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Bareilly News: साल बीता... 80 करोड़ के विकास कार्यों में सिर्फ 20 फीसदी पूरे, अधिशासी अभियंता को फटकार

Sat, 08 Jun 2024 05:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2024 05:51 AM IST
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Year passed... only 20 percent of development works worth Rs 80 crores completed, executive engineer reprimanded
बरेली। बजट उपलब्ध था। कार्य के लक्ष्य भी तय थे। इसके बावजूद नगर निगम का निर्माण विभाग एक साल में सिर्फ 20 फीसदी काम ही करा सका। इस लापरवाही का खुलासा शुक्रवार को नगर निगम में हुई 15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा बैठक में हुआ। ढिलाई पर महापौर उमेश गौतम ने निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को फटकार लगाई। उनसे चार में से दो जोन के कार्यों की जिम्मेदारी छीन ली गई। एक्सईएन से छीने गए दोनों जोन का काम पर्यावरण अधिकारी देखेंगे।
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बैठक में महापौर ने काम में देरी का कारण पूछा तो अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। 80 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क, नाली समेत अन्य विकास कार्य मार्च 2025 तक पूरे होने हैं। इसमें अभी तक 50 फीसदी से अधिक काम हो जाने चाहिए थे। महापौर ने कहा कि, अधिकारियों के इस व्यवहार से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने निर्माण विभाग के एक्सईएन दिलीप कुमार शुक्ला समेत एई व जेई को चेतावनी देते हुए काम में सुधार की हिदायत दी।
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सीएम के आदेश का भी नहीं हो पालन
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पत्र जारी कर आदेश दिए गए थे कि किसी भी अधिकारी के पास फाइलें 24 घंटे से अधिक नहीं रुकनी चाहिए। यहां जब काम ही शुरू नहीं हुए तो पूरे कैसे होंगे? उन्होंने एक्सईएन से दो टूक कहा कि, शासन को लिखकर भेज देता हूं कि यहां कोई आदेश मानने को राजी नहीं है।
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काम का दबाव बताया तो महापौर बोले- भार कम कर दें
बैठक के दौरान बताया गया कि चीफ इंजीनियर अवकाश पर चल रहे हैं। इस वजह से काम अभी शुरू नहीं किए जा सकते। इस पर महापौर भड़क गए। एक्सईएन से कहा कि, चीफ इंजीनियर छुट्टी हैं तो क्या काम नहीं होंगे। एक साल से फाइलों को लेकर क्यों बैठे हो? उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि एक्सईएन काम नहीं करना चाहते हैं, उनका भार कम करें। इसके बाद पर्यावरण अधिकारी एसके राठी को चार में से दो जोन के काम की जिम्मेदारी सौंप दी गई। साथ ही हिदायत दी कि सोमवार तक रुके हुए काम शुरू हो जाएं।

शिफ्ट होगा ट्रांसफार्मर, जाम से मिलेगी मुक्ति
महापौर ने बैठक में जलकल, पर्यावरण व अन्य विभागों के लिए नौ कराेड़ रुपये स्वीकृत किए। इससे महादेव सेतु के नीचे लग रहे जाम से राहत के लिए सड़क के चौड़ीकरण व ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के काम किए जाएंगे। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, 15 नलकूप, वार्डों में सीवर लाइन बिछाई जाएंगी। इसके अलावा आचार संहिता में रुके कार्यों के वर्क ऑर्डर जल्द जारी करने के लिए भी कहा।

प्रत्येक वार्ड में होंगे 50 लाख के काम
शहर के 80 वार्डों में से प्रत्येक वार्ड में 50-50 लाख के काम होने हैं। इसमें सड़कों की मरम्मत, कच्ची गलियों को पक्का करना आदि शामिल हैं। इसको लेकर महापौर ने पार्षदों से एक सप्ताह के अंदर सड़काें, गलियों की सूची जमा करने के लिए कहा है। संवाद


निर्माण विभाग की कमियां सामने आई हैं। नगर निगम के चार में से दो जोन की जिम्मेदारी पर्यावरण अधिकारी को सौंपी गई है। एक साल पहले बजट स्वीकृत होने के बाद भी सिर्फ 20 प्रतिशत काम हुए हैं। बाकी 80 प्रतिशत अधूरे हैं या शुरू ही नहीं हुए हैं। शासन की छवि को धूमिल करने का प्रयास किसी भी हाल में स्वीकार नहीं है। - उमेश गौतम, महापौर
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