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कुबूला जुर्म, प्रेमी के साथ की थी पति की हत्या
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बरेली। जैसा पहले से शक था, सुभाषनगर की वैष्णोधाम कॉलोनी में संजय गुप्ता की हत्या में उनकी पत्नी ज्योति और उसके प्रेमी अब्बास का ही हाथ निकला। चार दिन पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने के बाद सोमवार को ज्योति ने जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस को उसने बताया कि संजय को उसने खाने में नींद की गोली दे दी थी। बाद में अर्द्धबेहोशी की हालत में प्रेमी के साथ गला घोटकर उनकी हत्या कर दी।
संजय गुप्ता का अपना घर बिहारीपुर मेमरान में था लेकिन उसमें कुछ निर्माण कराने के लिए वह सुभाषनगर की वैष्णोधाम कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। एक जून को इसी घर में उनकी हत्या कर दी गई थी। बदायूं के टिकटगंज में रहने वाले संजय के बहनोई दिनेश चंद्र गुप्ता ने शक की बुनियाद पर थाना सुभाषनगर में संजय की पत्नी ज्योति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो जून को पुलिस ने ज्योति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।
पुलिस को भी ज्योति की गतिविधियों के कारण उसी पर था लेकिन ज्योति ने अलग-अलग कहानियां सुनाकर चार दिन तक पुलिस को उलझाए रखा। सख्ती किए जाने के बाद सोमवार को उसने अपने प्रेमी बिहारीपुर के किशोर बाजार निवासी अब्बास के साथ पति की हत्या करने का जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने अब्बास को भी गिरफ्तार कर लिया।
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ज्योति और अब्बास ने पुलिस को बताया कि योजना के तहत अब्बास ने एक जून को दिन में नींद की गोलियां ज्योति को दी थीं। ज्योति ने ये गोलियां रात को खाने में मिलाकर संजय को खिला दी थीं। गहरी नींद में होने की वजह से इसके बाद संजय रोज की तरह सोने से पहले दरवाजे में ताला लगाने भी नहीं गए। ज्योति से ताला लगाने को कहकर बेड पर लेट गए। ज्योति ने मेसेज किया तो कुछ ही देर में अब्बास पहुंच गया।
इसके बाद दोनों ने दुपट्टे से फंदा बनाकर संजय की गर्दन में कस दिया। संजय शरीर से तगड़े थे, दम घुटने से नींद टूटी तो उन्होंने फंदे में हाथ डालकर उठने की कोशिश करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। इसी बीच वह बेड से नीचे गिर गए। इसके बाद अब्बास ने पास में ही पड़ी लकड़ी की फंटी उठाकर संजय के सिर पर कई वार कर दिए। इससे संजय की मौत हो गई। पुलिस ने ज्योति और अब्बास अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
अब्बास से मिलने से रोका तब बनाई हत्या की योजना
ज्योति ने पुलिस को बताया संजय को उस पर शक था, वह उससे मारपीट भी करते थे। उसके संबंध अब्बास से थे। पति से तंग आकर वह 17 नवंबर 2021 को अब्बास के साथ चली भी गई थी। संजय ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में लिखवाई थी। कुछ दिनों बाद वह घर लौटी तो समझौता हो गया। इसके बाद भी वह अब्बास से मिलती रही। अब्बास वैष्णोधाम कॉलोनी में उसके किराए के मकान में भी मिलने आने लगा था। संजय को इसका पता लगा तो रोकटोक करने लगे। इसी के बाद उसने अब्बास ने मिलकर संजय की हत्या की योजना बनाई।
बेटी ने पुलिस को बताया सच
