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सुयस पेपर मिल को 19 लाख की नोटिस

Sun, 05 Aug 2018 11:57 PM IST
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:57 PM IST
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सुयस पेपर मिल को 19 लाख की नोटिस
सुयस पेपर मिल को 19 लाख जुर्माने का नोटिस
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मिल व एक अन्य पर राख फैलाकर प्रदूषण का आरोप
डीएम ने दिए प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। वन विभाग और ग्राम समाज की भूमि पर राख डालकर प्रदूषण फैलाने के आरोप में सुयस पेपर मिल व एक अन्य को 19 लाख जुर्माने का नोटिस भेजा गया है। इस मामले में डीएम ने शनिवार की सुबह हाईवे के किनारे स्थित स्थान का भ्रमण कर मिल के मालिक व एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
एनएच 28 पर अमहट किनारे स्थित कारगिल शहीद स्तंभ के निकट वन विभाग व ग्राम समाज की जमीन है। इस जमीन पर वन विभाग के दर्जनों पेड़ हैं। इन पेड़ों की स्थिति पिछले कुछ समय से खराब है। पत्तियां गायब हो गई हैं और यहां केवल पेड़ के ठूंठ खड़े हैं। इन स्थितियों का कारक सुयस पेपर मिल की राख है। इसे लेकर तत्कालीन डीएफओ ने मिल के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर मिल स्वामी को प्रदूषण फैलाने व वन भूमि में राख डालने का आरोप लगाते हुए 19 लाख रुपये का नोटिस भेेजा था, मगर इस नोटिस को मिल प्रबंधन ने हल्के में लिया और जुर्माने की राशि जमा नहीं की। चूंकि नोटिस की एक कॉपी डीएम को भी दी गई थी, जिस पर डीएम डॉ. राजशेखर गंभीर हो गए और उन्होंने राख वाले स्थल का भ्रमण किया। यहां के हालात देखकार वे भौचक रह गए। चारों ओर काली राख नजर आ रही थी। इसके प्रदूषण ने पेड़ों को सुखा दिया है, जिससे पत्ते गायब हो गए हैं। यही नहीं इस राख से मानव को भी खतरा बढ़ा है। डीएम ने वन विभाग के नोटिस को तत्काल प्रभाव से सक्रिय करते हुए मिल मालिक व एक अन्य को निर्देश दिए हैं कि यहां किसके आदेश से राख डाली गई है। वे या तो जुर्माना अदा करें अन्यथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
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सदर के रेंजर अमरनाथ यादव ने कहा कि मिल प्रबंधन ने नोटिस के जवाब में यह कहा है कि संबंधित क्षेत्र के राघवेंद्र सिंह ने अपनी जमीन में राख गिराने की अनुमति दी थी और इस जमीन को भी अपना बताया था। रेंजर ने कहा कि राघवेंद्र की जमीन यहां है जरूर मगर वह वन भूमि व ग्राम समाज की जमीन से दूर है। जिस जमीन पर राख गिराने की अनुमति मिल प्रबंधन ने ली थी वहां तो राख गिराई नहीं गई। राख के चलते प्रदूषण फैला जिससे पेड़ सूख गए हैं।
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