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पति सहित तीन को दस वर्ष की सजा
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:13 AM IST
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पति सहित तीन को दस वर्ष की सजा
दहेज हत्या के प्रकरण में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय हर्ष अग्रवाल ने दहेज हत्या के जुर्म में पति सहित तीन को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर साढ़े आठ हजार रुपये जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है। इसे अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जय गोविंद सिंह व अधिवक्ता विचित्रमणि उपाध्याय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के पंखोबारी निवासी अलाउद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि उसने पुत्री शहनुमा खातून की शादी 24 मई 2015 को थाना क्षेत्र के बजहा गांव निवासी रहमान उर्फ बुधई से की थी। ससुराल में ससुर रईस, सास कोइली व दामाद बाइक व पचास हजार रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। जिसके बारे में बेटी ने फोन से जानकारी दी थी। 13 जुलाई 2015 को सुबह सूचना मिली कि बेटी की मौत हो गई है। बेटी के ससुराल पहुंचे तो देखा कि घर के भीतर उसका शव पड़ा है। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर से वादी सहित आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष की ओर से झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। गवाहों के बयान व सबूूतों के आधार पर न्यायाधीश ने पति रहमान उर्फ बुधई, ससुर रईस व सास कोइली को सजा सुनाई।
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दहेज हत्या के प्रकरण में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय हर्ष अग्रवाल ने दहेज हत्या के जुर्म में पति सहित तीन को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर साढ़े आठ हजार रुपये जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है। इसे अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जय गोविंद सिंह व अधिवक्ता विचित्रमणि उपाध्याय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के पंखोबारी निवासी अलाउद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि उसने पुत्री शहनुमा खातून की शादी 24 मई 2015 को थाना क्षेत्र के बजहा गांव निवासी रहमान उर्फ बुधई से की थी। ससुराल में ससुर रईस, सास कोइली व दामाद बाइक व पचास हजार रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। जिसके बारे में बेटी ने फोन से जानकारी दी थी। 13 जुलाई 2015 को सुबह सूचना मिली कि बेटी की मौत हो गई है। बेटी के ससुराल पहुंचे तो देखा कि घर के भीतर उसका शव पड़ा है। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर से वादी सहित आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष की ओर से झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। गवाहों के बयान व सबूूतों के आधार पर न्यायाधीश ने पति रहमान उर्फ बुधई, ससुर रईस व सास कोइली को सजा सुनाई।
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