संजय की बेटी निशी ने घटना के दिन ही परिवार और पुलिस को बताया था कि एक अंकल घर में आए थे जिन्होंने पापा के साथ मारपीट की। पापा काफी रोए भी थे। अचानक पापा की आवाज बंद हो गई। इसके बाद मम्मी ने बदायूं फोन कर फूफा दिनेश को पापा की अचानक मौत होने की जानकारी दी थी। बता दें कि पुलिस ने घटना के दिन बिहारीपुर में ससुराल वालों को फोन न करने की वजह पूछी तो ज्योति जवाब नहीं दे पाई थी।
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संजय गुप्ता का अपना घर बिहारीपुर मेमरान में था लेकिन उसमें कुछ निर्माण कराने के लिए वह सुभाषनगर की वैष्णोधाम कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। एक जून को इसी घर में उनकी हत्या कर दी गई थी। बदायूं के टिकटगंज में रहने वाले संजय के बहनोई दिनेश चंद्र गुप्ता ने शक की बुनियाद पर थाना सुभाषनगर में संजय की पत्नी ज्योति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो जून को पुलिस ने ज्योति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।
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पुलिस को भी ज्योति की गतिविधियों के कारण उसी पर था लेकिन ज्योति ने अलग-अलग कहानियां सुनाकर चार दिन तक पुलिस को उलझाए रखा। सख्ती किए जाने के बाद सोमवार को उसने अपने प्रेमी बिहारीपुर के किशोर बाजार निवासी अब्बास के साथ पति की हत्या करने का जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने अब्बास को भी गिरफ्तार कर लिया।
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ज्योति और अब्बास ने पुलिस को बताया कि योजना के तहत अब्बास ने एक जून को दिन में नींद की गोलियां ज्योति को दी थीं। ज्योति ने ये गोलियां रात को खाने में मिलाकर संजय को खिला दी थीं। गहरी नींद में होने की वजह से इसके बाद संजय रोज की तरह सोने से पहले दरवाजे में ताला लगाने भी नहीं गए। ज्योति से ताला लगाने को कहकर बेड पर लेट गए। ज्योति ने मेसेज किया तो कुछ ही देर में अब्बास पहुंच गया।
इसके बाद दोनों ने दुपट्टे से फंदा बनाकर संजय की गर्दन में कस दिया। संजय शरीर से तगड़े थे, दम घुटने से नींद टूटी तो उन्होंने फंदे में हाथ डालकर उठने की कोशिश करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। इसी बीच वह बेड से नीचे गिर गए। इसके बाद अब्बास ने पास में ही पड़ी लकड़ी की फंटी उठाकर संजय के सिर पर कई वार कर दिए। इससे संजय की मौत हो गई। पुलिस ने ज्योति और अब्बास अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
अब्बास से मिलने से रोका तब बनाई हत्या की योजना
ज्योति ने पुलिस को बताया संजय को उस पर शक था, वह उससे मारपीट भी करते थे। उसके संबंध अब्बास से थे। पति से तंग आकर वह 17 नवंबर 2021 को अब्बास के साथ चली भी गई थी। संजय ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में लिखवाई थी। कुछ दिनों बाद वह घर लौटी तो समझौता हो गया। इसके बाद भी वह अब्बास से मिलती रही। अब्बास वैष्णोधाम कॉलोनी में उसके किराए के मकान में भी मिलने आने लगा था। संजय को इसका पता लगा तो रोकटोक करने लगे। इसी के बाद उसने अब्बास ने मिलकर संजय की हत्या की योजना बनाई।
बेटी ने पुलिस को बताया सच
संजय की बेटी निशी ने घटना के दिन ही परिवार और पुलिस को बताया था कि एक अंकल घर में आए थे जिन्होंने पापा के साथ मारपीट की। पापा काफी रोए भी थे। अचानक पापा की आवाज बंद हो गई। इसके बाद मम्मी ने बदायूं फोन कर फूफा दिनेश को पापा की अचानक मौत होने की जानकारी दी थी। बता दें कि पुलिस ने घटना के दिन बिहारीपुर में ससुराल वालों को फोन न करने की वजह पूछी तो ज्योति जवाब नहीं दे पाई थी।