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World Heart Day 2020: आराम तलबी ने युवाओं के दिल को भी बनाया निकम्मा, जल्दी थकने लगा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
युवाओं के थकते दिल भविष्य के लिए बड़े खतरे का संकेत संतुलित आहार, नियमित सक्रिय दिनचर्या से ही सुधरेगी दिल की हालत
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बरेली। नन्हीं सी उम्र में दिल जवाब देने लगे हैं। आराम तलब जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या व फास्ट फूड के चस्के ने युवाओं के दिल को कमजोर कर दिया है। डाक्टर कहते हैं कि युवाओं में ऐसे तमाम केस आ रहे हैं जहां हार्ट की पम्पिंग ठीक नहीं है। जिसकी वजह से ब्लॉकेज की समस्याएं आ रही हैं। आने वाले वक्त के लिए डाक्टर इसे खतरे की घंटी मानते हैं।
डाक्टरों का मानना है कि पिछले तीन दशकों में युवाओं और महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है। इसकी वजह आजकल की दौड़भाग भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान है। जो तरह तरह की बीमारियां दे रहा है। इसमें दिल की बीमारियां भी शामिल हैं। एसआरएमएस के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप पंत बताते हैं कि आजकल लोग आधुनिक और आराम तलब जीवन शैली के प्रभाव में अपने शरीर और उसकी जरूरतों को काफी ज्यादा नजर अंदाज करते हैं। फास्ट-फूड, जंक फूड व शराब का सेवन, ज्यादा फैट वाला मांस, ज्यादा तैलीय खाना आज लोगों की आदत में शामिल हो गया है। जरूरत से ज्यादा तनाव का सीधा असर भी दिल पर पड़ता है। कुछ वर्षों से युवा इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में युवा दिलों का थकना भविष्य के लिए ज्यादा खतरनाक संकेत हैं।
उन्होंने बताया कि जब हार्ट ठीक से पंप नहीं कर पाता है, तो हमें इससे संबंधित बीमारियों से घिरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है। यह ब्लॉकेज एक प्रकार के वसा की वजह से होता है। ब्लॉकेज से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और मस्तिष्क जैसे जरूरी अंगों को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाती। ब्लॉकेज ज्यादा होने पर हार्ट ब्लड को पंप नहीं कर पाता। इसका परिणाम दिल की अन्य दिक्कतों के साथ ही हार्ट अटैक के रूप में सामने आता है। इसके साथ ही डायबिटीज, चलने में सांस का फूलना भी हार्ट अटैक की वजह बन सकता है।
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डाक्टरों का मानना है कि पिछले तीन दशकों में युवाओं और महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है। इसकी वजह आजकल की दौड़भाग भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान है। जो तरह तरह की बीमारियां दे रहा है। इसमें दिल की बीमारियां भी शामिल हैं। एसआरएमएस के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप पंत बताते हैं कि आजकल लोग आधुनिक और आराम तलब जीवन शैली के प्रभाव में अपने शरीर और उसकी जरूरतों को काफी ज्यादा नजर अंदाज करते हैं। फास्ट-फूड, जंक फूड व शराब का सेवन, ज्यादा फैट वाला मांस, ज्यादा तैलीय खाना आज लोगों की आदत में शामिल हो गया है। जरूरत से ज्यादा तनाव का सीधा असर भी दिल पर पड़ता है। कुछ वर्षों से युवा इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में युवा दिलों का थकना भविष्य के लिए ज्यादा खतरनाक संकेत हैं।
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उन्होंने बताया कि जब हार्ट ठीक से पंप नहीं कर पाता है, तो हमें इससे संबंधित बीमारियों से घिरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है। यह ब्लॉकेज एक प्रकार के वसा की वजह से होता है। ब्लॉकेज से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और मस्तिष्क जैसे जरूरी अंगों को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाती। ब्लॉकेज ज्यादा होने पर हार्ट ब्लड को पंप नहीं कर पाता। इसका परिणाम दिल की अन्य दिक्कतों के साथ ही हार्ट अटैक के रूप में सामने आता है। इसके साथ ही डायबिटीज, चलने में सांस का फूलना भी हार्ट अटैक की वजह बन सकता है।
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