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Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर राशि के अनुसार करें महादेव की पूजा, जानिए क्या चढ़ाने से मिलता है लाभ
Fri, 08 Mar 2024 08:29 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 08 Mar 2024 08:29 AM IST
सार
महाशिवरात्रि पर महादेव की आराधना का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि राशि के अनुसार भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से विशेष लाभ मिलता है।
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महाशिवरात्रि 2024
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में महाशिवरात्रि के पर्व का उल्लास है। शिवालयों में मध्यरात्रि से ही भगवान शिव का जलाभिषेक होने लगा। सुबह होते ही भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार महाशिवरात्रि पर महादेव की आराधना का विशेष महत्व है। राशि के अनुसार भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से विशेष लाभ मिलता है।
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जानिए क्या चढ़ाने से मिलता है लाभ
- शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से संतान प्राप्ति होती है।
- गन्ने का रस चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
- शहद चढ़ाने से आय में वृद्धि होती है।
- दही चढ़ाने से भौतिक सुख की प्राप्ति होती है।
- इत्र चढ़ाने से मोक्ष प्राप्ति होती है।
- गंगाजल चढ़ाने से पापों का नाश होता है।
- दूध-चीनी चढ़ाने से बुद्धि तीव्र होती है।
- घी चढ़ाने से वंश की वृद्धि होती है।
- सरसों का तेल चढ़ाने से शत्रुओं का नाश होता है।
- चावल चढ़ाने से धन-धान्य वृद्धि होती हैं।
- तिल चढ़ाने से पितृ दोष समाप्त होता है।
- पुष्प चढ़ाने से मानसिक शांति मिलती है।
- चंदन चढ़ाने से सम्मान मिलता है।
- धतूरा व बेलपत्र चढ़ाने से कष्टों से छुटकारा मिलता है।
(जैसा ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा ने बताया)
जलाभिषेक का मुहूर्त
शिवार्चन : सुबह सात से नौ बजे तक।
प्रदोष काल : शाम छह से आठ बजे तक।
निशा पूजन का समय : रात्रि 11 से एक बजे तक।
(जैसा ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा ने बताया)
राशि के अनुसार करें शिवार्चन
मेष : शहद, गुड़ से बनी वस्तुएं चढ़ाएं।
वृष : वेलपत्र, मिष्ठान अर्पित करें।
मिथुन : फल, बेलपत्र चढ़ाएं।
कर्क : दूध, गंगाजल चढ़ाएं।
सिंह : घी, चंदन अर्पित करें।
कन्या : इत्र, बेलपत्र चढ़ाएं।
तुला : शहद, सौभाग्य द्रव्य, इत्र चढ़ाएं।
वृश्चिक : भांग, धतूरा, आक पुष्प चढ़ाएं।
धनु : पीला चंदन, केसर अर्पित करें।
मकर : पंचामृत अर्पित करें।
कुम्भ : गंगाजल, दूध चढ़ाएं।
मीन : चीनी मिश्रित दूध चढ़ाएं।
(जैसा ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा ने बताया)
शिवार्चन : सुबह सात से नौ बजे तक।
प्रदोष काल : शाम छह से आठ बजे तक।
निशा पूजन का समय : रात्रि 11 से एक बजे तक।
(जैसा ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा ने बताया)
राशि के अनुसार करें शिवार्चन
मेष : शहद, गुड़ से बनी वस्तुएं चढ़ाएं।
वृष : वेलपत्र, मिष्ठान अर्पित करें।
मिथुन : फल, बेलपत्र चढ़ाएं।
कर्क : दूध, गंगाजल चढ़ाएं।
सिंह : घी, चंदन अर्पित करें।
कन्या : इत्र, बेलपत्र चढ़ाएं।
तुला : शहद, सौभाग्य द्रव्य, इत्र चढ़ाएं।
वृश्चिक : भांग, धतूरा, आक पुष्प चढ़ाएं।
धनु : पीला चंदन, केसर अर्पित करें।
मकर : पंचामृत अर्पित करें।
कुम्भ : गंगाजल, दूध चढ़ाएं।
मीन : चीनी मिश्रित दूध चढ़ाएं।
(जैसा ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा ने बताया)