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अभी रौद्र रूप दिखाएगी सर्दी
Updated Mon, 18 Dec 2017 01:43 AM IST
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अगले एक हफ्ते तक मौसम में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। तराई के इलाकों में सुबह-शाम कोहरा पड़ेगा। दिन में हल्की धूप खिलेगी। रात में ठंड कभी कम तो कभी अधिक रहेगी। क्रिसमस-डे यानी 25 दिसंबर के बाद मौसम का मिजाज बदलेगा और सर्दी अपना रौद्र रूप दिखाएगी। नए साल से पहले घने कोहरे की चादर और गलन बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने फिलहाल इसी तरह का मौसम बने रहने की भविष्यवाणी की है।
रविवार को रात का तापमान 6.9 और दिन का तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और शाम गलन रही लेकिन दिन में तेज धूप रही। उत्तराखंड से सटे तराई इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा रहा और दिन में धूप की तीव्रता भी मैदानी इलाकों की तुलना में कम रही। चार से पांच दिन तक मौसम ठंडा और आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। हालांकि दोपहर बाद आसमान में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। धूप की तीव्रता कभी कम तो कभी अधिक रहेगी। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि 24 या 25 दिसंबर तक मौसम में खास तब्दीली नहीं होगी। मैदानी इलाकों में दिन में कभी कम तो कभी ज्यादा तीव्रता की धूप खिलेगी लेकिन पछुवा हवा और गलन की वजह से धूप में भी ठंड बरकरार रहेगी। आसमान भी अमूमन साफ रहेगा। बारिश के कोई आसार नहीं हैं। 25 दिसंबर के बाद सुबह और शाम को घना कोहरा होगा। रात में भी कोहरा पड़ेगा। धूप की तीव्रता कम हो जाएगी। सर्दी में ठिठुरन और गलन भी बढ़ेगी।
बेहतर होगी आम फसल
आईवीआरआई के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रनजीत सिंह का कहना है कि नवंबर-दिसंबर में आम के बौर का कलिका भेदन होता है। इसके बाद जनवरी-फरवरी में बौर निकलता है। रात में अभी तक पाला नहीं पड़ा है। कोहरे का प्रकोप भी बहुत अधिक नहीं है। दिन में धूप खिल रही है। इससे आम के पेड़ों में कलिका भेदन बेहतर तरीके से हो रहा है क्योंकि आम को जितनी ठंडी जलवायु की जरूरत है, उतनी मिल रही है। अगर रात में कुछ दिन पाला और नहीं पड़ा तो आम का उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं।
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रबी की फसलों को भी फायदा
प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि इस समय दिन और रात का तापमान जिस तरह से चल रहा है, वह गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अगर कोहरा कुछ ज्यादा गिरता है तो गेहूं की फसल और अच्छी होगी। ठंड अधिक पड़ने पर किसान अपने खेत में हल्का पानी लगाकर उसमें नमी बनाए रखें। दिन में धूप खिलने से मौसम सरसों के लिए भी बहुत लाभकारी है क्योंकि धूप न निकलने की स्थिति में सरसों के फूल पर मधुमक्खी नहीं आती। ऐसे मौसम में सरसों के फूल पर मधुमक्खी का आना जरूरी है क्योंकि इससे परागकण कम नहीं होते। दिन में धूप ठीक-ठाक निकल रही है तो सरसों पर परागकण अधिक संख्या में आएंगे। इससे फूल को फली बनने में आसानी होगी। शीतलहर के बीच में धूप निकलना जरूरी है।
पाला न पड़े तो सब्जियों को भी लाभ
