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स्क्रब टाइफस से बीमार हुए अब तक आठ
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:50 PM IST
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अब तक आठ लोग स्क्रब टाइफस से बीमार
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिल रहे इस बीमारी के मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
साऊंघाट। स्क्रब टाइफस से बीमार जिले के हर्रैया, रुधौली, कुदरहा, मरवटिया, कप्तानगंज, गौर में एक के बाद एक कुल आठ मरीज मिल चुके हैं। हालांकि, सभी मरीज का इलाज कराया जा चुका है, मगर इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में है।
जिले के मरवटिया क्षेत्र के रैपुरा में किशन को तेज बुखार हुआ। डॉक्टर ने उसे एईएस बताया। इसके बाद उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अब उसकी तबीयत ठीक हो गई है, मगर इलाज चल रहा है। इसी प्रकार महसो गांव में 18 वर्षीय, हर्रैया के सलहवीपुर में तीन वर्ष की परिधि, रुधौली के मझौआरैला में छह वर्षीय सौरभ कुदरहा में ग्राम अइलिया की छह वर्षीय बेबी, कप्तानगंज के चकिया की 10 वर्षीय गुड़िया, कप्तानगंज के भरवलिया की 30 वर्षीय नूरजहां, गौर क्षेत्र के गौर गांव में तीन वर्षीय लक्ष्मी को स्क्रब टायफस से बीमार घोषित किया जा चुका है।
क्या है स्क्रब टाइफस-
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। जो जानलेवा है। इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं। पिछले साल 150 लोग इससे प्रभावित पाए गए थे। यदि इस रोग का इलाज न किया जाए तो 35 से 40 प्रतिशत मामलों में मृत्यु की आशंका रहती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी ने बताया कि स्क्रब टाइफस की शुरुआत सिरदर्द और ठंड के साथ बुखार से हो सकती है। रोग बिगड़ने पर बुखार तेज हो जाता है और सिरदर्द भी असहनीय होने लगता है। इसकी जांच जिला अस्पताल में उपलब्ध है। संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्क्रब टाइफस की चपेट में इस साल अब तक कुल आठ मरीज पाए गए हैं। सभी पूरी तरह ठीक हैं। जहां मरीज मिले थे, उन गांवों में निरोधात्मक कार्रवाई कराई जा चुकी है।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिल रहे इस बीमारी के मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
साऊंघाट। स्क्रब टाइफस से बीमार जिले के हर्रैया, रुधौली, कुदरहा, मरवटिया, कप्तानगंज, गौर में एक के बाद एक कुल आठ मरीज मिल चुके हैं। हालांकि, सभी मरीज का इलाज कराया जा चुका है, मगर इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में है।
जिले के मरवटिया क्षेत्र के रैपुरा में किशन को तेज बुखार हुआ। डॉक्टर ने उसे एईएस बताया। इसके बाद उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अब उसकी तबीयत ठीक हो गई है, मगर इलाज चल रहा है। इसी प्रकार महसो गांव में 18 वर्षीय, हर्रैया के सलहवीपुर में तीन वर्ष की परिधि, रुधौली के मझौआरैला में छह वर्षीय सौरभ कुदरहा में ग्राम अइलिया की छह वर्षीय बेबी, कप्तानगंज के चकिया की 10 वर्षीय गुड़िया, कप्तानगंज के भरवलिया की 30 वर्षीय नूरजहां, गौर क्षेत्र के गौर गांव में तीन वर्षीय लक्ष्मी को स्क्रब टायफस से बीमार घोषित किया जा चुका है।
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क्या है स्क्रब टाइफस-
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। जो जानलेवा है। इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं। पिछले साल 150 लोग इससे प्रभावित पाए गए थे। यदि इस रोग का इलाज न किया जाए तो 35 से 40 प्रतिशत मामलों में मृत्यु की आशंका रहती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी ने बताया कि स्क्रब टाइफस की शुरुआत सिरदर्द और ठंड के साथ बुखार से हो सकती है। रोग बिगड़ने पर बुखार तेज हो जाता है और सिरदर्द भी असहनीय होने लगता है। इसकी जांच जिला अस्पताल में उपलब्ध है। संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्क्रब टाइफस की चपेट में इस साल अब तक कुल आठ मरीज पाए गए हैं। सभी पूरी तरह ठीक हैं। जहां मरीज मिले थे, उन गांवों में निरोधात्मक कार्रवाई कराई जा चुकी है।
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