शाहजहांपुर। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन देवी के स्कंद माता स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। पूरे दिन भक्त माता के ध्यान में लीन रहे। देवी मंदिरों में आरती के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ी।
बुधवार सुबह उठकर देवी भक्तों ने व्रत व पूजन का संकल्प लिया। वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा स्कंदमाता का आह्वान किया गया। शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, फूलमती मंदिर, नवदुर्गा मंदिर, काली माता मंदिर आदि में देवी के दर्शन के लिए भक्त पहुंचे और माता का आशीर्वाद लिया।
काली देवी मंदिर के पुजारी राजकुमार ने बताया कि देवी मां का स्कंद माता स्वरूप प्रेम और वात्सल्य का प्रतीक है। स्कंद कुमार की माता होने की वजह से स्कंदमाता को अपना नाम मिला है। इनका वाहन इनकी तरह ही सौम्य सिंह है। स्कंदमाता के पूजन से घर में प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनता है।