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कमीशन के चक्कर में नौ हजार का 23 हजार में खरीदा सोलर लाइट
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:04 AM IST
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नौ हजार की सोलर लाइट 23 हजार में खरीदी
बस्ती।
ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों के झाडू और बेलचा में गोलमाल किए जाने का मामला अभी चल ही रहा है कि चाइनीज सोलर लाइट खरीद का प्रकरण सामने आ गया। कमीशनबाजी के चक्कर में पंचायतें प्राइवेट कंपनियों से नौ हजार की सोलर लाइट को 23 हजार में खरीद रही हैं। जबकि सोलर लाइट खरीदने का शासनादेश नेडा से है। नेडा न सिर्फ एक सोलर लाइट पर सात हजार रुपये का अनुदान दे रही है बल्कि 25 साल की गारंटी भी दे रही है। इस तरह नेडा की एक सोलर लाइट की कीमत 14800 रुपये है। चूंकि नेडा की ओर से कमीशन देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए पंचायतें कमीशन के चक्कर में प्राइवेट से खरीदारी कर रही हैं। वह भी बिना किसी गारंटी वाली। इसकी शिकायत होने पर सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने जांच कराने की बात कही है।
ग्राम निधि प्रथम को निजी धन की तरह इस्तेमाल करने की आदी हो चुकी जिले की 1247 ग्राम पंचायतें सरकारी धन की बंदबांट करने का एक भी मौका गंवाना नहीं चाहतीं। कुछ ही ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जो इस मद के धन का सही तरीके से इस्तेमाल कर रही है। अब तक उजागर हुए मामले से पता चलता है कि सरकारी धन के दुरुपयोग करने में पंचायतों में एक तरह से कंपीटीशन हो रहा है। नेडा के परियोजना अधिकारी अगस्त मुनि त्रिपाठी कहते हैं कि सरकार ग्राम पंचायतों को एक सोलर लाइट पर सात हजार रुपये का अनुदान दे रही है। बशर्ते खरीद पांच सोलर लाइट से कम नहीं होनी चाहिए। बताया कि एक सोलर लाइट की कुल कीमत 21,900 रुपये है। इसमें सात हजार अनुदान देने के बाद इसकी वास्तविक कीमत 14,800 है। बताया कि नेडा की ओर से दी गई सोलर लाइट के पैनल पर 25 साल और बैटरी पर पांच साल तक की गारंटी है। बताया कि इतना ही नहीं नेडा 75 एच की बैटरी, 75 वॉट पैनल और 12 वॉट का एलईडी देता है। जबकि जो सोलर लाइट ग्राम पंचायतों की ओर से प्राइवेट कंपनियों से खरीदे जा रहे हैं, उसकी बैटरी 30 एच और दो माह की गारंटी, 40 वॉट का पैनल और आठ वॉट का एलईडी बल्ब लगा रहता है। बताया कि जो शिकायतें उन्हें मिल रही हैं, उसमें बाहर से खरीदी गई सोलर लाइट लगते ही खराब हो जा रहीं हैं। सर्विस नहीं दी जा रही है। बताया कि उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए सभी बीडीओ को नेडा से ही सोलर लाइट खरीदने के लिए पत्र लिखा है। बताया कि प्राइवेट कंपनी से खरीदी गई सोलर लाइट कितने दिन तक चलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि नेडा की ओर से सोलर लाइट खरीदने वाला पत्र मिला है। सभी एडीओ पंचायतों को शासनादेश का पालन कराने को लिखा गया है।
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बस्ती।
ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों के झाडू और बेलचा में गोलमाल किए जाने का मामला अभी चल ही रहा है कि चाइनीज सोलर लाइट खरीद का प्रकरण सामने आ गया। कमीशनबाजी के चक्कर में पंचायतें प्राइवेट कंपनियों से नौ हजार की सोलर लाइट को 23 हजार में खरीद रही हैं। जबकि सोलर लाइट खरीदने का शासनादेश नेडा से है। नेडा न सिर्फ एक सोलर लाइट पर सात हजार रुपये का अनुदान दे रही है बल्कि 25 साल की गारंटी भी दे रही है। इस तरह नेडा की एक सोलर लाइट की कीमत 14800 रुपये है। चूंकि नेडा की ओर से कमीशन देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए पंचायतें कमीशन के चक्कर में प्राइवेट से खरीदारी कर रही हैं। वह भी बिना किसी गारंटी वाली। इसकी शिकायत होने पर सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने जांच कराने की बात कही है।
ग्राम निधि प्रथम को निजी धन की तरह इस्तेमाल करने की आदी हो चुकी जिले की 1247 ग्राम पंचायतें सरकारी धन की बंदबांट करने का एक भी मौका गंवाना नहीं चाहतीं। कुछ ही ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जो इस मद के धन का सही तरीके से इस्तेमाल कर रही है। अब तक उजागर हुए मामले से पता चलता है कि सरकारी धन के दुरुपयोग करने में पंचायतों में एक तरह से कंपीटीशन हो रहा है। नेडा के परियोजना अधिकारी अगस्त मुनि त्रिपाठी कहते हैं कि सरकार ग्राम पंचायतों को एक सोलर लाइट पर सात हजार रुपये का अनुदान दे रही है। बशर्ते खरीद पांच सोलर लाइट से कम नहीं होनी चाहिए। बताया कि एक सोलर लाइट की कुल कीमत 21,900 रुपये है। इसमें सात हजार अनुदान देने के बाद इसकी वास्तविक कीमत 14,800 है। बताया कि नेडा की ओर से दी गई सोलर लाइट के पैनल पर 25 साल और बैटरी पर पांच साल तक की गारंटी है। बताया कि इतना ही नहीं नेडा 75 एच की बैटरी, 75 वॉट पैनल और 12 वॉट का एलईडी देता है। जबकि जो सोलर लाइट ग्राम पंचायतों की ओर से प्राइवेट कंपनियों से खरीदे जा रहे हैं, उसकी बैटरी 30 एच और दो माह की गारंटी, 40 वॉट का पैनल और आठ वॉट का एलईडी बल्ब लगा रहता है। बताया कि जो शिकायतें उन्हें मिल रही हैं, उसमें बाहर से खरीदी गई सोलर लाइट लगते ही खराब हो जा रहीं हैं। सर्विस नहीं दी जा रही है। बताया कि उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए सभी बीडीओ को नेडा से ही सोलर लाइट खरीदने के लिए पत्र लिखा है। बताया कि प्राइवेट कंपनी से खरीदी गई सोलर लाइट कितने दिन तक चलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि नेडा की ओर से सोलर लाइट खरीदने वाला पत्र मिला है। सभी एडीओ पंचायतों को शासनादेश का पालन कराने को लिखा गया है।
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