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जीरो पॉवर्टी अभियान : 29,700 परिवारों को गरीबी मुक्त करने का लक्ष्य
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बरेली। साल भर में जिले को अत्याधिक गरीबी से मुक्त करने के लिए जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत सर्वेक्षण पूरा हो गया है। जिले में 29,700 परिवारों को चिह्नित किया गया है। अगले वर्ष दो अक्तूबर तक इन्हें गरीबी मुक्त करने का लक्ष्य है।
अभियान के पहले चरण में प्रत्येक गांव से उन गरीब परिवारों की गिनती की गई, जिन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। ऐसे परिवारों के पास न घर की छत है और न ही बुनियादी सुविधाएं। इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा। चिह्नित परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर फंड) की भी मदद ली जाएगी।
निर्धनतम परिवारों का चयन चार मानकों पर किया गया है। पहला आवासहीन। दूसरा कच्चा मकान होना। तीसरा भूमिहीन और चौथा दिहाड़ी मजदूरी से गुजारा करने वाला परिवार है। चारों मानकों के साथ यह जरूर देखा जाएगा कि किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है या नहीं। 15 अक्तूबर से डाटा बेस का सत्यापन होना है। देखा जाएगा कि इन परिवारों को किसी योजना का लाभ मिला है या नहीं।
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सूचनाओं का सत्यापन होने के बाद इन परिवारों को लाभ देने का काम शुरू होगा। सत्यापन के लिए बनी ग्राम स्तरीय समिति में ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, विद्यालय के हेड मास्टर, दो स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष, आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। अमर उजाला ब्यूरो
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जीरो पावर्टी पोर्टल पर निर्धनतम परिवारों का डाटा फीड कर दिया गया। अब सत्यापन होना है। सत्यापन के बाद विभिन्न योजनाओं के माध्यम से चिह्नित परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा करने के लिए काम होगा।
कमल किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी
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अभियान के पहले चरण में प्रत्येक गांव से उन गरीब परिवारों की गिनती की गई, जिन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। ऐसे परिवारों के पास न घर की छत है और न ही बुनियादी सुविधाएं। इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा। चिह्नित परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर फंड) की भी मदद ली जाएगी।
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निर्धनतम परिवारों का चयन चार मानकों पर किया गया है। पहला आवासहीन। दूसरा कच्चा मकान होना। तीसरा भूमिहीन और चौथा दिहाड़ी मजदूरी से गुजारा करने वाला परिवार है। चारों मानकों के साथ यह जरूर देखा जाएगा कि किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है या नहीं। 15 अक्तूबर से डाटा बेस का सत्यापन होना है। देखा जाएगा कि इन परिवारों को किसी योजना का लाभ मिला है या नहीं।
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सूचनाओं का सत्यापन होने के बाद इन परिवारों को लाभ देने का काम शुरू होगा। सत्यापन के लिए बनी ग्राम स्तरीय समिति में ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, विद्यालय के हेड मास्टर, दो स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष, आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। अमर उजाला ब्यूरो
जीरो पावर्टी पोर्टल पर निर्धनतम परिवारों का डाटा फीड कर दिया गया। अब सत्यापन होना है। सत्यापन के बाद विभिन्न योजनाओं के माध्यम से चिह्नित परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा करने के लिए काम होगा।
कमल किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी