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मंगेतर के कमरे में सीतापुर की युवती का फंदे से लटका मिला शव
Mon, 25 Mar 2019 01:14 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Mar 2019 01:14 AM IST
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थाना सदर बाजार कोतवाली के मोहल्ला बहादुरपुरा में रविवार सुबह मंगेतर के किराये के कमरे में सीतापुर की युवती का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मृतका के बहनोई की सूचना पर फंदे से शव उतरवाकर पोस्टमार्टम को भेजा। मौके से फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य के लिए फिंगर प्रिंट लिए हैं।
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सीतापुर के थाना हरगांव के जहांगीराबाद निवासी 22 वर्षीय श्रुति पिता शिवपाल सिंह, मां सुनीता के साथ दिल्ली में रहकर एक फैक्टरी में काम करती थी। वह बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, परीक्षा देने के लिए होली से पहले 25 फरवरी को अपने गांव आ गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद शनिवार को वह सीतापुर से रोडवेज बस से दोपहर में शाहजहांपुर पहुंची।
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यहां उसे रोजा के गांव शेरपुर निवासी बादाम सिंह मिल गया। बादाम सिंह भी साथ में दिल्ली में काम करता है और उससे श्रुति का रिश्ता तय हो चुका था, इसलिए वह बादाम सिंह के साथ शहर के मोहल्ला बहादुरपुरा स्थित नसीम खां के किराये के मकान में श्रुति को लेकर पहुंच गया। जहां कमरे में बादाम और श्रुति थी, जबकि बादाम की मां अन्नपूर्णा अपने गांव शेरपुर में थी।
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जब श्रुति दिल्ली में माता-पिता के पास नहीं पहुंची, तो पिता ने बड़ी बेटी सोनी सिंह व उसके पति परमवीर सिंह को जानकारी दी। परमवीर सुबह करीब सात बजे बहादुरपुरा स्थित बादाम सिंह के मकान पर पहुंचे, तो वहां श्रुति और बादाम सिंह व बादाम का भाई पद्म सिंह मौजूद थे। परमवीर ने बताया कि पद्म सिंह अपने भाई बादाम को गांव शेरपुर स्थित घर ले जाना चाह रहा था लेकिन श्रुति उसे जाने नहीं देना चाह रही थी।
परमवीर ने श्रुति से मऊखालसा चलने को कहा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद परमवीर अपने गांव चला गया, गांव से पत्नी सोनी के साथ सुबह करीब नौ बजे दोबारा कमरे पर लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने किसी तरह दरवाजा खोला तो देखा श्रुति का शव धोती के सहारे पंखे के कुंडे से फंदे पर लटका हुआ था।
घटना को लेकर खड़े हो रहे सवाल
बहादुरपुरा मोहल्ले में जिस मकान में श्रुति ने फंदे पर लटककर जान दी, उस मकान में बादाम सिंह की मां दूसरी मंजिल पर पश्चिमी किनारे पर बने कमरे में रहती हैं। बादाम सिंह श्रुति के सगे बहनोई परमवीर की बुआ का बेटा है। श्रुति से बादाम से रिश्ते को लेकर परमवीर और उसके परिजन खुश नहीं थे। कमरे में फंदे से लटकी श्रुति के पैर चारपाई को छू रहे थे। रविवार सुबह परमवीर कमरे पर आया तो श्रुति जिंदा थी, फिर ऐसी कौन सी बात हुई जो वह फंदे पर लटक गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कमरे का दरवाजा खुला था।