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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Who will understand the pain of the innocent

इस मासूम के दर्द को कौन समझेगा

Wed, 27 Jul 2016 12:50 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Wed, 27 Jul 2016 12:50 AM IST
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15 साल की एक गरीब लड़की को नौकरी का झांसा देकर सोनभद्र की महिला तस्कर अपने ले आई। तीन महीने तक उसका यौन शोषण कर जब उसे बेचने के लिए पंजाब भेजने लगी तो 10 मार्च को जंक्शन पर आरपीएफ के हत्थे लग गई। तब से जीआरपी केस की फाइल को दबाए बैठी है। लड़की को न्याय मिलना तो दूर उसे परिवार के पास पहुंचाने के प्रयास तक नहीं हो रहे हैं। वह सोनभद्र जिले के पिछड़े इलाके की रहने वाली है। इस समय वह वहीं के एक आश्रम में रह रही है।  
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किशोरी को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया था। चाइल्ड लाइन टीम ने कई दिन उसकी काउंसलिंग की तब जाकर वह बयान देने की अवस्था में आ सकी। बच्ची ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने बयान दिया था कि महिला ने तीन महीने तक उसे अपने पास रखा। जहां दो लड़कों ने उसका यौन शोषण किया। लड़की के इस बयान के बावजूद मामले में सीडब्ल्यूसी और पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। लड़की की तस्करी और यौन शोषण जैसे गंभीर मामले में जीआरपी पूरी तरह से असंवेदनशील दिखी। इस घटना की जांच जीआरपी दरोगा राजेंद्र सिरोही को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर सुनील दत्त से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि विवेचक का तबादला हो गया है। केस आरपीएफ को ट्रांसफर हो गया था। जबकि आरपीएफ इंस्पेक्टर तेजपाल सिंह ने बताया कि तस्करी के केस में कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसलिए उन्होंने आरोपी महिला प्रेम कुमारी का रेलवे एक्ट में चालान कर दिया था।  
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तस्करी का रैकेट चलाती थी, पुलिस ने छोड़ दिया    
पकड़ी गई महिला सोनभद्र के ओबरा निवासी राजू की पत्नी प्रेम कुमारी है। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि महिला से पूछताछ करने पर स्वीकारा था कि वह लड़की को पंजाब बेचने के इरादे से ले जा रही थी। प्रारंभिक जांच में उसके महिला तस्करी रैकेट से जुड़े होने के संकेत मिले थे। पर पुलिस ने इसे जानने के बावजूद मामले को दबा दिया। 
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भटकने का मजबूर है लड़की, नहीं पहुंच सकी घर  
चाइल्ड लाइन के रमनजीत ने बताया कि वह 18 मार्च को लड़की को सोनभद्र के बालिका आश्रम छोड़ आए थे क्योंकि लड़की के पिता ने पहुंचने में असमर्थता जताई थी। सोनभद्र रावटगंज स्थित बालिका गृह की अध्यक्षिका नीलम सिंह ने बताया कि लड़की के पिता दो बार बेटी को लेने आश्रम आए हैं पर उनके पास कोई गवाह नहीं था, जिस कारण उन्हें लड़की नहीं सौंपी जा सकी। अब वह कह रहे हैं कि जब उनके पास किराए के लिए रुपए हो जाएंगे तब आकर बेटी को ले जाएंगे। 
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