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Basti News: छापे में गोदाम से गायब मिली 1050 बोरी यूरिया

Tue, 28 Oct 2025 01:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:44 AM IST
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1050 bags of urea were found missing from the warehouse during the raid.
कालाबाजारी की पु​ष्टि होने के बाद सील किया जा रहा समिति का गोदाम।
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबू राम मौर्य की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। कप्तानगंज विकास क्षेत्र के सहकारिता से पंजीकृत प्राइवेट समिति मेसर्स कृषि उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति ने पोखरा बाजार में छापा मारा। इस दौरान पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक एवं वितरण का सत्यापन करने के लिए समिति के गोदाम की जांच की गई। इस दौरान 1050 बोरी यूरिया गायब मिली। जबकि पीओएस में दर्ज एक बोरी डीएपी खाद के स्टॉक के सापेक्ष 32 बोरी अधिक मिली।
स्टॉक में अनियमितता मिलने के दौरान समिति सचिव फरार हो गया। डीएओ की टीम ने गोदाम को सील करके सचिव के खिलाफ थाने में तहरीर दी।
गोपनीय सूचना के आधार पर डीएओ डॉ. मौर्य ने पूरी टीम के साथ पोखरा निजी समिति पर सोमवार को छापा मारा। इस दौरान सहकारिता से पंजीकृत लाइसेंस संख्या-83948 की इस समिति पर यूरिया के कालाबाजारी की पुष्टि हुई। इसकी सूचना डीएम रवीश गुप्ता को दी गई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से समिति के सचिव के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया।
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इसके डीएओ ने थाने में तहरीर दी। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। डीएओ ने मौके पर समिति खुली पाई। समिति के प्रोपराइटर/ सचिव राम प्रसाद मौजूद मिले। पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टाॅक का गोदाम में भौतिक रूप से मिलान किया गया ताे पता चला कि यूरिया 61.065 एमटी (1397 बोरी) के सापेक्ष लगभग 347 बोरी गोदाम में उपलब्ध पाई गई। 1050 बोरी यूरिया गोदाम से गायब मिली। वहीं डीएपी उर्वरक 0.05 एमटी (एक बोरी) के सापेक्ष 32 बोरी (31 बोरी अधिक) मिली। जबकि एनपीके उर्वरक 3.8 एमटी (62 बोरी) के सापेक्ष 124 बोरी (62 बोरी अधिक) एमओपी उर्वरक शून्य के सापेक्ष 36 बोरी अधिक पाई गई।
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उर्वरक वितरण/ स्टाॅक रजिस्टर मांगे जाने पर समिति के सचिव ने उपलब्ध नहीं कराया गया। अनियमितता उजागर होने पर वह फरार गया। टीम ने उपलब्ध स्टाॅक में से इफ्को अमोनियम फास्फेट सल्फेट (20:20:0:13), इफ्को डीएपी और आईपीएल एमओपी का एक-एक भी लिया। डीएओ ने बताया मिलावट के संदेह पर इन नमूनों की जांच प्रयोगशाला से कराई जाएगी। बताया कि समिति के प्रोपराइटर द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर गोदाम को सील कर दिया गया। बाद में सील बंद गोदाम समिति के प्रोपराइटर के पुत्र मनीष कुमार की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है।

समिति पर उर्वरकों की रेट सूची भी नहीं पाई गई। जांच रिपोर्ट पर डीएम से अनुमोदन मिलने के उपरांत उर्वरक की कालाबाजारी, उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 की धारा- 4 (क, ख) का उल्लंघन एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के आरोप में कप्तानगंज थाने में समिति के प्रोपराइटर के खिलाफ तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने बताया कि डीएओ स्तर से समिति संचालक के खिलाफ तहरीर मिली है। मामले में केस दर्ज करके छानबीन शुरू की जाएगी।
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