फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   धरना देकर शिक्षकों ने बीएसए के खिलाफ उठाई आवाज

धरना देकर शिक्षकों ने बीएसए के खिलाफ उठाई आवाज

Mon, 19 Jun 2017 06:23 PM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 06:23 PM IST
विज्ञापन
धरना देकर शिक्षकों ने बीएसए के खिलाफ उठाई आवाज
शिक्षकों का पिछले दो दिन से चला आ रहा बीएसए विरोध का अभियान सोमवार को धरने में तब्दील हो गया। धरने के दौरान शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय में बिना सुविधा शुल्क दिए कोई कार्य नहीं होता। कहा कि बीएसए अपने आवास पर कार्यालय खोल रखा है, सारे लेनदेन के कार्य कुछ लोगों के जरिए आवास पर ही होता है। गोपनीय पत्रावली तक आवास में रखी जाती है।
विज्ञापन

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि जब तक विभाग में फैला भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा शिक्षा में कोई सुधार नहीं होगा। वेतन आदेश, अंकपत्रों के सत्यापन, बाल्यकाल अवकाश, प्रसूति अवकाश, अग्रिम पीपीएफ जैसे अन्य मामलों में बिना सुविधा शुल्क लिए कार्य नहीं किया जाता। फाइलों को लंबित कर धनादोहन किया जाता है। उन्होंने कहा कि 20 जून को जिले के प्रभारी मंत्री के सामने बीएसए के काले कारनामों की पोल खोली जाएगी।
विज्ञापन

मंत्री शांतिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि जब तक बीएसए जिले से नहीं चले जाएंगे तब तक शिक्षक आंदोलन करते रहेंगे। उपाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने कहा कि अंतर जनपदीय शिक्षकों का कई माह का वेतन सुविधा शुल्क देने के अभाव में रोका गया है। बैठक में बीएसए के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। धरने में सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, उम्मर प्रदेश निरीक्षक संघ, शैक्षिक महासंघ, कंप्यूटर आपरेटर संघ सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाई। इस मौके पर श्रवण कुमार सिंह, ओंकार प्रताप सिंह, रंजन सिंह, शिवरतन, संतोष पांडेय, जितेंद्र पांडेय, संतोष मिश्र, प्रदुम्न द्विवेदी, अश्वनी सिंह, अनिल पाठक, उमाशंकर पांडेय, सुनील तिवारी, दिनेश सिंह, दिवाकर मिश्र, प्रमोद सिंह, अंबिका पांडेय, प्रशांत बरगाह, आशाराम, अमित श्रीवास्तव, मो. असलम, सकुनुदीन सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
बीएसए ने कहा समस्याओं के बारे में नहीं बताया
बीएसए एमपी वर्मा ने कहा कि शिक्षकों को अपनी दिक्कतों के बारे में मिलकर बताना चाहिए ताकि बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। समस्याओं को लेकर कोई शिक्षक उनसे मिलने भी नहीं आया, और न कोई प्रत्यावेदन ही दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed