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शिथिलता: धन मिलने के बाद भी नहीं कराया काम
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:13 AM IST
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शिथिलता: धन मिलने के बाद भी नहीं कराया काम
नवोदय विद्यालय को अर्बन फीडर से जोड़ने को मिले थे 2.7 करोड़
डीएम ने चेतावनी के साथ 31 तक का समय विद्युत निगम को दिया
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। करीब पांच वर्ष पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय को रुधौली विद्युत उपकेंद्र के अर्बन फीडर से जोड़ने के लिए स्वीकृति हुई थी। इसके लिए सवा दो करोड़ भी निगम को दी गई। अब इस धनराशि कार्य न कराए जाने के चलते विद्युत विभाग से वसूली जा सकती है। इसके लिए डीएम ने विभाग को अंतिम चेतावनी देते हुए 31 दिसंबर तक का समय है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय को 22 मार्च 2014 को रुधौली तहसील क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय को छात्रों की सुविधा के लिए ग्रामीण फीडर से काटकर अर्बन फीडर से जोड़ने के लिए कुल 2.7 करोड़ दे दी गई थी, लेकिन धनराशि मिलने के बावजूद भी विभाग ने आज तक इस प्रक्रिया में कोई कदम नहीं उठाया। इसके लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया, मगर निगम ने इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया। पहली अगस्त 2015 को तत्कालीन प्रधानाचार्य श्रीमती के अलावा वर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. आरके मिश्रा ने भी लगभग कई बार रिमाइंडर भेजा। बावजूद इसके निगम ने सुध नहीं ली। अब इसी मामले को प्रधानाचार्य ने डीएम डॉ. राजशेखर के संज्ञान में डाल दिया, जिस पर डीएम ने विद्युत निगम को 31 दिसंबर तक का समय दिया है। डीएम ने इस मामले को निस्तारित न किए जाने की दशा में संबंधित से वसूली व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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नवोदय विद्यालय को अर्बन फीडर से जोड़ने को मिले थे 2.7 करोड़
डीएम ने चेतावनी के साथ 31 तक का समय विद्युत निगम को दिया
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। करीब पांच वर्ष पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय को रुधौली विद्युत उपकेंद्र के अर्बन फीडर से जोड़ने के लिए स्वीकृति हुई थी। इसके लिए सवा दो करोड़ भी निगम को दी गई। अब इस धनराशि कार्य न कराए जाने के चलते विद्युत विभाग से वसूली जा सकती है। इसके लिए डीएम ने विभाग को अंतिम चेतावनी देते हुए 31 दिसंबर तक का समय है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय को 22 मार्च 2014 को रुधौली तहसील क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय को छात्रों की सुविधा के लिए ग्रामीण फीडर से काटकर अर्बन फीडर से जोड़ने के लिए कुल 2.7 करोड़ दे दी गई थी, लेकिन धनराशि मिलने के बावजूद भी विभाग ने आज तक इस प्रक्रिया में कोई कदम नहीं उठाया। इसके लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया, मगर निगम ने इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया। पहली अगस्त 2015 को तत्कालीन प्रधानाचार्य श्रीमती के अलावा वर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. आरके मिश्रा ने भी लगभग कई बार रिमाइंडर भेजा। बावजूद इसके निगम ने सुध नहीं ली। अब इसी मामले को प्रधानाचार्य ने डीएम डॉ. राजशेखर के संज्ञान में डाल दिया, जिस पर डीएम ने विद्युत निगम को 31 दिसंबर तक का समय दिया है। डीएम ने इस मामले को निस्तारित न किए जाने की दशा में संबंधित से वसूली व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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