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अस्पताल से चोरी किया बच्चा: कर्मचारी ने 40 हजार रुपये में रिश्तेदार को बेचा, 12 घंटे बाद दो आरोपी गिरफ्तार

Tue, 02 Jul 2024 10:21 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 02 Jul 2024 10:21 AM IST
सार

बरेली के डोहरा रोड स्थित अपोलो अस्पताल से बच्चा चोरी के मामले में पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया। अस्पताल के कर्मचारी ने ही बच्चा चुराया था। इसके बाद अपने रिश्तेदार को बेच दिया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

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worker stole baby from the hospital and sold it for 40 thousand rupees two accused arrested in bareilly
आरोपी फैजान और सबलू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के डोहरा रोड स्थित अपोलो अस्पताल से पीलीभीत के दंपती का एक महीने का बच्चा कर्मचारी ने ही चोरी कर लिया था। बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के 12 घंटे बाद पुलिस ने बच्चा तलाश कर लिया। जांच में पता लगा कि अस्पताल के कर्मचारी ने ही बच्चा चोरी कर 40 हजार रुपये में रिश्तेदार को बेच दिया था। दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। पुलिस अस्पताल की भी रिपोर्ट तैयार करके डीएम को भेजेगी। भारतीय न्याय संहिता की धारा 97 के तहत लिखी गई यह रिपोर्ट जिले में पहली और प्रदेश में तीसरी बताई जा रही है।

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पीलीभीत शहर में सुनगढ़ी गौंटिया निवासी सुशील कुमार गरीबों को कम रुपये में भोजन कराने वाली संस्था के लिए खाना बनाते हैं। सुशील ने बताया कि पत्नी कोमल ने एक महीने पहले पीलीभीत के प्राइवेट अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। उसका नाम इंद्रजीत रखा था। बेटे की तबीयत में सुधार नहीं होने पर वह उसे बरेली के अपोलो अस्पताल में ले आए। चार दिन उसे बेबी वॉर्मर में रखा गया था। परिवार के लोग भी अस्पताल में वक्त काट रहे थे। रविवार रात दो बजे के बाद किसी समय बच्चा चोरी कर लिया गया। सुबह छह बजे परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा किया।
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अस्पताल संचालक और स्टाफ से हुई थी पूछताछ 
बारादरी थाना प्रभारी अमित पांडेय पहुंचे तो देखा कि पूरे अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। पड़ोस की दुकान के एक कैमरे की फुटेज में सफेद शर्ट पहनकर अस्पताल में आ-जा रहे शख्स की धुंधली तस्वीर मिली। पुलिस ने शक के आधार पर अस्पताल संचालक व स्टाफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। 

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पता लगा कि नवाबगंज निवासी अस्पताल कर्मचारी फैजान ने बच्चे को चुराकर नवाबगंज की ही नई बस्ती निवासी रिश्तेदार सबलू को 40 हजार रुपये में बेच दिया था। रात दस बजे पुलिस ने बच्चा तलाश कर सबलू और फैजान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अस्पताल संचालक आरिफ हुसैन ने बताया कि उन्हें फैजान की हरकत की जानकारी नहीं है। वह बेकसूर हैं।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि बच्चे को अस्पताल का कर्मचारी फैजान ही चुरा ले गया था। उसने बच्चे को रिश्तेदार सबलू को बेचकर पांच हजार रुपये एडवांस ले लिए थे। आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को तलाश लिया गया है। 

लालच में फैजान ने किया बच्चा चोरी, फंसा तो कबूला
फैजान ने रुपयों के लालच में बच्चा चोरी किया की और अपने निसंतान रिश्तेदार सबलू से 40 हजार रुपये में उसका सौदा कर लिया। सोमवार सुबह जब पुलिस पहुंची तो अस्पताल स्टाफ ने खुद को बेकसूर बताते हुए सुशील के भाई को ही दोषी बनाने की कोशिश की। 

पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ शुरू की। कोई सुराग नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया। परिजनों ने जब बच्चे को नली लगी होने की जानकारी दी तो यह पुख्ता हो गया कि अस्पताल स्टाफ में से ही किसी ने यह कारस्तानी की है। सुशील की पत्नी कोमल ने यह भी बताया कि बच्चों वाले कक्ष का गेट दिन में बंद रखा जाता था। रात में अस्पताल वाले कमरे का गेट खुला छोड़ देते थे।

इस पर पुलिस ने संचालक आरिफ हुसैन, फैजान व अन्य कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। पड़ोस में लगे कैमरे की फुटेज में अस्पताल से जाते दिख रहे शख्स की कद-काठी फैजान से मिलती-जुलती थी। यह भी पता लगा कि रात में कुछ देर के लिए फैजान अस्पताल से गायब हुआ था।

पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गया और पूरी कहानी बयां कर दी। पुलिस ने सबलू को गिरफ्तार कर बच्चा बरामद कर लिया। इस बीच कुछ हिंदू संगठन भी सुशील की पैरवी में थाने पहुंच गए। सुशील के मालिक भी पीलीभीत से आ गए और मदद का भरोसा दिया। बच्चा मिला तो जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे परिजन निजी अस्पताल ले गए।

अस्पताल पर कार्रवाई के लिए लिखेगी पुलिस
पुलिस की जांच में पता लगा कि अपोलो अस्पताल केवल सामान्य पंजीकरण पर ही चल रहा है। पैनल में लिखे डॉक्टरों के नंबर जुटाकर बात की गई तो उन्हें पता ही नहीं था कि वह इस अस्पताल से जुड़े हैं। जबकि, कागजों में उन डॉक्टरों की विजिट यहां दिखाई गई थी। इंस्पेक्टर बारादरी अमित पांडेय ने बताया कि अपने अधिकारियों के जरिये वह प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल की रिपोर्ट सौंपेगे।
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