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प्रभारी मंत्री के सामने शिक्षकों ने खोली बीएसए की पोल
Updated Tue, 20 Jun 2017 06:27 PM IST
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बीईओ और शिक्षक नेताओं की ओर से पिछले चार दिन से चल रहा बीएसए का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने आए प्रभारी मंत्री सिद्घार्थ सिंह के सामने शिक्षकों और कंप्यूटर आपरेटरों ने बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को सामने रखा और ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह और मंत्री शांतिभूषण त्रिपाठी सहित अन्य नेताओं ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर बीएसए को तत्काल हटाने की मांग की। शिक्षक नेताओं ने मंत्री के सामने बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के आंकड़े पेश किए और कहा कि यहां पर सरकारी कर्मियों को वास्तविक कार्यों के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है। आरोप लगाया कि अधिकतर सरकारी कार्य कार्यालय में न होकर बीएसए के आवास पर किया जाता है, वहीं लेनदेन का काम होता। ज्ञापन में बीएसए की संपत्तियों का ब्यौरा देकर प्रभारी मंत्री से जांच कराने की मांग की गई है।
कंप्यूटर आपरेटरों ने लगाया शोषण का आरोप
बस्ती। बेसिक विभाग में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों की टीम ने भी प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर बीएसए कार्यालय में हो रहे अनियमित कार्यों की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। कहा कि बीएसए के चलते सुनील मौर्य आपरेटर कोमा में चले गए हैं, और परिवार के पास इलाज कराने के लिए रकम नहीं है। आरोप लगाया कि बीएसए की कार्यशैली के कारण कई आपरेटर अवसाद ग्रस्त हो गए है। इस मौके पर ब्लॉकों में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर राकेश प्रकाश श्रीवास्तव, सुनील, धर्मदेव चौधरी, राहुल, अतुल वर्मा, जगबीर सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, मंजूलता चौधरी, आंनद वर्मा, हासिम, राजेश सिंह, उमेश त्रिपाठी, अर्जुन सिंह, दर्मिला यादव, दिलीप, दिनेश पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह और मंत्री शांतिभूषण त्रिपाठी सहित अन्य नेताओं ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर बीएसए को तत्काल हटाने की मांग की। शिक्षक नेताओं ने मंत्री के सामने बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के आंकड़े पेश किए और कहा कि यहां पर सरकारी कर्मियों को वास्तविक कार्यों के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है। आरोप लगाया कि अधिकतर सरकारी कार्य कार्यालय में न होकर बीएसए के आवास पर किया जाता है, वहीं लेनदेन का काम होता। ज्ञापन में बीएसए की संपत्तियों का ब्यौरा देकर प्रभारी मंत्री से जांच कराने की मांग की गई है।
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कंप्यूटर आपरेटरों ने लगाया शोषण का आरोप
बस्ती। बेसिक विभाग में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों की टीम ने भी प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर बीएसए कार्यालय में हो रहे अनियमित कार्यों की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। कहा कि बीएसए के चलते सुनील मौर्य आपरेटर कोमा में चले गए हैं, और परिवार के पास इलाज कराने के लिए रकम नहीं है। आरोप लगाया कि बीएसए की कार्यशैली के कारण कई आपरेटर अवसाद ग्रस्त हो गए है। इस मौके पर ब्लॉकों में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर राकेश प्रकाश श्रीवास्तव, सुनील, धर्मदेव चौधरी, राहुल, अतुल वर्मा, जगबीर सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, मंजूलता चौधरी, आंनद वर्मा, हासिम, राजेश सिंह, उमेश त्रिपाठी, अर्जुन सिंह, दर्मिला यादव, दिलीप, दिनेश पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
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