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54 करोड़ के कार्यों के गुणवता पर उठे सवाल
Updated Tue, 27 Jun 2017 05:51 PM IST
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14 बीडीओ ने 88 दिन में दस हजार से अधिक कार्यों पर 54 करोड़ खर्च कर दिए मगर एक भी कार्य की सत्यापन रिपोर्ट नहीं दी। रिपोर्ट न मिलने से कार्यों की गुणवत्ता और श्रमिकों के भुगतान की स्थित का पता नहीं चल रहा। डीसी मनरेगा अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सत्यापन रिपोर्ट मांगी जा रही है।
विकास भवन के एक अधिकारी की माने तो हिसाब और सत्यापन रिपोर्ट न देने के पीछे अनियमितता का होना रहता है। चूंकि इस कार्य में बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख शामिल रहते हैं, इस लिए कार्रवाई करने में अफसरों को हिचकिचाहट होती है। जबकि ग्राम पंचायतों में आसानी से कार्रवाई कर दी जाती है। मनरेगा साइट पर जो आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, उसके मुताबिक बहादुरपुर ब्लॉक ने 205 लाख, बनकटी ने 323 लाख, बस्ती सदर ने 202 लाख, गौर ने 401 लाख, दुबौलिया ने 401 लाख, हर्रैया ने सबसे अधिक 1148 लाख, कप्तानगंज ने 223 लाख, कुदरहा ने 518 लाख, परशुरामपुर ने 237 लाख, रामनगर ने 414 लाख, रूधौली ने 189 लाख, सल्टौआ ने 575 लाख, साऊंघाट ने 286 लाख और विक्रमजोत ब्लॉक ने 335 लाख सहित कुल 53.98 करोड़ खर्च हुआ। सत्यापन रिपोर्ट न देने वालों में हर्रैया, सल्टौआ, बनकटी और कप्तानगंज में प्रभारी बीडीओ के रूप में तैनात जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं।
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विकास भवन के एक अधिकारी की माने तो हिसाब और सत्यापन रिपोर्ट न देने के पीछे अनियमितता का होना रहता है। चूंकि इस कार्य में बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख शामिल रहते हैं, इस लिए कार्रवाई करने में अफसरों को हिचकिचाहट होती है। जबकि ग्राम पंचायतों में आसानी से कार्रवाई कर दी जाती है। मनरेगा साइट पर जो आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, उसके मुताबिक बहादुरपुर ब्लॉक ने 205 लाख, बनकटी ने 323 लाख, बस्ती सदर ने 202 लाख, गौर ने 401 लाख, दुबौलिया ने 401 लाख, हर्रैया ने सबसे अधिक 1148 लाख, कप्तानगंज ने 223 लाख, कुदरहा ने 518 लाख, परशुरामपुर ने 237 लाख, रामनगर ने 414 लाख, रूधौली ने 189 लाख, सल्टौआ ने 575 लाख, साऊंघाट ने 286 लाख और विक्रमजोत ब्लॉक ने 335 लाख सहित कुल 53.98 करोड़ खर्च हुआ। सत्यापन रिपोर्ट न देने वालों में हर्रैया, सल्टौआ, बनकटी और कप्तानगंज में प्रभारी बीडीओ के रूप में तैनात जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं।
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