों को मिलेगा मुआवजा      
योजना के नोडल अधिकारी एडीएम संतोष राय ने बताया कि रकम सरेंडर करने के साथ शासन से धन वापसी का पत्र भी भेजा गया। जिस तरह शासन स्तर पर मुआवजे की रकम को वापस करने को लेकर मंथन हो रहा है, इससे उम्मीद है कि दोबारा वापस की गई रकम जिले को मिल जाएगी। बताया कि चुनाव के चलते रकम वितरण में विलंब हुआ था। धन वापस हो जाने के जिम्मेदार हर्रैया के आठ, सदर के छह और भानपुर तहसील क्षेत्र के तीन सहित कुल 17 लेखपाल कार्रवाई के दायरे में आए हैं जिन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।
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