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खाने के पैकेट नहीं मिले तो महिलाओं ने किया हंगामा
Tue, 14 Apr 2020 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2020 12:13 AM IST
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तहसील में भोजन के इंतजार में बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
तहसील में नोकझोंक के बाद कर्मचारियों ने कुछ पैकेट लाकर महिलाओं को दिए
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बरेली। तहसील में बनाए गए कम्युनिटी किचन में घंटों इंतजार के बाद जब खाना नहीं मिला तो महिलाएं तहसील के बाहर बैठ गई। वहां से गुजर रहे समाजसेवियों ने तो भोजन के पैकेट उन्हें दे दिए, लेकिन कम्युनिटी किचन से खाना नहीं दिया गया। इस पर अंदर बच्चों के साथ भूखी महिलाओं के सब्र टूट गया और उन्होंने हंगामा शुरू करा दिया। महिलाओं से नोकझोंक के बाद कुछ कर्मचारियों ने कुछ पैकेट लाकर महिलाओं को दिए।
चौपुला के पास रेलवे कालोनी, गिहार बस्ती समेत अन्य इलाकों से झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली तमाम महिलाएं तहसील पहुंच गईं। उसके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थी। महिलाएं खाने के पैकेट पाने के लिए कई घंटों इंतजार करती रहीं। गिहार बस्ती की रहने वाली रामवती ने बताया कि उसके पति रिक्शा चलाते हैं। लंबे वक्त से काम नहीं मिला। घर में जो रखा था, वह भी खत्म हो गया। बच्चों का खिलाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। गिहार बस्ती की रहने वाली राधा और पिक्की देवी सहित तमाम महिलाओं ने बताया कि घर में भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। गुड़िया का कहना है कि उसका राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया है। कोटेदार ने राशन नहीं दिया। तहसील में आए तो यहां भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इसी तमाम और महिलाएं जिसमें बुजुर्ग भी शामिल थी, तहसील में खाना मिलने का इंतजार करती रहीं। कुछ महिलाएं परेशान होकर गेट पर बैठ गई। वहां से गुजर रहे कुछ समाजसेवियों ने रुककर उन्हें खाने के पैकेट दिए। अंदर तहसील में खाना न मिलने से परेशान महिलाओं की कर्मचारियों से साथ नोकझोंक भी हो गई। बाद में उन्होंने हंगामा भी किया।
चौपुला के पास रेलवे कालोनी, गिहार बस्ती समेत अन्य इलाकों से झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली तमाम महिलाएं तहसील पहुंच गईं। उसके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थी। महिलाएं खाने के पैकेट पाने के लिए कई घंटों इंतजार करती रहीं। गिहार बस्ती की रहने वाली रामवती ने बताया कि उसके पति रिक्शा चलाते हैं। लंबे वक्त से काम नहीं मिला। घर में जो रखा था, वह भी खत्म हो गया। बच्चों का खिलाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। गिहार बस्ती की रहने वाली राधा और पिक्की देवी सहित तमाम महिलाओं ने बताया कि घर में भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। गुड़िया का कहना है कि उसका राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया है। कोटेदार ने राशन नहीं दिया। तहसील में आए तो यहां भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इसी तमाम और महिलाएं जिसमें बुजुर्ग भी शामिल थी, तहसील में खाना मिलने का इंतजार करती रहीं। कुछ महिलाएं परेशान होकर गेट पर बैठ गई। वहां से गुजर रहे कुछ समाजसेवियों ने रुककर उन्हें खाने के पैकेट दिए। अंदर तहसील में खाना न मिलने से परेशान महिलाओं की कर्मचारियों से साथ नोकझोंक भी हो गई। बाद में उन्होंने हंगामा भी किया।
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