Shahjahanpur News: युवक की हत्या कर शव बरेली में रेलवे ट्रैक पर फेंका, 22 जनवरी से था लापता
शाहजहांपुर के जलालाबाद से 22 जनवरी से लापता युवक की हत्या कर दी गई। 23 जनवरी को उसका शव बरेली में रेल पटरी पर पड़ा मिला था। गुरुवार को शव की शिनाख्त हो सकी।
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शाजहांपुर के कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला गौसनगर निवासी कमलेश्वर सिंह के 26 वर्षीय बेटे सुजीत की हत्या कर दी गई। शव बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास फेंक दिया गया। परिजन ने बरेली पहुंचकर शव की शिनाख्त की। शुक्रवार दोपहर यहां शव पहुंचने पर घर में कोहराम मच गया।
सुजीत 22 जनवरी से लापता था। पिता कमलेश्वर ने 24 जनवरी को बेटे के लापता होने की पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी तो दर्ज कर ली, लेकिन उसे तलाशने में दिलचस्पी नहीं ली। बाद में पुलिस ने परिजनों के जानकारी देने पर सुरजीत की भाभी और पत्नी के अलावा थाना मदनापुर और फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। सुजीत तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि 23 जनवरी को फतेहगंज पुलिस ने सुजीत का शव बरामद किया था, लेकिन तब शिनाख्त नहीं हो पाई थी। उसकी हत्या की गई है। अभी घरवालों ने तहरीर नहीं दी है। मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
पिता बोले- भाड़े के हत्यारों से कराई वारदात
सुजीत के फोन पर 22 जनवरी की शाम किसी परिचित ने कॉल करके उन्हें बारह पत्थर चौराहे पर बुलाया था। घरवालों के अनुसार इसके बाद से ही वह लापता हो गया। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। पुलिस को सूचना देने के बाद घरवाले सुजीत की तलाश में जुट गए।
बताते हैं कि शक के आधार पर घरवालों ने मदनापुर निवासी एक युवक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद अन्य लोग हिरासत में लिए गए। कमलेश्वर सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने रुपये लेकर उनके बेटे की हत्या करने की बात पुलिस को बताई है। घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पटरी किनारे डाला गया है।
करीबियों पर ही हत्या का शव
कमलेश्वर सिंह का बड़े बेटे अजीत सिंह और मंझले सुजीत अपने परिवार के साथ एक ही मकान में रहते हैं, जबकि सबसे छोटा सुधीर दूसरे मकान में रहता है। कमलेश्वर अलग मकान में रहते हैं। कमलेश्वर मूल रूप से हरदोई के गांव दिबन्नापुर के रहने वाले हैं। वहां उनकी काफी जमीन है।
उन्होंने यहां भी काफी प्रॉपर्टी बना ली है। बताते हैं कि एक खेत को लेकर अजीत और सुजीत के बीच विवाद चल रहा था। कई बार झगड़ा भी हो चुका था। बड़े भाई की ससुराल जलालाबाद के पास गांव रूपापुर में है। इस मामले में हस्तक्षेप करने के कारण अजीत को छोड़कर बाकी घरवालों के रूपापुर के रिश्तेदारों से संबंध खराब चल रहे थे।