अगर रात में पाला न पड़े। सुबह-शाम हल्का कोहरा और दिन में धूप खिली रहे तो आलू की पैदावार बढ़ेगी। 17 से 22 डिग्री का तापमान आलू के लिए मुफीद है। पत्ता गोभी, फूल गोभी, सोया, मेथी, बैंगन, मटर, टमाटर, गाजर आदि के लिए भी ये मौसम बेहद मुफीद है, बस इनका रात में पाला से बचाव करना जरूरी है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर तीन या चार दिन किसी वजह से धूप न निकले और रात में कोहरा और पाला पड़ने लगे तो किसान खेत में तुरंत हल्की सिंचाई कर दें। खेत में सब्जियों को ढक कर रखें।
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रविवार को रात का तापमान 6.9 और दिन का तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और शाम गलन रही लेकिन दिन में तेज धूप रही। उत्तराखंड से सटे तराई इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा रहा और दिन में धूप की तीव्रता भी मैदानी इलाकों की तुलना में कम रही। चार से पांच दिन तक मौसम ठंडा और आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। हालांकि दोपहर बाद आसमान में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। धूप की तीव्रता कभी कम तो कभी अधिक रहेगी। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि 24 या 25 दिसंबर तक मौसम में खास तब्दीली नहीं होगी। मैदानी इलाकों में दिन में कभी कम तो कभी ज्यादा तीव्रता की धूप खिलेगी लेकिन पछुवा हवा और गलन की वजह से धूप में भी ठंड बरकरार रहेगी। आसमान भी अमूमन साफ रहेगा। बारिश के कोई आसार नहीं हैं। 25 दिसंबर के बाद सुबह और शाम को घना कोहरा होगा। रात में भी कोहरा पड़ेगा। धूप की तीव्रता कम हो जाएगी। सर्दी में ठिठुरन और गलन भी बढ़ेगी।
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बेहतर होगी आम फसल
आईवीआरआई के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रनजीत सिंह का कहना है कि नवंबर-दिसंबर में आम के बौर का कलिका भेदन होता है। इसके बाद जनवरी-फरवरी में बौर निकलता है। रात में अभी तक पाला नहीं पड़ा है। कोहरे का प्रकोप भी बहुत अधिक नहीं है। दिन में धूप खिल रही है। इससे आम के पेड़ों में कलिका भेदन बेहतर तरीके से हो रहा है क्योंकि आम को जितनी ठंडी जलवायु की जरूरत है, उतनी मिल रही है। अगर रात में कुछ दिन पाला और नहीं पड़ा तो आम का उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं।
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रबी की फसलों को भी फायदा
प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि इस समय दिन और रात का तापमान जिस तरह से चल रहा है, वह गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अगर कोहरा कुछ ज्यादा गिरता है तो गेहूं की फसल और अच्छी होगी। ठंड अधिक पड़ने पर किसान अपने खेत में हल्का पानी लगाकर उसमें नमी बनाए रखें। दिन में धूप खिलने से मौसम सरसों के लिए भी बहुत लाभकारी है क्योंकि धूप न निकलने की स्थिति में सरसों के फूल पर मधुमक्खी नहीं आती। ऐसे मौसम में सरसों के फूल पर मधुमक्खी का आना जरूरी है क्योंकि इससे परागकण कम नहीं होते। दिन में धूप ठीक-ठाक निकल रही है तो सरसों पर परागकण अधिक संख्या में आएंगे। इससे फूल को फली बनने में आसानी होगी। शीतलहर के बीच में धूप निकलना जरूरी है।
पाला न पड़े तो सब्जियों को भी लाभ
अगर रात में पाला न पड़े। सुबह-शाम हल्का कोहरा और दिन में धूप खिली रहे तो आलू की पैदावार बढ़ेगी। 17 से 22 डिग्री का तापमान आलू के लिए मुफीद है। पत्ता गोभी, फूल गोभी, सोया, मेथी, बैंगन, मटर, टमाटर, गाजर आदि के लिए भी ये मौसम बेहद मुफीद है, बस इनका रात में पाला से बचाव करना जरूरी है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर तीन या चार दिन किसी वजह से धूप न निकले और रात में कोहरा और पाला पड़ने लगे तो किसान खेत में तुरंत हल्की सिंचाई कर दें। खेत में सब्जियों को ढक कर रखें।