फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   World Alzheimers Day Do not ignore forgetfulness it could be this serious disease

विश्व अल्जाइमर दिवस: भूलने की आदत को न करें नजरअंदाज, गंभीर बीमार के हो सकते हैं संकेत

Mon, 21 Sep 2026 05:36 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 21 Sep 2026 05:36 AM IST
सार

अल्जाइमर के लक्षण अब 60 साल की उम्र से दिखने लगे हैं। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से अधिक है। बरेली के मनोचिकित्सक आशीष ने बताया कि शुरुआती पहचान से इलाज संभव है। 

विज्ञापन
World Alzheimers Day Do not ignore forgetfulness it could be this serious disease
World Alzheimer's Day 2026 - फोटो : AI

विस्तार

करीब 70 वर्ष की आयु के बाद भूलने की बीमारी के लक्षण अब 60 साल की उम्र से ही लोगों में दिखने लगे हैं। इसमें पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या अधिक है। विशेषज्ञ के मुताबिक शुरुआत में बीमारी पता चल जाए तो इलाज मुमकिन है, देर से मुश्किल बढ़ सकती है।

विज्ञापन


बरेली के जिला अस्पताल मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष के मुताबिक अल्जाइमर भूलने की बीमारी है। इसके मरीज कहीं कुछ रखकर भूल जाते हैं, थोड़ी देर पहले कही बातें भी उन्हें याद नहीं रहती हैं। पहले यह बीमारी 70 पार के बुजुर्गों में होती थी लेकिन तनाव से भरी जीवनशैली की वजह से 60 की उम्र में ही लक्षण नजर आ रहे हैं। 
विज्ञापन


प्रतिमाह आते हैं 30-35 मरीज 
दूसरी ओर, कोई वस्तु कहीं रखकर भूल जाएं पर कुछ देर बाद मिलने पर उन्हें रखने की याद आ जाए या कोई बात कुछ समय तक याद न आए तो यह अल्जाइमर्स से नहीं है। अल्जाइसर्म में व्यक्ति बात, वस्तु के साथ चेहरे भी भूलने लगता है, जो बमुश्किल याद आते हैं। मनकक्ष में प्रतिमाह 30-35 अल्जाइमर के मरीज आते हैं, इसमें 70 पार वाले बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया कि महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से गिरता है। यह हार्मोन दिमाग की कोशिकाओं की रक्षा और सूजन कम करने में मदद करता है। इस कमी अल्जाइमर्स की आशंका बढ़ती है। न्यूरोइंफ्लेमेशन की प्रक्रिया से टॉक्सिक प्रोटीन महिलाओं में ज्यादा बनता है।

बीमारी का नहीं है इलाज, थेरेपी से नियंत्रण मुमकिन
डॉ. आशीष के मुताबिक मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से लोगों में यह बीमारी होती है। अब तक बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिला है। जीवनशैली में बदलाव कर कुछ हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर बेहद ध्यान देने की जरूरत होती है। शुरुआत में सामान्य समझकर लोग ध्यान नहीं देते लेकिन जब बीमारी ज्यादा बढ़ जाती है तो लंबा इलाज कराना पड़ता है।

बढ़ती उम्र में याद्दाश्त बढ़ाने की गतिविधियां जरूरी
चिकित्सक ने बताया कि 60 पार के बाद मानसिक क्षमता मजबूत बनाए रखने के लिए नई चीजें सीखना, पढ़ना जारी रखना चाहिए। पहेलियां सुलझाएं, शतरंज खेलें। शारीरिक गतिविधि बनाएं जैसे तेज चलना, तैरना, साइकिल चलाना। इससे मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है। हरी सब्जी, ताजे फल, साबुत अनाज का सेवन करें। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह नियंत्रित रखें। अच्छी नींद लें। सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं। नशे से बचें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed