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जेई-एईएस मरीजों को बाहर की दवाएं व जांच

Sun, 03 Sep 2017 10:51 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:51 PM IST
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जेई-एईएस मरीजों को बाहर की दवाएं व जांच
जेई-एईएस मरीजों को बाहर की दवाएं व जांच
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बस्ती।
सरकार है कि सभी को मुफ्त चिकित्सा देने का निर्देश दे चुकी है। करोड़ों रुपये दवा और जांच के संसाधनों पर खर्च कर रही है, बावजूद इसके चिकित्सा तंत्र पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है।
जेई-एईएस के लिए संवेदनशील सूची में जिला भी शामिल है। यहां इस बीमारी से पीड़ितों को अस्पताल से ही दवाएं दिए जाने के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर बाहर से दवा की भी व्यवस्था लोकल परचेज के माध्यम से बनाई गई है, मगर जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं है। यहां जेई-एईएस से पीड़ित मरीजों को बाहर की दवाएं और जांच लिखी जा रही है। रविवार को जिला चिकित्सालय के पीआईसीयू में कुल 10 मरीजों में से सात जेई-एईएस तथा तेज बुखार के भर्ती मिले। इन मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि उनकी जांच डॉक्टर ने बाहर से कराई। सभी मरीजों ने दवा और जांच के नाम पर डेढ़ से ढाई हजार रुपये व्यय किए हैं। वहीं, दूसरी ओर अभी दो दिन पूर्व जिला चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रशिक्षण हुआ उस दौरान डॉक्टरों को यह बताया गया कि वे बाहर की दवाओं की जरूरत पर लोकल परचेज कराएं, किसी भी दशा में बाहर से जांच अथवा दवा न लिखें, मगर इस निर्देश को डॉक्टरों ने एक कान सुना तो दूसरे कान से बाहर कर दिया।
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पीआईसीयू में भर्ती तीन साल का अमन बेहोश है। उसे तेज बुखार और झटका आया तो माता-पिता इसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने देखा और फिर एक हजार रुपये की जांच बाहर से लिख दिए। शनिवार की शाम को भर्ती इस बच्चे के माता-पिता बेटे के लिए सब कुछ कर गुजरने को तैयार हैं, मगर डॉक्टर के लिए यह महज वसूली का एक साधन मात्र है। तभी तो निर्देश के बावजूद करीब पंद्रह सौ रुपयों की दवा बाहर से मंगा चुके हैं।
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यही हाल चार साल के नितिन पुत्र राजेश निवासी कुदरहा, डेढ़ वर्ष के शाहिद पुत्र जैनुलआब्दीन लालगंज, शिवम पुत्र बेचू झग्गूपुर गौर, बनकटी ब्लॉक के निवासी राम लाल के चार वर्षीय पुत्र अरुन, आकाश और श्लोक का भी है। इनके परिवार के लोग बताते हैं कि बीमारी के बाद से डॉक्टरों ने दवा तो अलग जांच तक बाहर से कराई है। अब डॉक्टर जो कहेंगे वहीं किया जाता है।

एसआईसी डॅा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि अभी सुबह जांच की थी, मगर कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली। यदि ऐसा है तो इसे देखकर कार्रवाई करते हैं। सरकार की मंशा के मुताबिक यदि कोई कार्य नहीं करेगा तो उस पर सख्ती की जाएगी।
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