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मिलेगा नया आयाम : चार लैब और दौड़ लगाने के लिए बनेगा हाईटेक ट्रैक
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कृषि महाविद्यालय। संवाद
बहेड़ी। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय में पांच करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से बन रहे कृषि भवन के साथ चार लैब और दौड़ लगाने के लिए विद्यार्थियों के लिए खाली पड़ी जमीन पर हाईटेक ट्रैक बनाया जाएगा। एक आलीशान ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। इससे यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी और नया आयाम स्थापित होगा।
पीडब्ल्यूडी विभाग से एस्टीमेट पास होने के बाद इसका बजट भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पास हो चुका है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से इसको लेकर अनुबंध भी हो चुका है। बहुत जल्द ही निर्माण कार्य को आरंभ कर दिया जाएगा। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इससे कॉलेज में पढ़ने वाले कृषि विभाग के विद्यार्थियों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। तमाम कोशिशों के बाद वर्ष जुलाई 2016 बीएससी (एजी) की मान्यता मिल गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन एमएससी (एजी) की मान्यता लाने की तैयारी में जुट गया है। कॉलेज में कृषि विभाग में करीब 600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
छात्रों को लैब सहित कृषि भवन की जरूरत थी। इसको देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह के साथ बैठक की थी। प्रबंध समिति की बैठक में इस पर मुहर लगी थी। डीएम रविंद्र कुमार ने पिछले दिनों कॉलेज का निरीक्षण कर निर्देश दिए थे। यहां समस्त निर्माण कार्यों पर एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव नजर रखेंगी। संवाद
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पीडब्ल्यूडी विभाग से एस्टीमेट पास होने के बाद इसका बजट भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पास हो चुका है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से इसको लेकर अनुबंध भी हो चुका है। बहुत जल्द ही निर्माण कार्य को आरंभ कर दिया जाएगा। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इससे कॉलेज में पढ़ने वाले कृषि विभाग के विद्यार्थियों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। तमाम कोशिशों के बाद वर्ष जुलाई 2016 बीएससी (एजी) की मान्यता मिल गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन एमएससी (एजी) की मान्यता लाने की तैयारी में जुट गया है। कॉलेज में कृषि विभाग में करीब 600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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छात्रों को लैब सहित कृषि भवन की जरूरत थी। इसको देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह के साथ बैठक की थी। प्रबंध समिति की बैठक में इस पर मुहर लगी थी। डीएम रविंद्र कुमार ने पिछले दिनों कॉलेज का निरीक्षण कर निर्देश दिए थे। यहां समस्त निर्माण कार्यों पर एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव नजर रखेंगी। संवाद
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