लखीमपुर खीरी में भेड़िये का खौफ: घर में घुसकर बकरे को दबोच ले गया वन्यजीव, आठ दिन पहले बच्ची की हुई थी मौत
लखीमपुर खीरी जनपद के गांव कुर्तैहा में भेड़िये का खौफ बढ़ता जा रहा है। आठ दिन में दूसरी घटना हुई है। शनिवार सुबह गांव के एक घर में घुसकर भेड़िया बकरे को दबोच ले गया।
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लखीमपुर खीरी जनपद में धौरहरा वन रेंज के गांव कुर्तैहा में शनिवार को एक घर में घुसकर भेड़िया घुस गया। भेड़िया बकरे को दबोच ले गया। भेड़िये की दहशत में ग्रामीण सहमे हुए हैं। भेड़िए के न पकड़े जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष है।
गांव के मुजफ्फर के यहां सुबह आठ बजे घर के आंगन में पांच वर्षीय आदिल बकरे के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक गन्ने के खेत से निकला भेड़िया घर में घुसकर झपट्टा मारते हुए बकरे को दबोच ले गया। वन्यजीव को देख मासूम बच्चा चीख पड़ा। मुजफ्फर के मुताबिक दो भेड़िये एक साथ आए थे। एक घर के बाहर देखा गया, जबकि दूसरे भेड़िये ने हमला किया। गनीमत रही कि भेड़िये ने आदिल पर हमला नहीं किया।
ग्रामीण बोले- झुंड में घूम रहे तीन भेड़िये
ग्रामीणों ने आशंका जाहिर करते हुए बताया कि आदमखोर भेड़िया बहराइच से नदी पार करके आया है। एक हफ्ते से लगातार शिकार लिए गांव के आसपास तीन भेड़िये झुंड में घूम रहे हैं। लोग भेड़िये के भय से खेतों की तरफ अकेले जाने में डरते है। रेंजर नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में आठ कैमरे लगाए गए हैं। कुर्तैहा गांव में टीम लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
चार अक्तूबर को गांव कुर्तैहा में मां के साथ कमरे में सो रही बच्ची को वन्यजीव दबोच ले गया था। बच्ची का शव अगले दिन गांव के बाहर घाघरा नदी में उतराता मिला था। बच्ची के परिजनों का कहना था कि बच्ची को भेड़िया उठाकर ले गया था, जबकि वन विभाग ने तेंदुए की आशंका जताई थी।
हाथियों ने मचाया उत्पात, उजाड़ी गन्ने की फसल
किशनपुर सेंक्चुरी में नेपाली हाथियों ने शुक्रवार की रात नौ बजे जंगल से निकलकर बफरजोन मैलानी रेंज की सीमा से सटे खुटार रेंज सिहुरा बीट के पिपरा और केसरियापुर गांव के खेतों में धावा बोला। इंद्रेश, सचिन समेत कई किसानों की गन्ने की फसल खाई और रौंदकर नष्ट कर दी। सुबह हाथी जंगल की ओर चले गए। निगरानी टीमों के मुताबिक, शनिवार को हाथियों की लोकेशन चलतुआ जंगल में मिली।