{"_id":"59ad96fd4f1c1b3e738b51a3","slug":"101504548605-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन वितरण में अनियमितता पर कोटेदार को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन वितरण में अनियमितता पर कोटेदार को नोटिस
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राशन वितरण में गड़बड़ी पर कोटेदार को नोटिस
बस्ती।
तहसील भानपुर की ग्राम पंचायत शिवपुर में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर कोटेदार रामलाल को एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई गांव वालों की शिकायत पर हुई। जांच क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक ने की।
गरीबों के नाम पर आए राशन और केरोसिन को खुले बाजार में बेचने की शिकायतें आम हो गई हैं। जिले का शायद ही कोई ऐसा कोटेदार हैं, जिसके अनियमित वितरण की शिकायतें नहीं हुईं हैं। यह अलग बात है कि इन शिकायतों का लाभ गरीबों को कम और विभाग के लोगों को अधिक मिलता है। एक पीड़ित कोटेदार का कहना है कि एक जांच में कोटेदार का कम से कम दस हजार रुपये का खर्चा आता है। दिखाने के लिए लाइसेंस तो कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया जाता है, मगर बाद में बहाली के नाम पर कोटेदार का आर्थिक शोषण तहसील और विभाग वाले करते हैं। ग्राम पंचायत शिवपुर के कोटेदार की भी शिकायतें हुईं। जांच भी हुई। इसके लिए दुकानदार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। अब देखना है कि कार्रवाई होती भी है कि नही? हालांकि, जांच में शिकायतें सही पाई गईं। इसके लिए कोटेदार को पिछले तीन माह के वितरण रजिस्टर के साथ तलब किया गया है।
विज्ञापन
बस्ती।
तहसील भानपुर की ग्राम पंचायत शिवपुर में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर कोटेदार रामलाल को एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई गांव वालों की शिकायत पर हुई। जांच क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक ने की।
गरीबों के नाम पर आए राशन और केरोसिन को खुले बाजार में बेचने की शिकायतें आम हो गई हैं। जिले का शायद ही कोई ऐसा कोटेदार हैं, जिसके अनियमित वितरण की शिकायतें नहीं हुईं हैं। यह अलग बात है कि इन शिकायतों का लाभ गरीबों को कम और विभाग के लोगों को अधिक मिलता है। एक पीड़ित कोटेदार का कहना है कि एक जांच में कोटेदार का कम से कम दस हजार रुपये का खर्चा आता है। दिखाने के लिए लाइसेंस तो कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया जाता है, मगर बाद में बहाली के नाम पर कोटेदार का आर्थिक शोषण तहसील और विभाग वाले करते हैं। ग्राम पंचायत शिवपुर के कोटेदार की भी शिकायतें हुईं। जांच भी हुई। इसके लिए दुकानदार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। अब देखना है कि कार्रवाई होती भी है कि नही? हालांकि, जांच में शिकायतें सही पाई गईं। इसके लिए कोटेदार को पिछले तीन माह के वितरण रजिस्टर के साथ तलब किया गया है।
विज्ञापन