फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Women should understand... Delay in testing can lead to serious illness.

Bareilly News: महिलाएं समझें... जांच में लेटलतीफी, बन सकती है गंभीर बीमारी

Mon, 29 Sep 2025 02:06 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 29 Sep 2025 02:06 AM IST
विज्ञापन
Women should understand... Delay in testing can lead to serious illness.
बरेली। परिवार के कामकाज निपटाने में महिलाएं इस कदर व्यस्त हो जाती हैं कि वे अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखतीं। तमाम तरह की शारीरिक दिक्कतें शुरू होने पर भी वे जांच कराने नहीं आतीं। जिससे धीरे-धीरे छोटी सी तकलीफ गंभीर हो जाती है। जिससे पूरा परिवार प्रभावित होता है।शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद के दौरान यह बातें महिला चिकित्सकों ने साझा कीं।
विज्ञापन

संवाद में गायनी, पैथाेलॉजिस्ट, डेंटिस्ट, डर्मेटोलॉजिस्ट, सेक्सुअल हेल्थ, आईवीएफ व अन्य विशेषज्ञ महिला चिकित्सक शामिल रहीं। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. भारती सरन का कहना था कि न्यूट्रिशन, वैक्सीनेशन, प्रिवेंशन, फैमिली मोटीवेशन, मेंटल हेल्थ के प्रति सजग रहें तो तमाम तरह की बीमारियों से निजात मिल सकती है। कहा कि आर्थिक समस्या है तो सरकारी अस्पतालों में इलाज की निशुल्क सुविधाएं हैं। बशर्ते सेहत के प्रति जागरूकता जरूरी है।
विज्ञापन

डॉ. रितु राजीव ने कहा कि किशोरियां कई हार्मोनल बदलाव से गुजरती हैं। इसलिए न्यूट्रिशन पर ध्यान देना जरूरी है। इसलिए किसी तरह की दिक्कत हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें और जांच जरूर कराएं। नौ से 13 वर्ष की आयु में सर्वाइकल कैंसर रोधी वैक्सीन जरूर लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीण में जागरूकता का अभाव
पैथोलॉजिस्ट डॉ. रूपल गुप्ता का कहना था कि जांच के लिए पहुंचने वाली महिलाओं में 70 फीसदी शहरी, 30 फीसदी ग्रामीण होती हैं। जाहिर है कि ग्रामीण महिलाएं तकलीफ में भी जांच, इलाज से बचती हैं। जो बाद में ब्रेस्ट, सवाईकल, गाल ब्लैडर, ओरल कैंसर की चपेट में आती हैं। डॉ. फहमी खान ने कहा कि महिलाएं परिवार का तो पुरुषों को उनका ध्यान रखना चाहिए। तनावमुक्त रहें, इसका प्रयास करें। योग, ध्यान करें।

कॉस्मेटिक्स, ऑनलाइन डॉक्टरों से रहें दूर
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मेघा टंडन ने महिलाओं को कॉस्मेटिक्स का प्रयोग कम से कम करने का सुझाव दिया। कहा कि रील्स के ऑनलाइन डॉक्टरों द्वारा खूबसूरत बनने के उपाय अक्सर त्वचा रोग की वजह बनते हैं। बालों का झड़ना भी बड़ी समस्या है। अगर पौष्टिकता से भरपूर आहार खाएं तो इससे काफी राहत मिलेगी। डॉ. राशि अग्रवाल ने सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन, एनीमिया, मेनोपॉज, पीसीओडी से बचाव के बारे में बताया।


इन्होंने भी साझा किए विचार
डॉ. प्रीती वैश्य, डॉ. शाहिदा अली, डॉ. गायत्री सिंह, डॉ. दीपांविदा सरन, डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. मनमीत सेठी, डॉ. निमिषा गुप्ता, डॉ. अर्चना अग्रवाल, डॉ. आशु हिरानी, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. अंशिका खेतान, डॉ. कनुप्रिया कपिल ने महिला संबंधी रोग और निजात के उपाय बताए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed