विश्व अल्जाइमर दिवस: भूलने की आदत को न करें नजरअंदाज, गंभीर बीमार के हो सकते हैं संकेत
अल्जाइमर के लक्षण अब 60 साल की उम्र से दिखने लगे हैं। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से अधिक है। बरेली के मनोचिकित्सक आशीष ने बताया कि शुरुआती पहचान से इलाज संभव है।
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करीब 70 वर्ष की आयु के बाद भूलने की बीमारी के लक्षण अब 60 साल की उम्र से ही लोगों में दिखने लगे हैं। इसमें पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या अधिक है। विशेषज्ञ के मुताबिक शुरुआत में बीमारी पता चल जाए तो इलाज मुमकिन है, देर से मुश्किल बढ़ सकती है।
बरेली के जिला अस्पताल मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष के मुताबिक अल्जाइमर भूलने की बीमारी है। इसके मरीज कहीं कुछ रखकर भूल जाते हैं, थोड़ी देर पहले कही बातें भी उन्हें याद नहीं रहती हैं। पहले यह बीमारी 70 पार के बुजुर्गों में होती थी लेकिन तनाव से भरी जीवनशैली की वजह से 60 की उम्र में ही लक्षण नजर आ रहे हैं।
प्रतिमाह आते हैं 30-35 मरीज
दूसरी ओर, कोई वस्तु कहीं रखकर भूल जाएं पर कुछ देर बाद मिलने पर उन्हें रखने की याद आ जाए या कोई बात कुछ समय तक याद न आए तो यह अल्जाइमर्स से नहीं है। अल्जाइसर्म में व्यक्ति बात, वस्तु के साथ चेहरे भी भूलने लगता है, जो बमुश्किल याद आते हैं। मनकक्ष में प्रतिमाह 30-35 अल्जाइमर के मरीज आते हैं, इसमें 70 पार वाले बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।
बताया कि महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से गिरता है। यह हार्मोन दिमाग की कोशिकाओं की रक्षा और सूजन कम करने में मदद करता है। इस कमी अल्जाइमर्स की आशंका बढ़ती है। न्यूरोइंफ्लेमेशन की प्रक्रिया से टॉक्सिक प्रोटीन महिलाओं में ज्यादा बनता है।
डॉ. आशीष के मुताबिक मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से लोगों में यह बीमारी होती है। अब तक बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिला है। जीवनशैली में बदलाव कर कुछ हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर बेहद ध्यान देने की जरूरत होती है। शुरुआत में सामान्य समझकर लोग ध्यान नहीं देते लेकिन जब बीमारी ज्यादा बढ़ जाती है तो लंबा इलाज कराना पड़ता है।
बढ़ती उम्र में याद्दाश्त बढ़ाने की गतिविधियां जरूरी
चिकित्सक ने बताया कि 60 पार के बाद मानसिक क्षमता मजबूत बनाए रखने के लिए नई चीजें सीखना, पढ़ना जारी रखना चाहिए। पहेलियां सुलझाएं, शतरंज खेलें। शारीरिक गतिविधि बनाएं जैसे तेज चलना, तैरना, साइकिल चलाना। इससे मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है। हरी सब्जी, ताजे फल, साबुत अनाज का सेवन करें। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह नियंत्रित रखें। अच्छी नींद लें। सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं। नशे से बचें।