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शिकंजा: रूट चार्ट से इतर हुई गाड़ी तो ठहर जाएगा पहिया
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रूट चार्ट से इतर हुई गाड़ी तो ठहर जाएगा पहिया
जीपीएस से सुसज्जित हुए पीडीएस अनाज ढोने वाले ट्रक
डिपो से गोदाम के बीच कहीं भी नहीं ठहर सकेंगे ट्रक
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज ढोने वाले ट्रकों से डायवर्जन की शिकायतों पर शासन ने नई व्यवस्था बना दी है। अनाज ढोने वाले सभी ट्रकों के संचालन की सुविधा जीपीएस के माध्यम से शुरू की गई है। डिपो से गोदाम तक के रूट चार्ट को ऑनलाइन कर सिस्टम से जोड़ा गया है। डिपो से अनाज लेकर गोदाम तक के बीच वाहन रूट छोड़ेंगे तो उनके ट्रकों का पहिया इसी सिस्टम के माध्यम से लखनऊ कंट्रोल रूम रोक देगा। सभी ट्रकों चालकों के नाम और मोबाइल नंबर भी कंट्रोल रूम ने लिए हैं।
अनाज माफिया पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने अब नई व्यवस्था बनाई है। ऐसे सभी ट्रक जो ठेकेदार अनाज ढोने में प्रयुक्त करते हैं, में जीपीएस लगा दिए गए है। जिले में ठेकेदार के 55 ट्रक इस कार्य में लगाए गए हैं। ये ट्रक जैसे ही डिपो के गेट पर कागज लेकर बाहर आएंगे सिस्टम खुद ब-खुद संचालित हो जाएगा। सभी वाहनों के रूट चार्ट भी ऑनलाइन हैं। उसी रास्ते वाहन गोदाम तक जाएगा। सिस्टम इतना अपडेट है कि गाड़ी किस स्पीड में चल रही है और कहां तक पहुंची, कितना माल लदा है का पूरा ब्योरा सिस्टम पर नजर आएगा। सबसे खास बात यह है कि ट्रक ने गोदाम पर गाड़ी को पूरा खाली किया या नहीं यह भी कंट्रोल रूम में नजर आएगा।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने उक्त बताया कि जिले के सभी 55 ट्रकों को जीपीएस से सुसज्जित किया जा चुका है। यहां 14 रूट का प्लान कंट्रोल रूम को दिया जा चुका है। ट्रकों की लोडिंग से लेकर अनलोडिंग तक की पूरी कार्य प्रणाली सिस्टम पर नजर आएगी। कहा कि जिले में नए रूट का प्लान नहीं भेजा गया था, जिसे एकाध दिन में अपडेट करा दिया जाएगा। तीन जुलाई तक यह कार्य पूरा हो जाना है। इसके बाद कोई भी विभाग के पीडीएस अनाज ढोने वाला ट्रक रूट के इतर नहीं चल सकेगा।
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जीपीएस से सुसज्जित हुए पीडीएस अनाज ढोने वाले ट्रक
डिपो से गोदाम के बीच कहीं भी नहीं ठहर सकेंगे ट्रक
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज ढोने वाले ट्रकों से डायवर्जन की शिकायतों पर शासन ने नई व्यवस्था बना दी है। अनाज ढोने वाले सभी ट्रकों के संचालन की सुविधा जीपीएस के माध्यम से शुरू की गई है। डिपो से गोदाम तक के रूट चार्ट को ऑनलाइन कर सिस्टम से जोड़ा गया है। डिपो से अनाज लेकर गोदाम तक के बीच वाहन रूट छोड़ेंगे तो उनके ट्रकों का पहिया इसी सिस्टम के माध्यम से लखनऊ कंट्रोल रूम रोक देगा। सभी ट्रकों चालकों के नाम और मोबाइल नंबर भी कंट्रोल रूम ने लिए हैं।
अनाज माफिया पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने अब नई व्यवस्था बनाई है। ऐसे सभी ट्रक जो ठेकेदार अनाज ढोने में प्रयुक्त करते हैं, में जीपीएस लगा दिए गए है। जिले में ठेकेदार के 55 ट्रक इस कार्य में लगाए गए हैं। ये ट्रक जैसे ही डिपो के गेट पर कागज लेकर बाहर आएंगे सिस्टम खुद ब-खुद संचालित हो जाएगा। सभी वाहनों के रूट चार्ट भी ऑनलाइन हैं। उसी रास्ते वाहन गोदाम तक जाएगा। सिस्टम इतना अपडेट है कि गाड़ी किस स्पीड में चल रही है और कहां तक पहुंची, कितना माल लदा है का पूरा ब्योरा सिस्टम पर नजर आएगा। सबसे खास बात यह है कि ट्रक ने गोदाम पर गाड़ी को पूरा खाली किया या नहीं यह भी कंट्रोल रूम में नजर आएगा।
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डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने उक्त बताया कि जिले के सभी 55 ट्रकों को जीपीएस से सुसज्जित किया जा चुका है। यहां 14 रूट का प्लान कंट्रोल रूम को दिया जा चुका है। ट्रकों की लोडिंग से लेकर अनलोडिंग तक की पूरी कार्य प्रणाली सिस्टम पर नजर आएगी। कहा कि जिले में नए रूट का प्लान नहीं भेजा गया था, जिसे एकाध दिन में अपडेट करा दिया जाएगा। तीन जुलाई तक यह कार्य पूरा हो जाना है। इसके बाद कोई भी विभाग के पीडीएस अनाज ढोने वाला ट्रक रूट के इतर नहीं चल सकेगा।
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