{"_id":"5fc287c08ebc3e5be028d6c6","slug":"150-samples-taken-in-slums-not-one-positive-basti-news-gkp3749226197","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलिन बस्तियों में 150 नमूने लिए गए, पॉजिटिव एक भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलिन बस्तियों में 150 नमूने लिए गए, पॉजिटिव एक भी नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलिन बस्तियों में 150 नमूने लिए गए, पॉजिटिव एक भी नहीं
बस्ती। अत्याधुनिक जीवन शैली जीने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खासा प्रभाव है, मगर इससे इतर मलिन बस्तियों की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले सुरक्षित हैं। यह हम नहीं आंकड़े बताते हैं। शहरी क्षेत्र से सटे आठ मलिन बस्तियों में हुई कोरोना की 150 लोगों की एंटीजन जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं मिला। हालांकि लक्षण के आधार पर 13 का आरटीपीसी जांच कराई गई, लेकिन सभी निगेटिव निकले। इससे इतर अब तक शहरी क्षेत्र में कराई गई जांच में लग्जरी जीवन शैली वाले अधिकांश लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
नंबवर के प्रथम सप्ताह में तीन दिनों तक मलिन बस्ती नरहरिया समेत शहरी क्षेत्र के आठों मलिन बस्तियों में 150 लोगों की जांच कराई गई, जिसमें से एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया। सीएमओ डॉ. एके गुप्ता का कहना है कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग हर परिस्थिति में जिंदगी काटते हैं। उनका रहन-सहन उनकी इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ा देता है, जबकि लग्जरी जीवन जीने वालों की इम्युनिटी पावर कम हो जाती है। ऐसे में कोरोना का प्रभाव इन्हें अपने जद में ले लेता है। कोरोना के अरबन के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुशवाहा का कहना है कि विभिन्न तिथियों में अलग-अलग स्थानों पर हुई करीब डेढ़ सौ लोगों की जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं पाया गया है।
बाजार में जांच में पांच पॉजिटिव
बाजार में ठेला, खोमचा, चाय की दुकानों तथा प्रतिष्ठान प्रतिष्ठानों से लिए गए 609 नमूनों से पांच पॉजिटिव पाए गए। बाद में इनका कंफर्मेट्री टेस्ट आरटीपीसी से कराया गया, जिसमें भी पॉजिटिव पाए गए। उनका इलाज कर घर भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बाहर से आने वालों में दो पॉजिटिव
दस नवंबर को रोडवेज व बस स्टेशन के अलावा शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में गैर राज्यों से आने वाले के 50 नमूने लिए गए, जिसमें दो पॉजिटिव केस पाए गए हैं। यह दोनों सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर जिले के थे। उन्हें भर्ती करा दिया गया।
होम आइसोलेशन में 288
शहरी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित 288 होम आइसोलेशन में हैं। इसकी पुष्टि कोरोना के नोडल अधिकारी अरबन डॉ. अजीत कुशवाहा ने की है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के पास घर में अलग रूम व अन्य सुविधा है।
विज्ञापन
बस्ती। अत्याधुनिक जीवन शैली जीने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खासा प्रभाव है, मगर इससे इतर मलिन बस्तियों की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले सुरक्षित हैं। यह हम नहीं आंकड़े बताते हैं। शहरी क्षेत्र से सटे आठ मलिन बस्तियों में हुई कोरोना की 150 लोगों की एंटीजन जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं मिला। हालांकि लक्षण के आधार पर 13 का आरटीपीसी जांच कराई गई, लेकिन सभी निगेटिव निकले। इससे इतर अब तक शहरी क्षेत्र में कराई गई जांच में लग्जरी जीवन शैली वाले अधिकांश लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
नंबवर के प्रथम सप्ताह में तीन दिनों तक मलिन बस्ती नरहरिया समेत शहरी क्षेत्र के आठों मलिन बस्तियों में 150 लोगों की जांच कराई गई, जिसमें से एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया। सीएमओ डॉ. एके गुप्ता का कहना है कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग हर परिस्थिति में जिंदगी काटते हैं। उनका रहन-सहन उनकी इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ा देता है, जबकि लग्जरी जीवन जीने वालों की इम्युनिटी पावर कम हो जाती है। ऐसे में कोरोना का प्रभाव इन्हें अपने जद में ले लेता है। कोरोना के अरबन के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुशवाहा का कहना है कि विभिन्न तिथियों में अलग-अलग स्थानों पर हुई करीब डेढ़ सौ लोगों की जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं पाया गया है।
विज्ञापन
बाजार में जांच में पांच पॉजिटिव
बाजार में ठेला, खोमचा, चाय की दुकानों तथा प्रतिष्ठान प्रतिष्ठानों से लिए गए 609 नमूनों से पांच पॉजिटिव पाए गए। बाद में इनका कंफर्मेट्री टेस्ट आरटीपीसी से कराया गया, जिसमें भी पॉजिटिव पाए गए। उनका इलाज कर घर भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बाहर से आने वालों में दो पॉजिटिव
दस नवंबर को रोडवेज व बस स्टेशन के अलावा शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में गैर राज्यों से आने वाले के 50 नमूने लिए गए, जिसमें दो पॉजिटिव केस पाए गए हैं। यह दोनों सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर जिले के थे। उन्हें भर्ती करा दिया गया।
होम आइसोलेशन में 288
शहरी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित 288 होम आइसोलेशन में हैं। इसकी पुष्टि कोरोना के नोडल अधिकारी अरबन डॉ. अजीत कुशवाहा ने की है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के पास घर में अलग रूम व अन्य सुविधा है।